Isaiah · chapter 11 · verse 15
Isaiah 11:15 in Hindi
और यहोवा मि के समुद्र की खाड़ी को सुखा डालेगा, और महानद पर अपना हाथ बढ़ाकर प्रचण्ड लू से ऐसा सुखाएगा कि वह सात धार हो जाएगा, और लोग लूता पहिने हुए भी पार हो जाएंगे।
Aur yahovaa mi ke samudr kee khaadee ko sukhaa daalegaa, aur mahaanad par apanaa haath badhaakar prachand loo se aisaa sukhaaegaa ki vah saat dhaar ho jaaegaa, aur log lootaa pahine hue bhee paar ho jaaenge.
Isaiah 11:15 in English
- King James Version (KJV)
- And the LORD shall utterly destroy the tongue of the Egyptian sea; and with his mighty wind shall he shake his hand over the river, and shall smite it in the seven streams, and make [men] go over dryshod.
- World English Bible (WEB)
- The LORD will utterly destroy the tongue of the Egyptian sea; and with his scorching wind he will wave his hand over the River, and will split it into seven streams, and cause men to march over in sandals.
- American Standard Version (ASV)
- And Jehovah will utterly destroy the tongue of the Egyptian sea; and with his scorching wind will he wave his hand over the River, and will smite it into seven streams, and cause men to march over dryshod.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the Lord will make the tongue of the Egyptian sea completely dry; and with his burning wind his hand will be stretched out over the River, and it will be parted into seven streams, so that men may go over it with dry feet.
- Darby Translation (DBY)
- And Jehovah will utterly destroy the tongue of the Egyptian sea; and with his mighty wind will he shake his hand over the river, and will smite it into seven streams, and make [men] go over dryshod.
- Webster's Bible (WBS)
- And the LORD will utterly destroy the tongue of the Egyptian sea; and with his mighty wind will he shake his hand over the river, and will smite it in the seven streams, and make [men] go over dry shod.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jehovah hath devoted to destruction The tongue of the sea of Egypt, And hath waved His hand over the river, In the terror of his wind, And hath smitten it at the seven streams, And hath caused [men] to tread [it] with shoes.
Read in context
- 13एप्रैम फिर डाह न करेगा और यहूदा के तंग करनेवाले काट डाले जाएंगे; न तो एप्रैम यहूदा से डाह करेगा और न यहूदा एप्रैम को तंग करेगा।
- 14परन्तु वे पश्चिम की ओर पलिश्तियों के कंधे पर झपट्टा मारेंगे, और मिलकर पूर्वियों को लूटेंगे। वे एदोम और मोआब पर हाथ बढ़ाएंगे, और अम्मोनी उनके अधीन हो जाएंगे।
- 15और यहोवा मि के समुद्र की खाड़ी को सुखा डालेगा, और महानद पर अपना हाथ बढ़ाकर प्रचण्ड लू से ऐसा सुखाएगा कि वह सात धार हो जाएगा, और लोग लूता पहिने हुए भी पार हो जाएंगे।
- 16और उसकी प्रजा के बचे हुओं के लिये अश्शूर से एक ऐसा राज- मार्ग होगा जैसा मि देश से चले आने के समय इस्राएल के लिये हुआ था।।
Cross references
- Zechariah 10:11 जकर्याह 10:11वह उस कष्टदाई समुद्र में से होकर उसकी लहरें दबाता हुआ जाएगा और नील नदी का सब गहिरा जल सूख जाएगा। और अश्शूर का घमण्ड तोड़ा जाएगा और मि का राजदण्ड जाता रहेगा।
- Revelation 16:12 प्रकाशितवाक्य 16:12और छठवें ने अपना कटोरा बड़ी नदी फुरात पर उंडेल दिया और उसका पानी सूख गया कि पूर्व दिशा के राजाओं के लिये मार्ग तैयार हो जाए।
- Isaiah 50:2 यशायाह 50:2इसका क्या कारण है कि जब मैं आया तब कोई न मिला? और जब मैं ने पुकारा, तब कोई न बोला? क्या मेरा हाथ ऐसा छोटा हो गया है कि छुड़ा नहीं सकता? क्या मुझ में उद्धार करने की शक्ति नहीं? देखो, मै एक धमकी से समुद्र को सुखा देता हूं, मैं महानदों को रेगिस्थान बना देता हूं, उनकी मछलियां जल बिना मर जाती और बसाती हैं।
- Isaiah 7:20 यशायाह 7:20उसी समय प्रभु महानद के पारवाले अश्शूर के राजारूपी भाड़े के छूरे से सिर और पांवों के रोंएं मूंड़ेगा, उस से दाढ़ी भी पूरी मुंड़ जाएगी।।
- Isaiah 19:16 यशायाह 19:16उस समय मिद्दी, स्त्रियों के समान हो जाएंगे, और सेनाओं का यहोवा जो अपना हाथ उन पर बढ़ाएगा उसके डर के मारे वे थरथराएंगे और कांप उठेंगे।
- Isaiah 51:9–10 यशायाह 51:9–10हे यहोवा की भुजा, जाग! जाग और बल धारण कर; जैसे प्राचीनकाल में और बीते हुए पीढ़ियों में, वैसे ही अब भी जाग। क्या तू वही नहीं है जिस ने रहब को टुकड़े टुकड़े किया और मगरमच्छ को छेदा? क्या तू वही नहीं जिस ने समुद्र को अर्थात् गहिरे सागर के जल को सुखा डाला और उसकी गहराई में अपने छुड़ाए हओं के पार जाने के लिये मार्ग निकाला था?
- Ezekiel 29:10 यहेजकेल 29:10इस कारण देख, मैं तेरे और तेरी नदियों के विरुद्ध हूँ, और मिस्र देश को मिग्दोल से ले कर सवेने तक वरन कूश देश के सिवाने तक उजाड़ ही उजाड़ कर दूंगा।
- Ezekiel 30:12 यहेजकेल 30:12और मैं नदियों को सुखा डालूंगा, और देश को बुरे लोगों के हाथ कर दूंगा; और मैं परदेशियों के द्वारा देश को, और जो कुछ उस में है, उजाड़ करा दूंगा; मुझ यहोवा ही ने यह कहा है।
- Isaiah 19:5–10 यशायाह 19:5–10और समुद्र का जल सूख जाएगा, और महानदी सूख कर खाली हो जाएगी; और नाले बसाने लगेंगे, और मि की नहरें भी सूख जाएंगी, और नरकट और हूगले कुम्हला जाएंगे। नील नदी के तीर पर के कछार की घास, और जो कुछ नील नदी के पास बोया जाएगा वह सूखकर नष्ट हो जाएगा, और उसका पता तक न लगेगा। सब मछुवे जितने नील नदी में बंसी डालते हैं विलाप करेंगे और लम्बी लम्बी सासें लेंगे, और जो जल के ऊपर जाल फेंकते हैं वे निर्बल हो जाएंगे। फिर जो लोग धुने हुए सन से काम करते हैं और जो सूत से बुनते हैं उनकी आशा टूट जाएगी। मि के रईस तो निराश और उसके सब मजदूर उदास हो जाएंगे।।
- Exodus 7:19–21 निर्गमन 7:19–21फिर यहोवा ने मूसा से कहा, हारून से कह, कि अपनी लाठी लेकर मि देश में जितना जल है, अर्थात् उसकी नदियां, नहरें, झीलें, और पोखरे, सब के ऊपर अपना हाथ बढ़ा कि उनका जल लोहू बन जाए; और सारे मि देश में काठ और पत्थर दोनों भांति के जलपात्रों में लोहू ही लोहू हो जाएगा। तब मूसा और हारून ने यहोवा की आज्ञा ही के अनुसार किया, अर्थात् उस ने लाठी को उठाकर फिरौन और उसके कर्मचारियों के देखते नील नदी के जल पर मारा, और नदी का सब जल लोहू बन गया। और नील नदी में जो मछलियां थीं वे मर गई; और नदी से दुर्गन्ध आने लगी, और मिद्दी लोग नदी का पानी न पी सके; और सारे मि देश में लोहू हो गया।
- Psalm 74:13–15 भजन संहिता 74:13–15तू ने अपनी शक्ति से समुद्र को दो भाग कर दिया; तू ने जल में मगरमच्छों के सिरों को फोड़ दिया। तू ने तो लिव्यातानों के सिर टुकड़े टुकड़े करके जंगली जन्तुओं को खिला दिए। तू ने तो सोता खोलकर जल की धारा बहाई, तू ने तो बारहमासी नदियों को सुखा डाला।
- Exodus 14:21 निर्गमन 14:21और मूसा ने अपना हाथ समुद्र के ऊपर बढ़ाया; और यहोवा ने रात भर प्रचण्ड पुरवाई चलाई, और समुद्र को दो भाग करके जल ऐसा हटा दिया, जिससे कि उसके बीच सूखी भूमि हो गई।
Original words (Hebrew)
- destroy · H2763חָרַם châram
- tongue · H3956לָשׁוֹן lâshôwn
- Egyptian · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- sea · H3220יָם yâm
- mighty · H5868עֲיָם ʻăyâm
- wind · H7307רוּחַ rûwach
- shake · H5130נוּף nûwph
- hand · H3027יָד yâd
- river · H5104נָהָר nâhâr
- smite · H5221נָכָה nâkâh
- seven · H7651שֶׁבַע shebaʻ
- streams · H5158נַחַל nachal
- over · H1869דָּרַךְ dârak
- dryshod · H5275נַעַל naʻal