Romans · chapter 2 · verse 5
Romans 2:5 in Hindi
पर अपनी कठोरता और हठीले मन के अनुसार उसके क्रोध के दिन के लिये, जिस में परमेश्वर का सच्चा न्याय प्रगट होगा, अपने निमित्त क्रोध कमा रहा है।
Par apanee kathorataa aur hatheele man ke anusaar usake krodh ke din ke liye, jis mem parameshvar kaa sachchaa nyaay pragat hogaa, apane nimitt krodh kamaa rahaa hai.
Romans 2:5 in English
- King James Version (KJV)
- But after thy hardness and impenitent heart treasurest up unto thyself wrath against the day of wrath and revelation of the righteous judgment of God;
- World English Bible (WEB)
- But according to your hardness and unrepentant heart you are treasuring up for yourself wrath in the day of wrath, revelation, and of the righteous judgment of God,
- American Standard Version (ASV)
- but after thy hardness and impenitent heart treasurest up for thyself wrath in the day of wrath and revelation of the righteous judgment of God;
- Bible in Basic English (BBE)
- But by your hard and unchanged heart you are storing up wrath for yourself in the day of the revelation of God's judging in righteousness;
- Darby Translation (DBY)
- but, according to thy hardness and impenitent heart, treasurest up to thyself wrath, in [the] day of wrath and revelation of [the] righteous judgment of God,
- Webster's Bible (WBS)
- But after thy hardness and impenitent heart, treasurest up to thyself wrath against the day of wrath, and revelation of the righteous judgment of God;
- Young's Literal Translation (YLT)
- but, according to thy hardness and impenitent heart, thou dost treasure up to thyself wrath, in a day of wrath and of the revelation of the righteous judgment of God,
Read in context
- 3और हे मनुष्य, तू जो ऐसे ऐसे काम करनेवालों पर दोष लगाता है, और आप वे ही काम करता है; क्या यह समझता है, कि तू परमेश्वर की दण्ड की आज्ञा से बच जाएगा?
- 4क्या तू उस की कृपा, और सहनशीलता, और धीरजरूपी धन को तुच्छ जानता है? और कया यह नहीं समझता, कि परमेश्वर की कृपा तुझे मन फिराव को सिखाती है?
- 5पर अपनी कठोरता और हठीले मन के अनुसार उसके क्रोध के दिन के लिये, जिस में परमेश्वर का सच्चा न्याय प्रगट होगा, अपने निमित्त क्रोध कमा रहा है।
- 6वह हर एक को उसके कामों के अनुसार बदला देगा।
- 7जो सुकर्म में स्थिर रहकर महिमा, और आदर, और अमरता की खोज में है, उन्हें अनन्त जीवन देगा।
Cross references
- Ecclesiastes 12:14 सभोपदेशक 12:14क्योंकि परमेश्वर सब कामों और सब गुप्त बातों का, चाहे वे भली हों या बुरी, न्याय करेगा।।
- Romans 1:18 रोमियों 1:18परमेश्वर का क्रोध तो उन लोगों की सब अभक्ति और अधर्म पर स्वर्ग से प्रगट होता है, जो सत्य को अधर्म से दबाए रखते हैं।
- Romans 2:2–3 रोमियों 2:2–3और हम जातने हैं, कि ऐसे ऐसे काम करनेवालों पर परमेश्वर की ओर से ठीक ठीक दण्ड की आज्ञा होती है। और हे मनुष्य, तू जो ऐसे ऐसे काम करनेवालों पर दोष लगाता है, और आप वे ही काम करता है; क्या यह समझता है, कि तू परमेश्वर की दण्ड की आज्ञा से बच जाएगा?
- Hebrews 3:15 इब्रानियों 3:15जैसा कहा जाता है, कि यदि आज तुम उसका शब्द सुनो, तो अपने मनों को कठोर न करो, जैसा कि क्रोध दिलाने के समय किया था।
- Jude 1:6 यहूदा 1:6फिर जो र्स्वगदूतों ने अपने पद को स्थिर न रखा वरन अपने निज निवास को छोड़ दिया, उस ने उन को भी उस भीषण दिन के न्याय के लिये अन्धकार में जो सदा काल के लिये है बन्धनों में रखा है।
- 2 Peter 3:7 2 पतरस 3:7पर वर्तमान काल के आकाश और पृथ्वी उसी वचन के द्वारा इसलिये रखे हैं, कि जलाए जाएं; और वह भक्तिहीन मनुष्यों के न्याय और नाश होने के दिन तक ऐसे ही रखे रहेंगे।।
- 2 Peter 2:9 2 पतरस 2:9तो प्रभु के भक्तों को परीक्षा में से निकाल लेना और अधर्मियों को न्याय के दिन तक दण्ड की दशा में रखना भी जानता है।
- Romans 9:22 रोमियों 9:22कि परमेश्वर ने अपना क्रोध दिखाने और अपनी सामर्थ प्रगट करने की इच्छा से क्रोध के बरतनों की, जो विनाश के लिये तैयार किए गए थे बड़े धीरज से सही।
- Deuteronomy 32:34 व्यवस्थाविवरण 32:34क्या यह बात मेरे मन में संचित, और मेरे भण्डारों में मुहरबन्द नहीं है?
- Hebrews 3:13 इब्रानियों 3:13बरन जिस दिन तक आज का दिन कहा जाता है, हर दिन एक दूसरे को समझाते रहो, ऐसा न हो, कि तुम में से कोई जन पाप के छल में आकर कठोर हो जाए।
- Zechariah 7:11–12 जकर्याह 7:11–12परन्तु उन्हों ने चित्त लगाना न चाहा, और हठ किया, और अपने कानों को मूंद लिया ताकि सुन न सकें। वरन उन्हों ने अपने हृदय को इसलिये बज्र सा बना लिया, कि वे उस व्यवस्था और उस वचनों को न मान सकें जिन्हें सेनाओं के यहोवा ने अपने आत्मा के द्वारा अगले भविष्यद्वक्ताओं से कहला भेजा था। इस कारण सेनाओं के यहोवा की ओर से उन पर बड़ा क्रोध भड़का।
- Psalm 110:5 भजन संहिता 110:5प्रभु तेरी दहिनी ओर होकर अपने क्रोध के दिन राजाओं को चूर कर देगा।
Original words (Greek)
- But · G1161δέ dé
- after · G2596κατά katá
- thy · G4675σοῦ soû
- hardness · G4643σκληρότης sklērótēs
- and · G2532καί kaí
- impenitent · G279ἀμετανόητος ametanóētos
- heart · G2588καρδία kardía
- up · G2343θησαυρίζω thēsaurízō
- thyself · G4572σεαυτοῦ seautoû
- wrath · G3709ὀργή orgḗ
- against · G1722ἐν en
- day · G2250ἡμέρα hēméra
- wrath · G3709ὀργή orgḗ
- and · G2532καί kaí
- revelation · G602ἀποκάλυψις apokálypsis
- judgment · G1341δικαιοκρισία dikaiokrisía
- God · G2316θεός theós