John · chapter 7 · verse 15
John 7:15 in Hindi
तब यहूदियों ने अचम्भा करके कहा, कि इसे बिन पढ़े विद्या कैसे आ गई?
Tab yahoodiyom ne achambhaa karake kahaa, ki ise bin padhe vidyaa kaise aa gaee?
John 7:15 in English
- King James Version (KJV)
- And the Jews marvelled, saying, How knoweth this man letters, having never learned?
- World English Bible (WEB)
- The Jews therefore marveled, saying, “How does this man know letters, having never been educated?”
- American Standard Version (ASV)
- The Jews therefore marvelled, saying, How knoweth this man letters, having never learned?
- Bible in Basic English (BBE)
- Then the Jews were surprised and said, How has this man got knowledge of books? He has never been to school.
- Darby Translation (DBY)
- The Jews therefore wondered, saying, How knows this [man] letters, having never learned?
- Webster's Bible (WBS)
- And the Jews marveled, saying, How knoweth this man letters, having never learned?
- Young's Literal Translation (YLT)
- and the Jews were wondering, saying, 'How hath this one known letters — not having learned?'
Read in context
- 13तौभी यहूदियों के भय के मारे कोई व्यक्ति उसके विषय में खुलकर नहीं बोलता था।
- 14और जब पर्ब्ब के आधे दिन बीत गए; तो यीशु मन्दिर में जाकर उपदेश करने लगा।
- 15तब यहूदियों ने अचम्भा करके कहा, कि इसे बिन पढ़े विद्या कैसे आ गई?
- 16यीशु ने उन्हें उत्तर दिया, कि मेरा उपदेश मेरा नहीं, परन्तु मेरे भेजनेवाले का है।
- 17यदि कोई उस की इच्छा पर चलना चाहे, तो वह इस उपदेश के विषय में जान जाएगा कि वह परमेश्वर की ओर से है, या मैं अपनी ओर से कहता हूं।
Cross references
- Luke 4:22 लूका 4:22और सब ने उसे सराहा, और जो अनुग्रह की बातें उसके मुंह से निकलती थीें, उन से अचम्भा किया; और कहने लगे; क्या यह यूसुफ का पुत्रा नहीं?
- Matthew 13:54 मत्ती 13:54और अपने देश में आकर उन की सभा में उन्हें ऐसा उपदेश देने लगा; कि वे चकित होकर कहने लगे; कि इस को यह ज्ञान और समर्थ के काम कहां से मिले?
- Matthew 7:28–29 मत्ती 7:28–29जब यीशु ये बातें कह चुका, तो ऐसा हुआ कि भीड़ उसके उपदेश से चकित हुई। क्योंकि वह उन के शास्त्रियों के समान नहीं परन्तु अधिकारी की नाई उन्हें उपदेश देता था।।
- Acts 26:24 प्रेरितों के काम 26:24जब वह इस रीति से उत्तर दे रहा था, तो फेस्तुस ने ऊंचे शब्द से कहा; हे पौलुस, तू पागल है: बहुत विद्या ने तुझे पागल कर दिया है।
- John 7:46 यूहन्ना 7:46सिपाहियों ने उत्तर दिया, कि किसी मनुष्य ने कभी ऐसी बातें न की।
- Matthew 22:22 मत्ती 22:22यह सुनकर उन्हों ने अचम्भा किया, और उसे छोड़कर चले गए।।
- Luke 2:47 लूका 2:47और जितने उस की सुन रहे थे, वे सब उस की समझ और उसके उत्तरों से चकित थे।
- John 1:19 यूहन्ना 1:19यूहन्ना की गवाही यह है, कि जब यहूदियों ने यरूशलेम से याजकों और लेवीयों को उस से यह पूछने के लिये भेजा, कि तू कौन है?
- Acts 2:7–13 प्रेरितों के काम 2:7–13और वे सब चकित और अचम्भित होकर कहने लगे; देखो, ये जो बोल रहे हैं क्या सब गलीली नहीं? तो फिर क्यों हम में से हर एक अपनी अपनी जन्म भूमि की भाषा सुनता है? हम जो पारथी और मेदी और एलामी लोग और मिसुपुतामिया और यहूदिया और कप्पदूकिया और पुन्तुस और आसिया। और फ्रूगिया और पमफूलिया और मिसर और लिबूआ देश जो कुरेने के आस पास है, इन सब देशों के रहनेवाले और रोमी प्रवासी, क्या यहूदी क्या यहूदी मत धारण करनेवाले, क्रेती और अरबी भी हैं। परन्तु अपनी अपनी भाषा में उन से परमेश्वर के बड़े बड़े कामों की चर्चा सुनते हैं। और वे सब चकित हुए, और घबराकर एक दूसरे से कहने लगे कि यह क्या हुआ चाहता है? परन्तु औरों ने ठट्ठा करके कहा, कि वे तो नई मदिरा के नशे में हैं।।
- Mark 6:2–3 मरकुस 6:2–3सब्त के दिन वह आराधनालय में उपदेश करने लगा; और बहुत लोग सुनकर चकित हुए और कहने लगे, इस को ये बातें कहां से आ गई? और यह कौन सा ज्ञान है जो उस को दिया गया है? और कैसे सामर्थ के काम इसके हाथों से प्रगट होते हैं? क्या यह वही बढ़ई नहीं, जो मरियम का पुत्रा, और याकूब और योसेस और यहूदा और शमौन का भाई है? और क्या उस की बहिनें यहां हमारे बीच में नहीं रहतीं? इसलिये उन्हों ने उसके विषय मे ठोकर खाई।
- Matthew 22:33 मत्ती 22:33यह सुनकर लोग उसके उपदेश से चकित हुए।
- Amos 7:14–15 आमोस 7:14–15आमोस ने उत्तर देकर अमस्याह से कहा, मैं ने तो भविष्यद्वक्ता था, और न भविष्यद्वक्ता का बेटा; मैं तो गाय- बैल का चरवाहा, और गूलर के वृक्षों का छांटनेहारा था, और यहोवा ने मुझे भेड़- बकरियों के पीछे पीछे फिरने से बुलाकर कहा, जा, मेरी प्रजा इस्राएल से भविष्यद्वाणी कर।