Isaiah · chapter 10 · verse 24
Isaiah 10:24 in Hindi
इसलिये प्रभु सेनाओं का यहोवा यों कहता है, हे सिरयोन में रहनेवालों मेरी प्रजा, अश्शूर से मत डर; चाहे वह सोंटें से तुझे मारे और मि की नाई तेरे ऊपर छड़ी उठाएं।
Isaliye prabhu senaaom kaa yahovaa yom kahataa hai, he sirayon mem rahanevaalom meree prajaa, ashshoor se mat dar; chaahe vah sontem se tujhe maare aur mi kee naaee tere oopar chhadee uthaaen.
Isaiah 10:24 in English
- King James Version (KJV)
- Therefore thus saith the Lord GOD of hosts, O my people that dwellest in Zion, be not afraid of the Assyrian: he shall smite thee with a rod, and shall lift up his staff against thee, after the manner of Egypt.
- World English Bible (WEB)
- Therefore the Lord, GOD of Armies, says, “My people who dwell in Zion, don’t be afraid of the Assyrian, though he strike you with the rod, and lift up his staff against you, as Egypt did.
- American Standard Version (ASV)
- Therefore thus saith the Lord, Jehovah of hosts, O my people that dwellest in Zion, be not afraid of the Assyrian, though he smite thee with the rod, and lift up his staff against thee, after the manner of Egypt.
- Bible in Basic English (BBE)
- For this cause the Lord, the Lord of armies, says, O my people living in Zion, have no fear of the Assyrian, even if his rod comes on your back, and his stick is lifted up as in Egypt.
- Darby Translation (DBY)
- Therefore thus saith the Lord, Jehovah of hosts: O my people that dwellest in Zion, be not afraid of the Assyrian; he shall smite thee with a rod, and shall lift up his staff against thee, after the manner of Egypt:
- Webster's Bible (WBS)
- Therefore thus saith the Lord GOD of hosts, O my people that dwellest in Zion, be not afraid of the Assyrian: he shall smite thee with a rod, and shall lift up his staff against thee, after the manner of Egypt.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Therefore, thus said the Lord, Jehovah of Hosts, 'Be not afraid, my people, inhabiting Zion, because of Asshur, With a rod he doth smite thee, And his staff lifteth up against thee, in the way of Egypt.
Read in context
- 22क्योंकि हे इस्राएल, चाहे तेरे लोग समुद्र की बालू के किनकों के समान भी बहुत हों, तौभी निश्चय है कि उन में से केवल बचे लोग भी लौटेंगे। सत्यानाश तो पूरे न्याय के साथ ठाना गया है।
- 23क्योंकि प्रभु सेनाओं के यहोवा ने सारे देश का सत्यानाश कर देना ठाना है।।
- 24इसलिये प्रभु सेनाओं का यहोवा यों कहता है, हे सिरयोन में रहनेवालों मेरी प्रजा, अश्शूर से मत डर; चाहे वह सोंटें से तुझे मारे और मि की नाई तेरे ऊपर छड़ी उठाएं।
- 25क्योंकि अब थोड़ी ही देर है कि मेरी जलन और क्रोध उनका सत्यानाश करके शान्त होगा
- 26और सेनाओं का यहोवा उसके विरूद्ध कोड़ा उठाकर उसको ऐसा मारेगा जैसा उस ने ओरेब नाम चट्टान पर मिद्यानियों को मारा था; और जेया उस ने मिस्त्रियों के विरूद्ध समुद्र पर लाठी बढ़ाई, वैसा ही उसकी ओर भी बढ़ाएगा।
Cross references
- Hebrews 12:22–24 इब्रानियों 12:22–24पर तुम सिरयोन के पहाड़ के पास, और जीवते परमेश्वर के नगर स्वर्गीय यरूशलेम के पास। और लाखों स्वर्गदूतों और उन पहिलौठों की साधारण सभा और कलीसिया जिन के नाम स्वर्ग में लिखे हुए हैं: और सब के न्यायी परमेश्वर के पास, और सिद्ध किए हुए धर्मियों की आत्माओं। और नई वाचा के मध्यस्थ यीशु, और छिड़काव के उस लोहू के पास आए हो, जो हाबिल के लोहू से उत्तम बातें कहता है।
- Isaiah 61:3 यशायाह 61:3और सिरयोन के विलाप करनेवालों के सिर पर की राख दूर करके सुन्दर पगड़ी बान्ध दूं, कि उनका विलाप दूर करके हर्ष का तेल लगाऊं और उनकी उदासी हटाकर यश का ओढ़ना ओढ़ाऊं; जिस से वे धर्म के बांजवृक्ष और यहोवा के लगाए हुए कहलाएं और जिस से उसकी महिमा प्रगट हो।
- Isaiah 37:6 यशायाह 37:6तब यशायाह ने उन से कहा, अपने स्वामी से कहो, यहोवा यों कहता है कि जो वचन तू ने सुने हैं जिनके द्वारा अश्शूर के राजा के जनों में मेरी निन्दा की है, उनके कारण मत डर।
- Isaiah 14:29 यशायाह 14:29हे सारे पलिश्तीन तू इसलिये आनन्द न कर, कि तेरे मारनेवाले की लाठी टूट गई, क्योंकि सर्प की जड़ से एक काला नाग उत्पन्न होगा, और उसका फल एक उड़नेवाला और तेज विषवाला अग्निसर्प होगा।
- Isaiah 10:5 यशायाह 10:5अश्शूर पर हाय, जो मेरे क्रोध का लठ और मेरे हाथ में का सोंटा है! वह मेरा क्रोध है।
- Isaiah 35:4 यशायाह 35:4घबरानेवालों से कहो, हियाव बान्धो, मत डरो! देखो, तुम्हारा परमेश्वर पलटा लेने और प्रतिफल देने को आ रहा है। हां, परमेश्वर आकर तुम्हारा उद्धार करेगा।।
- Isaiah 37:22 यशायाह 37:22उसके विषय यहोवा ने यह वचन कहा है, सिरयोन की कुमारी कन्या तुझे तुच्छ जानती है और ठट्ठों में उड़ाती है; यरूशलेम की पुत्री तुझ पर सिर हिलाती है।।
- Isaiah 4:3 यशायाह 4:3और जो कोई सिरयोन में बचा रहे, और यरूशलेम में रहे, अर्थात् यरूशलेम में जितनों के नाम जीवनपत्रा में लिखे हों, वे पवित्रा कहलाएंगे।
- Isaiah 33:14–16 यशायाह 33:14–16सिरयोन के पापी थरथरा गए हैं: भक्तिहीनों को कंपकंपी लगी है: हम में से कोन प्रचण्ड आग में रह सकता? हम में से कौन उस आग में बना रह सकता है जो कभी नहीं बुझेगी? जो धर्म से चलता और सीधी बातें बोलता; जो अन्धेर के लाभ से घृणा करता, जो घूस नही लेता; जो खून की बात सुनने से कान बन्द करता, और बुराई देखने से आंख मूंद लेता है। वही ऊंचे स्थानों में निवास करेगा। वह चट्टानों के गढ़ों में शरण लिए हुए रहेगा; उसको रोटी मिलेगी और पानी की घटी कभी न होगी।।
- Isaiah 27:7 यशायाह 27:7क्या उस ने उसे मारा जैसा उस ने उसके मारनेवालों को मारा था? क्या वह घात किया गया जैसे उसके घात किए हुए घात हुए?
- Exodus 5:14 निर्गमन 5:14और इस्राएलियों में से जिन सरदारों को फिरौन के परिश्रम करानेवालों ने उनका अधिकारी ठहराया था, उन्हों ने मार खाई, और उन से पूछा गया, कि क्या कारण है कि तुम ने अपनी ठहराई हुई ईंटों की गिनती के अनुसार पहिले की नाई कल और आज पूरी नहीं कराई?
- Isaiah 30:19 यशायाह 30:19हे सिरयोन के लोगों तुम यरूशलेम में बसे रहो; तुम फिर कभी न रोओगे, वह तुम्हारी दोहाई सुनते ही तुम पर निश्चय अनुग्रह करेगा: वह सुनते ही तुम्हारी मानेगा।
Original words (Hebrew)
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- Lord · H136אֲדֹנָי ʼĂdônây
- hosts · H6635צָבָא tsâbâʼ
- people · H5971עַם ʻam
- dwellest · H3427יָשַׁב yâshab
- Zion · H6726צִיּוֹן Tsîyôwn
- afraid · H3372יָרֵא yârêʼ
- Assyrian · H804אַשּׁוּר ʼAshshûwr
- smite · H5221נָכָה nâkâh
- rod · H7626שֵׁבֶט shêbeṭ
- up · H5375נָשָׂא nâsâʼ
- staff · H4294מַטֶּה maṭṭeh
- manner · H1870דֶּרֶךְ derek
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim