Isaiah · chapter 29 · verse 12
Isaiah 29:12 in Hindi
तब वही पुस्तक अनपढ़े को यह कहकर दी जाए, इसे पढ़, और वह कहे, मैं तो अनपढ़ हूं।।
Tab vahee pustak anapadhe ko yah kahakar dee jaae, ise padh, aur vah kahe, maim to anapadh hoon..
Isaiah 29:12 in English
- King James Version (KJV)
- And the book is delivered to him that is not learned, saying, Read this, I pray thee: and he saith, I am not learned.
- World English Bible (WEB)
- and the book is delivered to one who is not educated, saying, “Read this, please;” and he says, “I can’t read.”
- American Standard Version (ASV)
- and the book is delivered to him that is not learned, saying, Read this, I pray thee; and he saith, I am not learned.
- Bible in Basic English (BBE)
- And they give it to one without learning, saying, Make clear to us what is in the book: and he says, I have no knowledge of writing.
- Darby Translation (DBY)
- And they give the book to him that cannot read, saying, Read this, I pray thee; and he saith, I cannot read.
- Webster's Bible (WBS)
- And the book is delivered to him that is not learned, saying, Read this, I pray thee: and he saith, I am not learned.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the book is given to him who hath not known books, Saying, 'Read this, we pray thee,' And he hath said, 'I have not known books.'
Read in context
- 10यहोवा ने तुम को भारी नींद में डाल दिया है और उस ने तुम्हारी नबीरूपी आंखों को बन्द कर दिया है और तुम्हारे दर्शीरूपी सिरों पर पर्दा डाला है।
- 11इसलिये सारे दर्शन तुम्हारे लिये एक लपेटी और मुहर की हुई पुस्तक की बातों के समान हैं, जिसे कोई पढ़े- लिखे मनुष्य को यह कहकर दे, इसे पढ़, और वह कहे, मैं नहीं पढ़ सकता क्योंकि इस पर मुहर की हुई है।
- 12तब वही पुस्तक अनपढ़े को यह कहकर दी जाए, इसे पढ़, और वह कहे, मैं तो अनपढ़ हूं।।
- 13और प्रभु ने कहा, ये लोग जो मुंह से मेरा आदर करते हुए समीप आते परन्तु अपना मन मुझ से दूर रखते हैं, और जो केवल मनुष्यों की आज्ञा सुन सुनकर मेरा भय मानते हैं।
- 14इस कारण सुन, मैं इनके साथ अद्भुत काम वरन अति अद्भुत और अचम्भे का काम करूंगा; तब इनके बुद्धिमानों की बुद्धि नष्ट होगी, और इनके प्रवीणों की प्रवीणता जाती रहेगी।।
Cross references
- John 7:15–16 यूहन्ना 7:15–16तब यहूदियों ने अचम्भा करके कहा, कि इसे बिन पढ़े विद्या कैसे आ गई? यीशु ने उन्हें उत्तर दिया, कि मेरा उपदेश मेरा नहीं, परन्तु मेरे भेजनेवाले का है।
- Isaiah 29:18 यशायाह 29:18उस समय बहिरे पुस्तक की बातें सुनने लेगेंगे, और अन्धे जिन्हें अब कुछ नहीं सूझता, वे देखने लेगेंगे।
- Hosea 4:6 होशे 4:6मेरे ज्ञान के न होने से मेरी प्रजा नाश हो गई; तू ने मेरे ज्ञान को तुच्छ जाना है, इसलिये मैं तुझे अपना याजक रहने के अयोग्य ठहराऊंगा। और इसलिये कि तू ने अपने परमेश्वर की व्यवस्था को तज दिया है, मैं भी तेरे लड़केबालों को छोड़ दूंगा।
- Jeremiah 5:4 यिर्मयाह 5:4फिर मैं ने सोचा, ये लोग तो कड़गाल और अबोध ही हैं; क्योंकि ये यहोवा का मार्ग और अपने परमेश्वर का नियम नहीं जानते।
- Isaiah 28:12–13 यशायाह 28:12–13जिन से उस ने कहा, विश्राम इसी से मिलेगा; इसी के द्वारा थके हुए को विश्राम दो; परन्तु उन्हों ने सुनना न चाहा। इसलिये यहोवा का वचन उनके पास आज्ञा पर आज्ञा, आज्ञा पर आज्ञा, नियम पर नियम, नियम पर नियम है, थोड़ा यहां, थोड़ा वहां, जिस से वे ठोकर खाकर चित्त गिरें और घायल हो जाएं, और फंदे में फंसकर पकड़े जाएं।।