Isaiah · chapter 30 · verse 3
Isaiah 30:3 in Hindi
इसलिये फिरौन का शरणस्थान तुम्हारी लज्जा का, और मि की छाया में शरण लेना तुम्हारी निन्दा का कारण होगा।
Isaliye phiraun kaa sharanasthaan tumhaaree lajjaa kaa, aur mi kee chhaayaa mem sharan lenaa tumhaaree nindaa kaa kaaran hogaa.
Isaiah 30:3 in English
- King James Version (KJV)
- Therefore shall the strength of Pharaoh be your shame, and the trust in the shadow of Egypt [your] confusion.
- World English Bible (WEB)
- Therefore the strength of Pharaoh will be your shame, and the refuge in the shadow of Egypt your confusion.
- American Standard Version (ASV)
- Therefore shall the strength of Pharaoh be your shame, and the refuge in the shadow of Egypt your confusion.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the strength of Pharaoh will be your shame, and your hope in the shade of Egypt will come to nothing.
- Darby Translation (DBY)
- For to you the protection of Pharaoh shall be a shame, and the trust in the shadow of Egypt a confusion.
- Webster's Bible (WBS)
- Therefore shall the strength of Pharaoh be your shame, and the trust in the shade of Egypt [your] confusion.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the strength of Pharaoh Hath been to you for shame, And the trust in the shadow of Egypt confusion,
Read in context
- 1यहोवा की यह वाणी है, हाय उन बलवा करनेवाले लड़कों पर जो युक्ति तो करते परन्तु मेरी ओर से नहीं; वाचा तो बान्धते परन्तु मेरे आत्मा के सिखाये नहीं; और इस प्रकार पाप पर पाप बढ़ाते हैं।
- 2वे मुझ से बिन पूछे मि को जाते हैं कि फिरौन की रक्षा में रहे और मि की छाया में शरण लें।
- 3इसलिये फिरौन का शरणस्थान तुम्हारी लज्जा का, और मि की छाया में शरण लेना तुम्हारी निन्दा का कारण होगा।
- 4उसके हाकिम सोअन में आए तो हैं और उसके दूत अब हानेस में पहुंचे हैं।
- 5वे सब एक ऐसी जाति के कारण लज्जित होंगे जिस से उनका कुछ लाभ न होगा, जो सहायता और लाभ के बदले लज्जा और नामधराई का कारण होगी।।
Cross references
- Isaiah 20:5 यशायाह 20:5तब वे कूश के कारण जिस पर उनकी आशा थी, और मि के हेतु जिस पर वे फूलते थे व्याकुल और लज्जित हो जाएंगे।
- Romans 10:11 रोमियों 10:11क्योंकि पवित्रा शास्त्रा यह कहता है कि जो कोई उस पर विश्वास करेगा, वह लज्जित न होगा।
- Jeremiah 17:5–6 यिर्मयाह 17:5–6यहोवा यों कहता है, स्रापित है वह पुरूष जो मनुष्य पर भरोसा रखता है, और उसका सहारा लेता है, जिसका मन यहोवा से भटक जाता है। वह निर्जल देश के अधमूए पेड़ के समान होगा और कभी भलाई न देखेगा। वह निर्जल और निर्जन तथा लोनछाई भूमि पर बसेगा।
- Romans 5:5 रोमियों 5:5और आशा से लज्जा नहीं होती, क्योंकि पवित्रा आत्मा जो हमें दिया गया है उसके द्वारा परमेश्वर का प्रेम हमारे मन में डाला गया है।
- Isaiah 30:5–7 यशायाह 30:5–7वे सब एक ऐसी जाति के कारण लज्जित होंगे जिस से उनका कुछ लाभ न होगा, जो सहायता और लाभ के बदले लज्जा और नामधराई का कारण होगी।। दक्खिन देश के पशुओं के विषय भारी वचन। वे अपनी धन सम्पति को जवान गदहों की पीठ पर, और अपने खजानों को ऊंटों के कूबड़ों पर लादे हुए, संकट और सकेती के देश में होकर, जहां सिंह और सिंहनी, नाग और उड़नेवाले तेज विषधर सर्प रहते हैं, उन लोगों के पास जा रहे हैं जिन से उनको लाभ न होगा। क्योंकि मि की सहायता व्यर्थ और निकम्मी है, इस कारण मैं ने उसको बैठी रहनेवाली रहब कहा है।।
- Jeremiah 37:5–10 यिर्मयाह 37:5–10उस समय फिरौन की सेना चढ़ाई के लिये मिस्र से निकली; तब कसदी जो यरूशलेम को घेरे हुए थे, उसका समाचार सुनकर यरूश्लेम के पास से चले गए। तब यहोवा का यह वचन यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता के पास पहुंचा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, यहुदा के जिस राजा ने तुम को प्रार्थना करने के लिये मेरे पास भेजा है, उस से यों कहो, कि देख, फिरौन की जो सेना तुम्हारी सहायता के लिये निकली है वह अपने देश मिस्र में लौट जाएगी। और कसदी फिर वापिस आकर इस नगर से लड़ेंगे; वे इसको ले लेंगे और फूंक देंगे। यहोवा यों कहता है, यह कहकर तुम अपने अपने मन में धोखा न खाओ कि कसदी हमारे पास से निश्चय चले गए हैं; क्योंकि वे नहीं चले गए। क्योंकि यदि तुम ने कसदियों की सारी सेना को जो तुम से लड़ती है, ऐसा मार भी लिया होता कि उन में से केवल घायल लोग रह जाते, तौभी वे अपने अपने तम्बू में से उठकर इस नगर को फूंक देते।
- Isaiah 45:16–17 यशायाह 45:16–17मूत्तियों के गढ़नेवाले सब के सब लज्जित और चकित होंगे, वे सब के सब व्याकुल होंगे। परनतु इस्राएल यहोवा के द्वारा युग युग का उद्धार पाएगा; तुम युग युग वरन अनन्तकाल तक न तो कभी लज्जित और न कभी व्याकुल होगे।।
- Isaiah 36:6 यशायाह 36:6सुन, तू तो उस कुचले हुए नरकट अर्थात् मि पर भरोसा रखता है; उस पर यदि कोई टेक लगाए तो वह उसके हाथ में चुभकर छेद कर देगा। मि का राजा फिरौन उन सब के साथ ऐसा ही करता है जो उस पर भरोसा रखते हैं।