Isaiah · chapter 30 · verse 19
Isaiah 30:19 in Hindi
हे सिरयोन के लोगों तुम यरूशलेम में बसे रहो; तुम फिर कभी न रोओगे, वह तुम्हारी दोहाई सुनते ही तुम पर निश्चय अनुग्रह करेगा: वह सुनते ही तुम्हारी मानेगा।
He sirayon ke logom tum yarooshalem mem base raho; tum phir kabhee na rooge, vah tumhaaree dohaaee sunate hee tum par nishchay anugrah karegaa: vah sunate hee tumhaaree maanegaa.
Isaiah 30:19 in English
- King James Version (KJV)
- For the people shall dwell in Zion at Jerusalem: thou shalt weep no more: he will be very gracious unto thee at the voice of thy cry; when he shall hear it, he will answer thee.
- World English Bible (WEB)
- For the people will dwell in Zion at Jerusalem. You will weep no more. He will surely be gracious to you at the voice of your cry. When he hears you, he will answer you.
- American Standard Version (ASV)
- For the people shall dwell in Zion at Jerusalem; thou shalt weep no more; he will surely be gracious unto thee at the voice of thy cry; when he shall hear, he will answer thee.
- Bible in Basic English (BBE)
- O people, living in Zion, at Jerusalem, your weeping will be ended; he will certainly have mercy on you at the sound of your cry; when it comes to his ear, he will give you an answer.
- Darby Translation (DBY)
- For the people shall dwell in Zion, at Jerusalem. Thou shalt weep no more; he will be very gracious unto thee at the voice of thy cry; as he heareth it, he will answer thee.
- Webster's Bible (WBS)
- For the people shall dwell in Zion at Jerusalem: thou shalt weep no more: he will be very gracious to thee at the voice of thy cry; when he shall hear it, he will answer thee.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For the people in Zion dwell in Jerusalem, Weep thou not, weeping, Pitying, He pitieth thee at the voice of thy cry, When He heareth He answereth thee.
Read in context
- 17एक ही की धमकी से एक हजार भागेंगे, और पांच की धमकी से तुम ऐसा भागोगे कि अन्त में तुम पहाड़ की चोटी के डण्डे वा टीले के ऊपर की ध्वजा के समान रह जाओगे जो चिन्ह के लिये गाड़े जाते हैं।
- 18तौभी यहोवा इसलिये विलम्ब करता है कि तुम पर अनुग्रह करे, और इसलिये ऊंचे उठेगा कि तुम पर दया करे। क्योंकि यहोवा न्यायी परमेश्वर है; क्या ही धन्य हैं वे जो उस पर आशा लगाए रहते हैं।।
- 19हे सिरयोन के लोगों तुम यरूशलेम में बसे रहो; तुम फिर कभी न रोओगे, वह तुम्हारी दोहाई सुनते ही तुम पर निश्चय अनुग्रह करेगा: वह सुनते ही तुम्हारी मानेगा।
- 20और चाहे प्रभु तुम्हें विपत्ति की रोटी और दु:ख का जल भी दे, तौभी तुम्हारे उपदेशक फिर न छिपें, और तुम अपनी आंखों से अपने उपदेशकों को देखते रहोगे।
- 21और जब कभी तुम दहिनी वा बाई ओर मुड़ने लगो, तब तुम्हारे पीछे से यह वचन तुम्हारे कानों में पड़ेगा, मार्ग यही है, इसी पर चलो।
Cross references
- Isaiah 60:20 यशायाह 60:20तेरा सूर्य फिर कभी अस्त न होगा और न तेरे चन्द्रमा की ज्योति मलिन होगी; क्योंकि यहोवा तेरी सदैव की ज्योति होगा और तरे विलाप के दिन समाप्त हो जाएंगे।
- Isaiah 65:24 यशायाह 65:24उनके पुकारने से पहिले ही मैं उनको उत्तर दूंगा, और उनके मांगते ही मैं उनकी सुन लूंगा।
- Psalm 50:15 भजन संहिता 50:15और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊंगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा।।
- Matthew 7:7–11 मत्ती 7:7–11क्योंकि जो कोई मांगता है, उसे मिलता है; और जो ढूंढ़ता है, वह पाता है? और जो खटखटाता है, उसके लिये खोला जाएगा। तुम में से ऐसा कौन मनुष्य है, कि यदि उसका पुत्रा उस से रोटी मांगे, तो वह उसे पत्थर दे? वा मछली मांगे, तो उसे सांप दे? सो जब तुम बुरे होकर, अपने बच्चों को अच्छी वस्तुएं देना जानते हो, तो तुम्हारा स्वर्गीय पिता अपने मांगनेवालों को अच्छी वस्तुएं क्यों न देगा? इस कारण जो कुछ तुम चाहते हो, कि मनुष्य तुम्हारे साथ करें, तुम भी उन के साथ वैसा ही करो; क्योंकि व्यवस्था और भविष्यद्वक्तओं की शिक्षा यही है।।
- Isaiah 58:9 यशायाह 58:9तब तू पुकारेगा और यहोवा उत्तर देगा; तू दोहाई देगा और वह कहेगा, मैं यहां हूं। यदि तू अन्धेर करना और उंगली मटकाना, और, दुष्ट बातें बोलना छोड़ दे,
- Revelation 7:17 प्रकाशितवाक्य 7:17क्योंकि मेम्ना जो सिंहासन के बीच में है, उन की रखवाली करेगा; और उन्हें जीवन रूपी जल के सोतों के पास ले जाया करेगा, और परमेश्वर उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा।।
- 1 John 5:14–15 1 यूहन्ना 5:14–15और हमें उसके साम्हने जो हियाव होता है, वह यह है; कि यदि हम उस की इच्छा के अनुसार कुछ मांगते हैं, तो हमारी सुनता है। और जब हम जानते हैं, कि जो कुछ हम मांगते हैं वह हमारी सुनता है, तो यह भी जानते हैं, कि जो कुछ हम ने उस से मांगा, वह पाया है।
- Isaiah 25:8 यशायाह 25:8वह मृत्यु को सदा के लिये नाश करेगा, और प्रभु यहोवा सभों के मुख पर से आंसू पोंछ डालेगा, और अपनी प्रजा की नामधराई सारी पृथ्वी पर से दूर करेगा; क्योंकि यहोवा ने ऐसा कहा है।।
- Luke 6:21 लूका 6:21धन्य हो तुम, जो अब भूखे हो; क्योंकि तृप्त किए जाओगे; धन्य हो तुम, जो अब रोते हो, क्योंकि हंसोगे।
- Ephesians 3:20 इफिसियों 3:20अब जो ऐसा सामर्थी है, कि हमारी बिनती और समझ से कहीं अधिक काम कर सकता है, उस सामर्थ के अनुसार जो हम में कारर्य करता है,
- Jeremiah 33:3 यिर्मयाह 33:3मुझ से प्रार्थना कर और मैं तेरी सुन कर तुझे बढ़ी-बड़ी और कठिन बातें बताऊंगा जिन्हें तू अभी नहीं समझता।
- Isaiah 65:9 यशायाह 65:9मैं याकूब में से एक वंश, और यहूदा में से अपने पर्वतों का एक वारिस उत्पन्न करूंगा; मेरे चुने हुए उसके वारिस होंगे, और मेरे दास वहां निवास करेंगे।
Original words (Hebrew)
- people · H5971עַם ʻam
- dwell · H3427יָשַׁב yâshab
- Zion · H6726צִיּוֹן Tsîyôwn
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- weep · H1058בָּכָה bâkâh
- more · H1058בָּכָה bâkâh
- very · H2603חָנַן chânan
- gracious · H2603חָנַן chânan
- voice · H6963קוֹל qôwl
- cry · H2199זָעַק zâʻaq
- hear · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- answer · H6030עָנָה ʻânâh