Isaiah · chapter 10 · verse 23
Isaiah 10:23 in Hindi
क्योंकि प्रभु सेनाओं के यहोवा ने सारे देश का सत्यानाश कर देना ठाना है।।
Kyonki prabhu senaaom ke yahovaa ne saare desh kaa satyaanaash kar denaa thaanaa hai..
Isaiah 10:23 in English
- King James Version (KJV)
- For the Lord GOD of hosts shall make a consumption, even determined, in the midst of all the land.
- World English Bible (WEB)
- For the Lord, GOD of Armies, will make a full end, and that determined, throughout all the earth.
- American Standard Version (ASV)
- For a full end, and that determined, will the Lord, Jehovah of hosts, make in the midst of all the earth.
- Bible in Basic English (BBE)
- For the Lord, the Lord of armies, is about to make destruction complete in all the land.
- Darby Translation (DBY)
- For a consumption, and [one] determined, will the Lord, Jehovah of hosts, accomplish in the midst of all the land.
- Webster's Bible (WBS)
- For the Lord GOD of hosts will make a consumption, even determined, in the midst of all the land.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For a consumption that is determined, The Lord, Jehovah of Hosts, Is making in the midst of all the land.
Read in context
- 21याकूब में से बचे हुए लोग पराक्रमी परमेश्वर की ओर फिरेंगे।
- 22क्योंकि हे इस्राएल, चाहे तेरे लोग समुद्र की बालू के किनकों के समान भी बहुत हों, तौभी निश्चय है कि उन में से केवल बचे लोग भी लौटेंगे। सत्यानाश तो पूरे न्याय के साथ ठाना गया है।
- 23क्योंकि प्रभु सेनाओं के यहोवा ने सारे देश का सत्यानाश कर देना ठाना है।।
- 24इसलिये प्रभु सेनाओं का यहोवा यों कहता है, हे सिरयोन में रहनेवालों मेरी प्रजा, अश्शूर से मत डर; चाहे वह सोंटें से तुझे मारे और मि की नाई तेरे ऊपर छड़ी उठाएं।
- 25क्योंकि अब थोड़ी ही देर है कि मेरी जलन और क्रोध उनका सत्यानाश करके शान्त होगा
Cross references
- Isaiah 28:22 यशायाह 28:22इसलिये अब तुम ठट्ठा मत करो, नहीं तो तुम्हारे बन्धन कसे जाएंगे; क्योंकि मैं ने सेनाओं के प्रभु यहोवा से यह सुना है कि सारे देश का सत्यानाश ठाना गया है।।
- Isaiah 24:1–23 यशायाह 24:1–23सुनों, यहोवा पृथ्वी को निर्जन और सुनसान करने पर है, वह उसको उलटकर उसके रहनेवालों को तितर बितर करेग। और जैसी यजमान की वैसी याजक की; जैसी दास की वैसी स्वमी की; जैसी दासी की वैसी स्वामिनी की; जैसी लेनेवाले की वैसी बेचनेवाले की; जैसी उधार देनेवाले की वैसी उधार लेनेवाले की; जैसी ब्याज लेनेवाले की वैसी ब्याज देनेवाले की; सभों की एक ही दशा होगी। पृथ्वी शून्य और सत्यानाश हो जाएगी; क्योंकि यहोवा ही ने यह कहा है।। पृथ्वी विलाप करेगी और मुर्झाएगी, जगत कुम्हलाएगा और मुर्झा जाएगा; पृथ्वी के महान लोग भी कुम्हला जाएंगे। पृथ्वी अपने रहनेवालों के कारण अशुद्ध हो गई है, क्योंकि उन्हों ने व्यवस्था का उल्लंघन किया और विधि को पलट डाला, और सनातन वाचा को तोड़ दिया है। इस कारण पृथ्वी को शाप ग्रसेगा और उस में रहनेवाले दोषी ठहरेंगे; और इसी कारण पृथ्वी के निवासी भस्म होंगे और थोड़े ही मनुष्य रह जाएंगे। नया दाखमधु जाता रहेगा, दाखलता मुर्झा जाएगी, और जितने मन में आनन्द करते हैं सब लम्बी लम्बी सांस लेंगे। डफ का सुखदाई शब्द बन्द हो जाएगा, वीणा का सुखदाई शब्द शान्त हो जाएगा। वे गाकर फिर दाखमधु न पीएंगे; पीनेवाले को मदिरा कड़ुकी लगेगी। गड़बड़ी मचानेवाली नगरी नाश होगी, उसका हर एक घर ऐसा बन्द किया जाएगा कि कोई पैठ न सकेगा। सड़कों में लोग दाखमधु के लिये चिल्लाएंगे; आनन्द मिट जाएगा: देश का सारा हर्ष जाता रहेगा। नगर उजाड़ ही उजाड़ रहेगा, और उसके फाटक तोड़कर नाश किए जाएंगे। क्योंकि पृथ्वी पर देश देश के लोगों में ऐसा होगा जैसा कि जलपाइयों के झाड़ने के समय, वा दाख तोड़ने के बाद कोई कोई फल रह जाते हैं।। वे लोग गला खोलकर जयजयकार करेंगे, और यहोवा के महात्म्य को देखकर समुद्र से ललकारेंगे। इस कारण पूर्व में यहोवा की महिमा करो, और समुद्र के द्वीपों में इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के नाम का गुणानुवाद करो। पृथ्वी की छोर से हमें ऐसे गीत की ध्वनि सुन पड़ती है, कि धर्मी की महिमा और बड़ाई हो। परन्तु मैं ने कहा, हाय, हाय! मैं नाश हो गया, नाश! क्योंकि विश्वासघाती विश्वासघात करते, वे बड़ा ही विश्वासघात करते हैं।। हे पृथ्वी के रहनेवालों तुम्हारे लिये भय और गड़हा और फन्दा है! जो कोई भय के शब्द से भागे वह गड़हे में गिरेगा, और जो कोई गड़हे में से निकले वह फन्दे में फंसेगा। क्योंकि आकाश के झरोखे खुल जाएंगे, और पृथ्वी की नेव डोल उठेगी। पृथ्वी अत्यन्त कम्पायमान होगी। वह मतवाले की नाईं बहुत डगमगाएगी और मचान की नाई डोलेगी; वह अपने पाप के बोझ से दबकर गिरेगी और फिर न उठेगी।। उस समय ऐसा होगा कि यहोवा आकाश की सेना को आकाश में और पृथ्वी के राजाओं को पृथ्वी ही पर दण्ड देगा। वे बंधुओं की नाई गड़हे में इकट्ठे किए जाएंगे और बन्दीगृह में बन्द किए जाएंगे; और बहुत दिनों के बाद उनकी सुधि ली जाएगी। तब चन्द्रमा संकुचित हो जाएगा और सूर्य लज्जित होगा; क्योंकि सेनाओं का यहोवा सिरयोन पर्वत पर और यरूशलेम में अपनी प्रजा के पुरनियों के साम्हने प्रताप के साथ राज्य करेगा।।
- Isaiah 14:26–27 यशायाह 14:26–27यही युक्ति सारी पृथ्वी के लिये ठहराई गई है; और यह वही हाथ है जो सब जातियों पर बढ़ा हुआ है। क्योंकि सेनाओं के यहोवा ने युक्ति की है और कौन उसका टाल सकता है? उसका हाथ बढ़ाया गया है, उसे कौन रोक सकता है?
- Daniel 4:35 दानिय्येल 4:35पृथ्वी के सब रहनेवाले उसके साम्हने तुच्छ गिने जाते हैं, और वह स्वर्ग की सेना और पृथ्वी के रहनेवालों के बीच अपनी इच्छा के अनुसार काम करता है; और कोई उसको रोककर उस से नहीं कह सकता है, तू ने यह क्या किया है?
- Romans 9:28 रोमियों 9:28क्योंकि प्रभु अपना वचन पृथ्वी पर पूरा करके, धार्मिकता से शीघ्र उसे सिद्ध करेगा।