Isaiah · chapter 17 · verse 11
Isaiah 17:11 in Hindi
चाहे रोपने के दिन तू अपने चारों और बाड़ा बान्धे, और बिहान ही को उन में फूल खिलने लगें, तौभी सन्ताप और असाध्य दु:ख के दिन उसका फल नाश हो जायेगा।।
Chaahe ropane ke din too apane chaarom aur baadaa baandhe, aur bihaan hee ko un mem phool khilane lagem, taubhee santaap aur asaadhy du:kh ke din usakaa phal naash ho jaayegaa..
Isaiah 17:11 in English
- King James Version (KJV)
- In the day shalt thou make thy plant to grow, and in the morning shalt thou make thy seed to flourish: [but] the harvest [shall be] a heap in the day of grief and of desperate sorrow.
- World English Bible (WEB)
- In the day of your planting, you hedge it in. In the morning, you make your seed blossom, but the harvest flees away in the day of grief and of desperate sorrow.
- American Standard Version (ASV)
- In the day of thy planting thou hedgest it in, and in the morning thou makest thy seed to blossom; but the harvest fleeth away in the day of grief and of desperate sorrow.
- Bible in Basic English (BBE)
- In the day of your planting you were watching its growth, and in the morning your seed was flowering: but its fruit is wasted away in the day of grief and bitter sorrow.
- Darby Translation (DBY)
- in the day of thy planting wilt thou make [them] to grow, and on the morrow wilt thou make thy seed to flourish; [but] the harvest will flee in the day of taking possession, and the sorrow will be incurable.
- Webster's Bible (WBS)
- In the day shalt thou make thy plant to grow, and in the morning shalt thou make thy seed to flourish: [but] the harvest [shall be] a heap in the day of grief and of desperate sorrow.
- Young's Literal Translation (YLT)
- In the day thy plant thou causest to become great, And in the morning thy seed makest to flourish, A heap [is] the harvest in a day of overflowing, And of mortal pain.
Read in context
- 9उस समय उनके गढ़वाले नगर घने वन, और उनके निर्जन स्थान पहाड़ों की चोटियों के समान होंगे जो इस्राएलियों के डर के मारे छोड़ दिए गए थे, और वे उजाड़ पड़े रहेंगे।।
- 10क्योंकि तू अपने उद्धारकर्ता परमेश्वर को भूल गया और अपनी दृढ़ चट्टान का स्मरण नहीं रखा; इस कारण चाहे तू मनभावने पौधे लगाये और विदेशी कलम जमाये,
- 11चाहे रोपने के दिन तू अपने चारों और बाड़ा बान्धे, और बिहान ही को उन में फूल खिलने लगें, तौभी सन्ताप और असाध्य दु:ख के दिन उसका फल नाश हो जायेगा।।
- 12हाय, हाय! देश देश के बहुत से लोगों का कैसा नाद हो रहा है, वे समुद्र की लहरों की नाईं गरजते हैं। राज्य राज्य के लोगों का कैसा गर्जन हो रहा है, वे प्रचण्ड धारा के समान नाद करते हैं!
- 13राज्य राज्य के लोग बाढ़ के बहुत से जल की नाई नाद करते हैं, परन्तु वह उनको घुड़केगा, और वे दूर भाग जाएंगे, और ऐसे उड़ाए जाएंगे जैसे पहाड़ों पर की भूसी वायु से, और धूलि बवण्डर से घुमाकर उड़ाई जाती है।
Cross references
- Job 4:8 अय्यूब 4:8मेरे देखने में तो जो पाप को जोतते और दु:ख बोते हैं, वही उसको काटते हैं।
- Hosea 8:7 होशे 8:7वे वायु बोते हैं, और वे बवण्डर लवेंगे। उनके लिये कुछ खेत रहेगा नहीं न उनकी उपज से कुछ आटा होगा; और यदि हो भी तो परदेशी उसको खा डालेंगे।
- Isaiah 65:13–14 यशायाह 65:13–14इस कारण प्रभु यहोवा यों कहता है, देखो, मेरे दास तो खाएंगे, पर तुम भूखे रहोगे; मेरे दास पीएंगे, पर तुम प्यासे रहोगे; मेरे दास आनन्द करेंगे, पर तुम लज्जित होगे; देखो, मेरे दास हर्ष के मारे जयजयकार करेंगे, परन्तु तुम शोक से चिल्लाओगे और खेद के मारे हाय हाय, करोगे।
- Psalm 90:6 भजन संहिता 90:6वह भोर को फूलती और बढ़ती है, और सांझ तक काटकर मुर्झा जाती है।।
- Romans 2:8–9 रोमियों 2:8–9पर जो विवादी हैं, और सत्य को नहीं मानते, बरन अधर्म को मानते हैं, उन पर क्रोध और कोप पड़ेगा। और क्लेश और संकट हर एक मनुष्य के प्राण पर जो बुरा करता है, पहिले यहूदी पर फिर यूनानी पर।
- Joel 1:5–12 योएल 1:5–12हे मतवालो, जाग उठो, और रोओ; और हे सब दाखमधु पीलेवालो, नये दाखमधु के कारण हाय, हाय, करो; क्योंकि वह तुम को अब न मिलेगा।। देखो, मेरे देश पर एक जाति ने चढ़ाई की है, वह सामर्थी है, और उसके लोग अनगिनित हैं; उसके दांत सिंह के से, और डाढ़ें सिहनी की सी हैं। उस ने मेरी दाखलता को उजाड़ दिया, और मेरे अंजीर के वृक्ष को तोड़ डाला है; उस ने उसकी सब छाल छीलकर उसे गिरा दिया है, और उसकी डालियां छिलने से सफेद हो गई हैं।। जैसे युवती अपने पति के लिये कटि में टाट बान्धे हुए विलाप करती है, वैसे ही तुम भी विलाप करो। यहोवा के भवन में न तो अन्नबलि और न अर्ध आता है। उसके टहलुए जो याजक हैं, वे विलाप कर रहे हैं। खेती मारी गई, भूमि विलाप करती है; क्योंकि अन्न नाश हो गया, नया दाखमधु सूख गया, तेल भी सूख गया है।। हे किसानो, लज्जित हो, हे दाख की बारी के मालियों, गेहूं और जव के लिये हाय, हाय करो; क्योंकि खेती मारी गई है। दाखलता सूख गई, और अंजीर का वृक्ष कुम्हला गया है। अनार, ताड़, सेव, वरन मैदान के सब वृक्ष सूख गए हैं; और मनुष्यों का हर्ष जाता रहा है।।
- Romans 2:5 रोमियों 2:5पर अपनी कठोरता और हठीले मन के अनुसार उसके क्रोध के दिन के लिये, जिस में परमेश्वर का सच्चा न्याय प्रगट होगा, अपने निमित्त क्रोध कमा रहा है।
- Galatians 6:7–8 गलातियों 6:7–8धोखा न खाओ, परमेश्वर ठट्ठों में नहीं उड़ाया जाता, क्योंकि मनुष्य जो कुछ बोता है, वही काटेगा। क्योंकि जो अपने शरीर के लिये बोता है, वह शरीर के द्वारा विनाश की कटनी काटेगा; और जो आत्मा के लिये बोता है, वह आत्मा के द्वारा अनन्त जीवन की कटनी काटेगा।
- Matthew 8:11–12 मत्ती 8:11–12और मैं तुम से कहता हूं, कि बहुतेरे पूर्व और पश्चिम से आकर इब्राहीम और इसहाक और याकूब के साथ स्वर्ग के राज्य में बैठेंगे। परन्तु राज्य के सन्तान बाहर अन्धियारे में डाल दिए जाएंगे: वहां रोना और दांतों का पीसना होगा।
- Hosea 10:12–15 होशे 10:12–15अपने लिये धर्म का बीज बोओ, तब करूणा के अनुसार खेत काटने पाओगे; अपनी पड़ती भूमि को जोतो; देखो, अभी यहोवा के पीछे हो लेने का समय है, कि वह आए और तुम्हारे ऊपर उद्धार बरसाए।। तुम ने दुष्टता के लिये हल जोता और अन्याय का खेत काटा है; और तुम ने धोखे का फल खाया है। और यह इसलिये हुआ क्योंकि तुम ने अपने कुव्यवहार पर, और अपने बहुत से वीरों पर भरोसा रखा था। इस कारण तुम्हारे लोगों में हुल्लड़ उठेगा, और तुम्हारे सब गढ़ ऐसे नाश किए जाएंगे जैसा बेतर्बेल नगर युद्ध के समय शल्मन के द्वारा नाश किया गया; उस समय माताएं अपने बच्चों समेत पटक दी गईं थी। तुम्हारी अत्यन्त बुराई के कारण बेतेल से भी इसी प्रकार का व्यवहार किया जाएगा। भोर होते ही इस्राएल का राजा पूरी रीति से मिट जाएगा।।
- Jeremiah 5:31 यिर्मयाह 5:31भचिष्यद्वक्ता झूठमूठ भविष्यद्वाणी करते हैं; और याजक उनके सहारे से प्रभुता करते हैं; मेरी प्रजा को यह भाता भी है, परन्तु अन्त के समय तुम क्या करोगे?
- Isaiah 18:5–6 यशायाह 18:5–6क्योंकि दाख तोड़ने के समय से पहिले जब फूल फूल चुकें, और दाख के गुच्छे पकने लगें, तब वह टहनियों को हंसुओं से काट डालेगा, और फैली हुई डालियों को तोड़ तोड़कर अलग फेंक देगा। वे पहाड़ों के मांसाहारी पक्षियों और वन- पशुओं के लिये इकट्ठे पड़े रहेंगे। और मांसाहारी पक्षी तो उनको नोचते नोचते धूपकाल बिताएंगे, और सब भांति के वनपशु उनको खाते खाते जाड़ा काटेंगे।