Isaiah · chapter 32 · verse 5
Isaiah 32:5 in Hindi
मूढ़ फिर उदार न कहलाएगा और न कंजूस दानी कहा जाएगा।
Moodh phir udaar na kahalaaegaa aur na kanjoos daanee kahaa jaaegaa.
Isaiah 32:5 in English
- King James Version (KJV)
- The vile person shall be no more called liberal, nor the churl said [to be] bountiful.
- World English Bible (WEB)
- The fool will no longer be called noble, nor the scoundrel be highly respected.
- American Standard Version (ASV)
- The fool shall be no more called noble, nor the churl said to be bountiful.
- Bible in Basic English (BBE)
- The foolish man will no longer be named noble, and they will not say of the false man that he is a man of honour.
- Darby Translation (DBY)
- The vile man shall be no more called noble, nor the churl said to be bountiful:
- Webster's Bible (WBS)
- The vile person shall be no more called liberal, nor the churl said [to be] bountiful.
- Young's Literal Translation (YLT)
- A fool is no more called 'noble,' And to a miser it is not said, 'rich;'
Read in context
- 3उस समय देखनेवालों की आंखें धुंधली न होंगी, और सुननेवालों के कान लगे रहेंगे।
- 4उतावलों के मन ज्ञान की बातें समझेंगे, और तुतलानेवालों की जीभ फुर्ती से और साफ बोलेगी।
- 5मूढ़ फिर उदार न कहलाएगा और न कंजूस दानी कहा जाएगा।
- 6क्योंकि मूढ़ तो मूढ़ता ही की बातें बोलता और मन में अनर्थ ही गढ़ता रहता है कि वह बिन भक्ति के काम करे और यहोवा के विरूद्ध झूठ कहे, भूखे को भूखा ही रहने दे और प्यासे का जल रोक रखे।
- 7छली की चालें बुरी होती हैं, वह दुष्ट युक्तियां निकालता है कि दरिद्र को भी झूठी बातों में लूटे जब कि वे ठीक और नम्रता से भी बोलते हों।
Cross references
- Isaiah 5:20 यशायाह 5:20हाय उन पर जो बुरे को भला और भले को बुरा कहते, जो अंधियारे को उजियाला और उजियाले को अंधियारा ठहराते, और कडुवे को मीठा और मीठे को कड़वा करके मानते हैं!
- Malachi 3:18 मलाकी 3:18तब तुम फिरकर धर्मी और दुष्ट का भेद, अर्थात् जो परमेश्वर की सेवा करता है, और जो उसकी सेवा नहीं करता, उन दोनों को भेद पहिचान सकोगे।।
- Psalm 15:4 भजन संहिता 15:4वह जिसकी दृष्टि में निकम्मा मनुष्य तुच्छ है, और जो यहोवा के डरवैयों का आदर करता है, जो शपथ खाकर बदलता नहीं चाहे हानि उठाना पड़े;
- 1 Samuel 25:3–8 1 शमूएल 25:3–8उस पुरूष का नाम नाबाल, और उसकी पत्नी का नाम अबीगैल था। स्त्री तो बुद्धिमान और रूपवती थी, परन्तु पुरूष कठोर, और बुरे बुरे काम करनेवाला था; वह तो कालेबवंशी था। जब दाऊद ने जंगल में समाचार पाया, कि नाबाल अपनी भेड़ों का ऊन कतर रहा है; तब दाऊद ने दस जवानों को वहां भेज दिया, ओर दाऊद ने उन जवानों से कहा, कि कर्मेल में नाबाल के पास जाकर मेरी ओर से उसका कुशलक्षेम पूछो। और उस से यों कहो, कि तू चिरंजीव रहे, तेरा कल्याण हो, और तेरा घराना कल्याण से रहे, और जो कुछ तेरा है वह कल्याण से रहे। मैं ने सुना है, कि जो तू ऊन कतर रहा है; तेरे चरवाहे हम लोगों के पास रहे, और न तो हम ने उनकी कुछ हानि की, और न उनका कुछ खोया गया। अपने जवानों से यह बात पूछ ले, और वे तुझ का बताएंगे। सो इन जवानों पर तेरे अनुग्रह की दृष्टि हो; हम तो आनन्द के समय में आए हैं, इसलिये जो कुछ तेरे हाथ लगे वह अपने दासों और अपने बेटे दाऊद को दे।
- Proverbs 23:6–8 नीतिवचन 23:6–8जो डाह से देखता है, उसकी रोटी न खाना, और न उसकी स्वादिष्ट भोजनवस्तुओं की लालसा करना; क्योंकि जैसा वह अपने मन में विचार करता है, वैसा वह आप है। वह तुझ से कहता तो है, खा पी, परन्तु उसका मन तुझ से लगा नहीं। जो कौर तू ने खाया हो, उसे उगलना पड़ेगा, और तू अपनी मीठी बातों का फल खोएगा।
- 1 Samuel 25:25 1 शमूएल 25:25मेरा प्रभु उस दुष्ट नाबाल पर चित्त न लगाए; क्योंकि जैसा उसका नाम है वैसा ही वह आप है; उसका नाम तो नाबाल है, और सचमुच उस में मूढ़ता पाई जाती है; परन्तु मुझ तेरी दासी ने अपने प्रभु के जवानों को जिन्हें तू ने भेजा था न देखा था।