Isaiah · chapter 28 · verse 12
Isaiah 28:12 in Hindi
जिन से उस ने कहा, विश्राम इसी से मिलेगा; इसी के द्वारा थके हुए को विश्राम दो; परन्तु उन्हों ने सुनना न चाहा।
Jin se us ne kahaa, vishraam isee se milegaa; isee ke dvaaraa thake hue ko vishraam do; parantu unhom ne sunanaa na chaahaa.
Isaiah 28:12 in English
- King James Version (KJV)
- To whom he said, This [is] the rest [wherewith] ye may cause the weary to rest; and this [is] the refreshing: yet they would not hear.
- World English Bible (WEB)
- to whom he said, “This is the resting place. Give rest to the weary,” and “This is the refreshing;” yet they would not hear.
- American Standard Version (ASV)
- to whom he said, This is the rest, give ye rest to him that is weary; and this is the refreshing: yet they would not hear.
- Bible in Basic English (BBE)
- To whom he said, This is the rest, give rest to him who is tired; and by this you may get new strength; but they would not give ear.
- Darby Translation (DBY)
- to whom he said, This is the rest: cause the weary to rest; and this is the refreshing. But they would not hear.
- Webster's Bible (WBS)
- To whom he said, This [is] the rest [with which] ye may cause the weary to rest; and this [is] the refreshing: yet they would not hear.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Unto whom He hath said, 'This [is] the rest, give ye rest to the weary, And this — the refreshing:' And they have not been willing to hear,
Read in context
- 10नियम पर नियम, नियम पर नियम थोड़ा यहां, थोड़ा वहां।।
- 11वह तो इन लोगों से परदेशी होंठों और विदेशी भाषावालों के द्वारा बातें करेगा;
- 12जिन से उस ने कहा, विश्राम इसी से मिलेगा; इसी के द्वारा थके हुए को विश्राम दो; परन्तु उन्हों ने सुनना न चाहा।
- 13इसलिये यहोवा का वचन उनके पास आज्ञा पर आज्ञा, आज्ञा पर आज्ञा, नियम पर नियम, नियम पर नियम है, थोड़ा यहां, थोड़ा वहां, जिस से वे ठोकर खाकर चित्त गिरें और घायल हो जाएं, और फंदे में फंसकर पकड़े जाएं।।
- 14इस कारण हे ठट्ठा करनेवालो, यरूशलेमवासी प्रजा के हाकिमों, यहोवा का वचन सुनो!
Cross references
- Matthew 11:28–29 मत्ती 11:28–29हे सब परिश्रम करनेवालों और बोझ से दबे लोगों, मेरे पास आओ; मैं तुम्हें विश्राम दूंगा। मेरा जूआ अपने ऊपर उठा लो; और मुझ से सीखो; क्योंकि मैं नम्र और मन में दी हूं: और तुम अपने मन में विश्राम पाओगे।
- Isaiah 30:15 यशायाह 30:15प्रभु यहोवा, इस्राएल का पवित्रा यों कहता है, लौट आने और शान्त रहने में तुम्हारा उद्धार है; शान्त रहते और भरोसा रखने में तुम्हारी वीरता है। परन्तु तुम ने ऐसा नहीं किया,
- Jeremiah 6:16 यिर्मयाह 6:16यहोवा यों भी कहता है, सड़कों पर खडे होकर देखो, और पूछो कि प्राचीनकाल का अच्छा मार्ग कौन सा है, उसी में चलो, और तुम अपने अपने मन में चैन पाओगे। पर उन्हों ने कहा, हम उस पर न चलेंगे।
- Isaiah 11:10 यशायाह 11:10उस समय यिशै की जड़ देश देश के लोगों के लिये एक झण्ड़ा होगी; सब राज्यों के लोग उसे ढूंढ़ेंगें, और उसका विश्रामस्थान तेजोमय होगा।।
- Hebrews 12:25 इब्रानियों 12:25सावधान रहो, और उस कहनेवाले से मुंह न फेरो, क्योंकि वे लोग जब पृथ्वी पर के चितावनी देनेवाले से मुंह मोड़कर न बच सके, तो हम स्वर्ग पर से चितावनी करनेवाले से मुंह मोड़कर क्योंकर बच सकेंगे?
- Zechariah 7:14 जकर्याह 7:14वरन मैं उन्हें उन सब जातियों के बीच जिन्हें वे नहीं जानते, आंधी के द्वारा तितर- बितर कर दूंगा, और उनका देश उनके पीछे ऐसा उजाड़ पड़ा रहेगा कि उस में किसी का आना जाना न होगा; इसी प्राकर से उन्हों ने मनोहर देश को उजाड़ कर दिया।।
- Jeremiah 44:16 यिर्मयाह 44:16जो वचन तू ने हम को यहोवा के नाम से सुनाया है, उसको हम नहीं सुनने की।
- Zechariah 7:11 जकर्याह 7:11परन्तु उन्हों ने चित्त लगाना न चाहा, और हठ किया, और अपने कानों को मूंद लिया ताकि सुन न सकें।
- 2 Chronicles 14:11 2 इतिहास 14:11तब आसा ने अपने परमेश्वर यहोवा की यों दोहाई दी, कि हे यहोवा! जैसे तू सामथ की सहायता कर सकता है, वैसे ही शक्तिहीन की भी; हे हमारे परमेश्वर यहोवा! हमारी सहायता कर, क्योंकि हमारा भरोसा तुझी पर है और तेरे नाम का भरोसा करके हम इस भीड़ के विरूद्ध आए हैं। हे यहोवा, तू हमारा परमेश्वर है; मनुष्य तुझ पर प्रबल न होने पाएगा।
- Psalm 81:11–13 भजन संहिता 81:11–13परन्तु मेरी प्रजा ने मेरी न सुनी; इस्त्राएल ने मुझ को न चाहा। इसलिये मैं ने उसको उसके मन के हठ पर छोड़ दिया, कि वह अपनी ही युक्तियों के अनुसार चले। यदि मेरी प्रजा मेरी सुने, यदि इस्त्राएल मेरे मार्गों पर चले,
- 2 Chronicles 16:8–9 2 इतिहास 16:8–9क्या कूशियों और लूबियों की सेना बड़ी न थी, और क्या उस में बहुत ही रथ, और सवार न थे? तौभी तू ने यहोवा पर भरोसा रखा था, इस कारण उस ने उनको तेरे हाथ में कर दिया। देख, यहोवा की दृष्टि सारी पृथ्वी पर इसलिये फिरती रहती है कि जिनका मन उसकी ओर निष्कमट रहता है, उनकी सहायता में वह अपना सामर्थ दिखाए। तूने यह काम मूर्खता से किया है, इसलिये अब से तू लड़ाइयों मे फंसा रहेगा।