Isaiah · chapter 14 · verse 29
Isaiah 14:29 in Hindi
हे सारे पलिश्तीन तू इसलिये आनन्द न कर, कि तेरे मारनेवाले की लाठी टूट गई, क्योंकि सर्प की जड़ से एक काला नाग उत्पन्न होगा, और उसका फल एक उड़नेवाला और तेज विषवाला अग्निसर्प होगा।
He saare palishteen too isaliye aanand na kar, ki tere maaranevaale kee laathee toot gaee, kyonki sarp kee jad se ek kaalaa naag utpann hogaa, aur usakaa phal ek udanevaalaa aur tej vishavaalaa agnisarp hogaa.
Isaiah 14:29 in English
- King James Version (KJV)
- Rejoice not thou, whole Palestina, because the rod of him that smote thee is broken: for out of the serpent’s root shall come forth a cockatrice, and his fruit [shall be] a fiery flying serpent.
- World English Bible (WEB)
- Don’t rejoice, O Philistia, all of you, because the rod that struck you is broken; for out of the serpent’s root an adder will emerge, and his fruit will be a fiery flying serpent.
- American Standard Version (ASV)
- Rejoice not, O Philistia, all of thee, because the rod that smote thee is broken; for out of the serpent’s root shall come forth an adder, and his fruit shall be a fiery flying serpent.
- Bible in Basic English (BBE)
- Be not glad, O Philistia, all of you, because the rod which was on you is broken: for out of the snake's root will come a poison-snake, and its fruit will be a winged poison-snake.
- Darby Translation (DBY)
- Rejoice not thou, Philistia, all of thee, because the rod that smote thee is broken; for out of the serpent's root shall come forth a viper, and his fruit shall be a fiery flying serpent.
- Webster's Bible (WBS)
- Rejoice not thou, all Palestina, because the rod of him that smote thee is broken: for out of the serpent's root shall come forth a basilisk, and his fruit [shall be] a fiery flying serpent.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Rejoice not thou, Philistia, all of thee, That broken hath been the rod of thy smiter, For from the root of a serpent cometh out a viper, And its fruit [is] a flying saraph.
Read in context
- 27क्योंकि सेनाओं के यहोवा ने युक्ति की है और कौन उसका टाल सकता है? उसका हाथ बढ़ाया गया है, उसे कौन रोक सकता है?
- 28जिस वर्ष में आहाज राजा मर गया उसी वर्ष यह भारी भविष्यद्वाणी हुई:
- 29हे सारे पलिश्तीन तू इसलिये आनन्द न कर, कि तेरे मारनेवाले की लाठी टूट गई, क्योंकि सर्प की जड़ से एक काला नाग उत्पन्न होगा, और उसका फल एक उड़नेवाला और तेज विषवाला अग्निसर्प होगा।
- 30तब कंगालों के जेठे खाएंगे और दरिद्र लोग निडर बैठने पाएंगे, परन्तु मैं तेरे वंश को भूख से मार डालूंगा, और तेरे बचे हुए लोग घात किए जाएंगे।
- 31हे फाटक, तू हाय हाय कर; हे नगर, तू चिल्ला; हे पलिश्तीन तू सब का सब पिघल जा! क्योंकि उत्तर से एक धूआं उठेगा और उसकी सेना में से कोई पीछे न रहेगा।।
Cross references
- Isaiah 30:6 यशायाह 30:6दक्खिन देश के पशुओं के विषय भारी वचन। वे अपनी धन सम्पति को जवान गदहों की पीठ पर, और अपने खजानों को ऊंटों के कूबड़ों पर लादे हुए, संकट और सकेती के देश में होकर, जहां सिंह और सिंहनी, नाग और उड़नेवाले तेज विषधर सर्प रहते हैं, उन लोगों के पास जा रहे हैं जिन से उनको लाभ न होगा।
- Isaiah 11:8 यशायाह 11:8दूधपिउवा बच्चा करैत के बिल पर खेलेगा, और दूध छुड़ाया हुआ लड़का नाग के बिल में हाथ डालेगा।
- 2 Chronicles 26:6 2 इतिहास 26:6तब उस ने जाकर पलिश्तियों से युठ्ठ किया, और गत, यब्ने और अशदोद की शहरपनाहें गिरा दीं, और अशदोद के आसपास और पलिश्तियों के बीच में नगर बसाए।
- 2 Chronicles 28:18 2 इतिहास 28:18और पलिश्तयों ने नीचे के देश और यहूदा के दक्खिन देश के नगरों पर चढ़ाई करके, बेतशेमेश, अरयालोन और गदेरोत को, और अपने अपने गांवों समेत सोको, तिम्ना, और गिमजो को ले लिया; और उन में रहने लगे थे।
- Hosea 9:1 होशे 9:1हे इस्राएल, तू देश देश के लोगों की नाईं आनन्द में मगन मत हो! क्योंकि तू अपने परमेश्वर को छोड़कर वेश्या बनी। तू ने अन्न के हर एक खलिहान पर छिनाले की कमाई आनन्द से ली है।
- Ezekiel 35:15 यहेजकेल 35:15तू इस्राएल के घराने के निज भाग के उजड़ जाने के कारण आनन्दित हुआ, सो मैं भी तुझ से वैसा ही करूंगा; हे सेईर पहाड़, हे एदोम के सारे देश, तू उजाड़ हो जाएगा। तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।
- Micah 7:8 मीका 7:8हे मेरी बैरिन, मुझ पर आनन्द मत कर; क्योंकि ज्योंही मैं गिरूंगा त्योंही उठूंगा; और ज्योंही मैं अन्धकार में पडूंगा त्योंहि यहोवा मेरे लिये ज्योति का काम देगा।
- Joshua 13:3 यहोशू 13:3(मि के आगे शीहोर से लेकर उत्तर की ओर एक्रोन के सिवाने तक जो कनानियों का भाग गिना जाता है; और पलििितशयों के पांचों सरदार, अर्थात् अज्जा, अशदोद, अशकलोन, गत, और एक्रोन के लोग), और दक्खिनी ओर अव्वी भी,
- Proverbs 24:17 नीतिवचन 24:17जब तेरा शत्रु गिर जाए तब तू आनन्दित न हो, और जब वह ठोकर खाए, तब तेरा मन मगन न हो।
- Obadiah 1:12 ओबद्याह 1:12परन्तु तुझे उचित न था कि तू अपने भाई के दिन में, अर्थात् उसकी विपत्ति के दिन में उसकी ओर देखता रहता, और यहूदियों के नाश होने के दिन उनके ऊपर आनन्द करता, और उनके संकट के दिन बड़ा बोल बोलता।
- 2 Kings 18:8 2 राजा 18:8उस ने पलिश्तियों को गाज्ज़ा और उसके सिवानों तक, पहरूओं के गुम्मट और गढ़वाले नगर तक मारा।
- Zephaniah 3:11 सपन्याह 3:11उस दिन, तू अपने सब बड़े से बड़े कामों से जिन्हें करके तू मुझ से फिर गई थी, फिर लज्जित न होगी। उस समय मैं तेरे बीच से सब फूले हुए घमण्डियों को दूर करूंगा, और तू मेरे पवित्रा पर्वत पर फिर कभी अभिमान न करेगी।
Original words (Hebrew)
- Rejoice · H8055שָׂמַח sâmach
- Palestina · H6429פְּלֶשֶׁת Pᵉlesheth
- rod · H7626שֵׁבֶט shêbeṭ
- smote · H5221נָכָה nâkâh
- broken · H7665שָׁבַר shâbar
- serpent’s · H5175נָחָשׁ nâchâsh
- root · H8328שֶׁרֶשׁ sheresh
- forth · H3318יָצָא yâtsâʼ
- cockatrice · H6848צֶפַע tsephaʻ
- fruit · H6529פְּרִי pᵉrîy
- fiery · H8314שָׂרָף sârâph
- flying · H5774עוּף ʻûwph
- serpent · H8314שָׂרָף sârâph