1 Corinthians · chapter 11 · verse 17
1 Corinthians 11:17 in Hindi
परनतु यह आज्ञा देते हुए, मैं तुम्हें नहीं सराहता, इसलिये कि तुम्हारे इकट्ठे होने से भलाई नहीं, परन्तु हानि होती है।
Paranatu yah aajnyaa dete hue, maim tumhem naheem saraahataa, isaliye ki tumhaare ikatthe hone se bhalaaee naheem, parantu haani hotee hai.
1 Corinthians 11:17 in English
- King James Version (KJV)
- Now in this that I declare [unto you] I praise [you] not, that ye come together not for the better, but for the worse.
- World English Bible (WEB)
- But in giving you this command I don’t praise you, because you come together not for the better but for the worse.
- American Standard Version (ASV)
- But in giving you this charge, I praise you not, that ye come together not for the better but for the worse.
- Bible in Basic English (BBE)
- But in giving you this order, there is one thing about which I am not pleased: it is that when you come together it is not for the better but for the worse.
- Darby Translation (DBY)
- But [in] prescribing [to you on] this [which I now enter on], I do not praise, [namely,] that ye come together, not for the better, but for the worse.
- Webster's Bible (WBS)
- Now in this that I declare [to you] , I praise [you] not, that ye come together not for the better, but for the worse.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And this declaring, I give no praise, because not for the better, but for the worse ye come together;
Read in context
- 15परन्तु यदि स्त्री लम्बे बाल रखे; तो उसके लिये शोभा है क्योंकि बाल उस को ओढ़नी के लिये दिए गए हैं।
- 16परनतु यदि कोई विवाद करना चाहे, तो यह जाने कि न हमारी और न परमेश्वर की कलीसियों की ऐसी रीति है।।
- 17परनतु यह आज्ञा देते हुए, मैं तुम्हें नहीं सराहता, इसलिये कि तुम्हारे इकट्ठे होने से भलाई नहीं, परन्तु हानि होती है।
- 18क्योंकि पहिले तो मैं यह सुनता हूं, कि जब तुम कलीसिया में इकट्ठे हाते हो, तो तुम में फूट होती है और मैं कुछ कुछ प्रतीति भी करता हूं।
- 19क्यांकि विधर्म भी तुम में अवश्य होंगे, इसलिये कि जो लागे तुम में खरे निकले हैं, वे प्रगट हो जांए।
Cross references
- Hebrews 10:25 इब्रानियों 10:25और एक दूसरे के साथ इकट्ठा होना ने छोड़ें, जैसे कि कितनों की रीति है, पर एक दूसरे को समझाते रहें; और ज्यों ज्यों उस दिन को निकट आते देखो, त्यों त्यों और भी अधिक यह किया करो।।
- 1 Corinthians 14:23 1 कुरिन्थियों 14:23सो यदि कलीसिया एक जगह इकट्ठी हो, और सब के सब अन्यान्य भाषा बोलें, और अनपढ़े या अविश्वासी लोग भीतर आ जाएं तो क्या वे तुम्हें पागल न कहेंगे?
- 1 Peter 2:14 1 पतरस 2:14और हाकिमों के, क्योंकि वे कुकर्मियों को दण्ड देने और सुकर्मियों की प्रशंसा के लिये उसके भेजे हुए हैं।
- 1 Corinthians 11:22 1 कुरिन्थियों 11:22क्या खाने पीने के लिये तुम्हारे घर नहीं? या परमेश्वर की कलीसिया को तुच्छ जानते हो, और जिन के पास नहीं है उन्हें लज्जित करते हो? मैं तुम से क्या कहूं? क्या इस बात में तुम्हारी प्रशंसा करूं? मैं प्रशंसा नहीं करता।
- Isaiah 58:1–4 यशायाह 58:1–4गला खोलकर पुकार, कुछ न रख छोड़, नरसिंगे का सा ऊंचा शब्द कर; मेरी प्रजा को उसका अपराध अर्थात् याकूब के घराने को उसका पाप जता दे। वे प्रति दिन मेरे पास आते और मेरी गति बूझने की इच्छा ऐसी रखते हैं मानो वे धर्मी लोगे हैं जिन्हों ने अपने परमेश्वर के नियमों को नहीं टाला; वे मुझ से धर्म के नियम पूछते और परमेश्वर के निकट आने से प्रसन्न होते हैं। वे कहते हैं, क्या कारए है कि हम ने तो उपवास रखा, परन्तु तू ने इसकी सुधि नहीं ली? हम ने दु:ख उठाया, परन्तु तू ने कुछ ध्यान नहीं दिया? सुनो, उपवास के दिन तुम अपनी ही इच्छा पूरी करते हो और अपने सेवकों से कठिन कामों को कराते हो। सुनो, तुम्हारे उपवास का फल यह होता है कि तुम आपस में लड़ते और झगड़ते और दुष्टता से घूंसे मारते हो। जैसा उपवास तुम आजकर रखते हो, उस से तुम्हारी प्रार्थना ऊपर नहीं सुनाई देगी।
- Leviticus 19:17 लैव्यव्यवस्था 19:17अपने मन में एक दूसरे के प्रति बैर न रखना; अपने पड़ोसी को अवश्य डांटना नहीं, तो उसके पाप का भार तुझ को उठाना पड़ेगा।
- 1 Corinthians 14:26 1 कुरिन्थियों 14:26इसलिये हे भाइयो क्या करना चाहिए? जब तुम इकट्ठे होते हो, तो हर एक के हृदय में भजन, या उपदेश, या अन्यभाषा, या प्रकाश, या अन्यभाषा का अर्थ बताना रहता है: सब कुछ आत्मिक उन्नति के लिये होना चाहिए।
- 1 Corinthians 11:2 1 कुरिन्थियों 11:2हे भाइयों, मैं तुम्हें सराहता हूं, कि सब बातों में तुम मुझे स्मरण करते हो: और जो व्यवहार मैं ने तुम्हें सौंप दिए हैं, उन्हें धारण करते हो।
- Jeremiah 7:9–10 यिर्मयाह 7:9–10तुम जो चोरी, हत्या और व्यभिचार करते, झूठी शपथ खाते, बाल देवता के लिये धूप जलाते, और दूसरे देवताओं के पीछे जिन्हें तुम पहिले नहीं जानते थे चलते हो, तो क्या यह उचित है कि तुम इस भवन में आओ जो मेरा कहलाता है, और मेरे साम्हने खड़े होकर यह कहो कि हम इसलिये छूट गए हैं कि ये सब घृणित काम करें?
- Isaiah 1:13–14 यशायाह 1:13–14व्यर्थ अन्नबलि फिर मत लाओ; धूप से मुझे घृणा है। नये चांद और विश्रामदिन का मानना, और सभाओं का प्रचार करना, यह मुझे बुरा लगता है। महासभा के साथ ही साथ अनर्थ काम करना मुझ से सहा नहीं जाता। तुम्हारे नये चांदों और नियत पर्वों के मानने से मैं जी से बैर रखता हूं; वे सब मुझे बोझ से जान पड़ते हैं, मैं उनको सहते सहते उकता गया हूं।
- 1 Corinthians 11:34 1 कुरिन्थियों 11:34यदि कोई भूखा हो, तो अपने घर में खा ले जिस से तुम्हार इकट्ठा होना दण्ड का कारण न हो: और शेष बातों को मैं आकर ठीक कर दूंगा।।
- 1 Corinthians 11:20 1 कुरिन्थियों 11:20सो तुम जो एक जगह में इकट्ठे होते हो तो यह प्रभु भोज खाने के लिये नहीं।
Original words (Greek)
- Now · G1161δέ dé
- this · G5124τοῦτο toûto
- declare · G3853παραγγέλλω parangéllō
- praise · G1867ἐπαινέω epainéō
- not · G3756οὐ ou
- that · G3754ὅτι hóti
- together · G4905συνέρχομαι synérchomai
- not · G3756οὐ ou
- for · G1519εἰς eis
- better · G2909κρείττων kreíttōn
- but · G235ἀλλά allá
- for · G1519εἰς eis
- worse · G2276ἥττον hḗtton