Daniel · chapter 4 · verse 35
Daniel 4:35 in Hindi
पृथ्वी के सब रहनेवाले उसके साम्हने तुच्छ गिने जाते हैं, और वह स्वर्ग की सेना और पृथ्वी के रहनेवालों के बीच अपनी इच्छा के अनुसार काम करता है; और कोई उसको रोककर उस से नहीं कह सकता है, तू ने यह क्या किया है?
Pruthvee ke sab rahanevaale usake saamhane tuchchh gine jaate haim, aur vah svarg kee senaa aur pruthvee ke rahanevaalom ke beech apanee ichchhaa ke anusaar kaam karataa hai; aur koee usako rokakar us se naheem kah sakataa hai, too ne yah kyaa kiyaa hai?
Daniel 4:35 in English
- King James Version (KJV)
- And all the inhabitants of the earth [are] reputed as nothing: and he doeth according to his will in the army of heaven, and [among] the inhabitants of the earth: and none can stay his hand, or say unto him, What doest thou?
- World English Bible (WEB)
- All the inhabitants of the earth are reputed as nothing; and he does according to his will in the army of heaven, and among the inhabitants of the earth; and no one can stop his hand, or ask him, “What are you doing?”
- American Standard Version (ASV)
- and all the inhabitants of the earth are reputed as nothing; and he doeth according to his will in the army of heaven, and among the inhabitants of the earth; and none can stay his hand, or say unto him, What doest thou?
- Bible in Basic English (BBE)
- And all the people of the earth are as nothing: he does his pleasure in the army of heaven and among the people of the earth: and no one is able to keep back his hand, or say to him, What are you doing?
- Darby Translation (DBY)
- And all the inhabitants of the earth are reputed as nothing; and he doeth according to his will in the army of the heavens, and among the inhabitants of the earth; and none can stay his hand, or say unto him, What doest thou?
- Webster's Bible (WBS)
- And all the inhabitants of the earth [are] reputed as nothing: and he doeth according to his will in the army of heaven, and [among] the inhabitants of the earth: and none can stay his hand, or say to him, What doest thou?
- Young's Literal Translation (YLT)
- and all who are dwelling on the earth as nothing are reckoned, and according to his will He is doing among the forces of the heavens and those dwelling on the earth, and there is none that doth clap with his hand, and saith to Him, What hast Thou done?
Read in context
- 33उसी घड़ी यह वचन नबूकदनेस्सर के विषय में पूरा हुआ। वह मनुष्यों में से निकाला गया, और बैलों की नाईं घास चरने लगा, और उसकी देह आकाश की ओस से भीगती थी, यहां तक कि उसके बाल उकाब पक्षियों के परों से और उसके नाखून चिड़ियों के चंगुलों के समान बढ़ गए।।
- 34उन दिनों के बीतने पर, मुझ नबूकदनेस्सर ने अपनी आंखें स्वर्ग की ओर उठाईं, और मेरी बुद्धि फिर ज्यों की त्यों हो गई; तब मैं ने परमप्रधान को धन्य कहा, और जो सदा जीवित है उसकी स्तुति और महिमा यह कहकर करने लगा: उसकी प्रभुता सदा की है और उसका राज्य पीढ़ी से पीढ़ी तब बना रहनेवाला है।
- 35पृथ्वी के सब रहनेवाले उसके साम्हने तुच्छ गिने जाते हैं, और वह स्वर्ग की सेना और पृथ्वी के रहनेवालों के बीच अपनी इच्छा के अनुसार काम करता है; और कोई उसको रोककर उस से नहीं कह सकता है, तू ने यह क्या किया है?
- 36उसी समय, मेरी बुद्धि फिर ज्यों की त्यों हो गई; और मेरे राज्य की महिमा के लिये मेरा प्रताप और मुकुट मुझ पर फिर आ गया। और मेरे मन्त्री और प्रधान लोग मुझ से भेंट करने के लिये आने लगे, और मैं राज्य में स्थिर हो गया; और मेरी और अधिक प्रशंसा होने लगी।
- 37अब मैं नबूकदनेस्सर स्वर्ग के राजा को सराहता हूं, और उसकी स्तुति और महिमा करता हूं क्योंकि उसके सब काम सच्चे, और उसके सब व्यवहार न्याय के हैं; और जो लोग घमण्ड से चलते हैं, उन्हें वह नीचा कर सकता है।।
Cross references
- Job 42:2 अय्यूब 42:2मैं जानता हूँ कि तू सब कुछ कर सकता है, और तेरी युक्तियों में से कोई रूक नहीं सकती।
- Psalm 135:6 भजन संहिता 135:6जो कुछ यहोवा ने चाहा उसे उस ने आकाश और पृथ्वी और समुद्र और सब गहिरे स्थानों में किया है।
- Psalm 115:3 भजन संहिता 115:3हमारा परमेश्वर तो स्वर्ग में हैं; उस ने जो चाहा वही किया है।
- Romans 11:33–36 रोमियों 11:33–36आहा! परमेश्वर का धन और बुद्धि और ज्ञान क्या ही गंभीर है! उसके विचार कैसे अथाह, और उसके मार्ग कैसे अगम हैं! प्रभु कि बुद्धि को किस ने जाना? या उसका मंत्री कौन हुआ? या किस ने पहिले उसे कुछ दिया है जिस का बदला उसे दिया जाए। क्योंकि उस की ओर से, और उसी के द्वारा, और उसी के लिये सब कुछ है: उस की महिमा युगानुयुग होती रहे: आमीन।।
- Isaiah 40:15–17 यशायाह 40:15–17देखो, जातियां तो डोल की एक बून्द वा पलड़ों पर की धूलि के तुल्य ठहरीं; देखो, वह द्वीपों को धूलि के किनकों सरीखे उठाता है। लबानोन की ईधन के लिये थोड़ा होगा और उस में के जीव- जन्तु होमबलि के लिये बस न होंगे। सारी जातियां उसके साम्हने कुछ नहीं हैं, वे उसकी दृष्टि में लेश और शून्य से भी घट ठहरीं हैं।।
- Ephesians 1:11 इफिसियों 1:11उसी में जिस में हम भी उसी की मनसा से जो अपनी इच्छा के मत के अनुसार सब कुछ करता है, पहिले से ठहराए जाकर मीरास बने।
- Isaiah 43:13 यशायाह 43:13मैं ही ईश्वर हूं और भविष्य में भी मैं ही हूं; मेरे हाथ से कोई छुड़ा न सकेगा; जब मैं काम करना चाहूं तब कौन मुझे रोक सकेगा।।
- Matthew 11:25–26 मत्ती 11:25–26उसी समय यीशु ने कहा, हे पिता, स्वर्ग और पृथ्वी के प्रभु; मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि तू ने इन बातों को ज्ञानियों और समझदारों से छिपा दखा, और बालकों पर प्रगट किया है। हां, हे पिता, क्योंकि तुझे यही अच्छा लगा।
- Acts 4:28 प्रेरितों के काम 4:28कि जो कुछ पहिले से तेरी सामर्थ और मति से ठहरा था वही करें।
- Romans 9:19–20 रोमियों 9:19–20सो तू मुझ से कहेगा, वह फिर क्यों दोष लगाता है? कौन उस की इच्छा का साम्हना करता हैं? हे मनुष्य, भला तू कौन है, जो परमेश्वर का साम्हना करता है? क्या गढ़ी हुई वस्तु गढ़नेवाले से कह सकती है कि तू ने मुझे ऐसा क्यों बनाया है?
- Job 34:14–15 अय्यूब 34:14–15यदि वह मनुष्य से अपना मन हटाये और अपना आत्मा और श्वास अपने ही में समेट ले, तो सब देहधारी एक संग नाश हो जाएंगे, और मनुष्य फिर मिट्टी में मिल जाएगा।
- Isaiah 45:9–11 यशायाह 45:9–11हाय उस पर जो अपने रचनेवाले से झगड़ता है! वह तो मिट्टी के ठीकरों में से एक ठीकरा ही है! क्या मिट्टी कुम्हार से कहेगी, तू यह क्या करता है? क्या कारीगर का बनाया हुआ कार्य उसके विषय कहेगा कि उसके हाथ नहीं है? हाय उस पर जो अपने पिता से कहे, तू क्या जन्माता है? और मां से कहे, तू किस की माता है? यहोवा जो इस्राएल का पवित्रा और उसका बनानेवाला है, वह यों कहता है, क्या तुम आनेवाली घटनाएं मुझ से पूछोगे? क्या मेरे पुत्रों और मेरे कामों के विषय मुझे आज्ञा दोगे?
Original words (Hebrew)
- all · H3606כֹּל kôl
- inhabitants · H1753דּוּר dûwr
- earth · H772אֲרַע ʼăraʻ
- reputed · H2804חֲשַׁב chăshab
- nothing · H3809לָא lâʼ
- doeth · H5648עֲבַד ʻăbad
- will · H6634צְבָא tsᵉbâʼ
- army · H2429חַיִל chayil
- heaven · H8065שָׁמַיִן shâmayin
- inhabitants · H1753דּוּר dûwr
- earth · H772אֲרַע ʼăraʻ
- none · H3809לָא lâʼ
- can · H383אִיתַי ʼîythay
- stay · H4223מְחָא mᵉchâʼ
- hand · H3028יַד yad
- say · H560אֲמַר ʼămar
- What · H4101מָה mâh
- doest · H5648עֲבַד ʻăbad