Isaiah · chapter 32 · verse 7
Isaiah 32:7 in Hindi
छली की चालें बुरी होती हैं, वह दुष्ट युक्तियां निकालता है कि दरिद्र को भी झूठी बातों में लूटे जब कि वे ठीक और नम्रता से भी बोलते हों।
Chhalee kee chaalem buree hotee haim, vah dusht yuktiyaam nikaalataa hai ki daridr ko bhee jhoothee baatom mem loote jab ki ve theek aur namrataa se bhee bolate hon.
Isaiah 32:7 in English
- King James Version (KJV)
- The instruments also of the churl [are] evil: he deviseth wicked devices to destroy the poor with lying words, even when the needy speaketh right.
- World English Bible (WEB)
- The ways of the scoundrel are evil. He devises wicked plans to destroy the humble with lying words, even when the needy speaks right.
- American Standard Version (ASV)
- And the instruments of the churl are evil: he deviseth wicked devices to destroy the meek with lying words, even when the needy speaketh right.
- Bible in Basic English (BBE)
- The designs of the false are evil, purposing the destruction of the poor man by false words, even when he is in the right.
- Darby Translation (DBY)
- The instruments also of the churl are evil: he deviseth wicked devices to destroy the meek with lying words, even when the needy speaketh right.
- Webster's Bible (WBS)
- The instruments also of the churl [are] evil: he deviseth wicked devices to destroy the poor with lying words, even when the needy speaketh right.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the miser — his instruments [are] evil, He hath counselled wicked devices, To corrupt the poor with lying sayings, Even when the needy speaketh justly.
Read in context
- 5मूढ़ फिर उदार न कहलाएगा और न कंजूस दानी कहा जाएगा।
- 6क्योंकि मूढ़ तो मूढ़ता ही की बातें बोलता और मन में अनर्थ ही गढ़ता रहता है कि वह बिन भक्ति के काम करे और यहोवा के विरूद्ध झूठ कहे, भूखे को भूखा ही रहने दे और प्यासे का जल रोक रखे।
- 7छली की चालें बुरी होती हैं, वह दुष्ट युक्तियां निकालता है कि दरिद्र को भी झूठी बातों में लूटे जब कि वे ठीक और नम्रता से भी बोलते हों।
- 8परन्तु उदार मनुष्य उदारता ही की युक्तियां निकालता है, वह उदारता में स्थिर भी रहेगा।।
- 9हे सुखी स्त्रियों, उठकर मेरी सुनो; हे निश्चिन्त पुत्रियों, मेरे वचन की ओर कान लगाओ।
Cross references
- Jeremiah 5:26–28 यिर्मयाह 5:26–28मेरी प्रजा में दुष्ट लोग पाए जाते हैं; जैसे चिड़ीमार ताक में रहते हैं, वैसे ही वे भी घात लगाए रहते हैं। वे फन्दा लगाकर मनुष्यों को अपने वश में कर लेते हैं। जैसा पिंजड़ा चिड़ियों से भरा हो, वैसे ही उनके घर छल से भरे रहते हैं; इसी प्रकार वे बढ़ गए और धनी हो गए हैं। वे मोटे और चिकने हो गए हैं। बुरे कामों में वे सीमा को लांध गए हैं; वे न्याय, विशेष करके अनाथों का न्याय नहीं चुकाते; इस से उनका काम सफल नहीं होता: वे कंगालों का हक़ भी नहीं दिलाते।
- Matthew 26:59–60 मत्ती 26:59–60महायाजक और सारी महासभा यीशु को मार डालने के लिये उसके विरोध में झूठी गवाही की खोज में थे। परन्तु बहुत से झूठे गवाहों के आने पर भी न पाई।
- Matthew 26:14–16 मत्ती 26:14–16तब यहूदा इस्करियोती नाम बारह चेलों में से एक ने महायाजकों के पास जाकर कहा। यदि मैं उसे तुम्हारे हाथ पकड़वा दूं, तो मुझे क्या दोगे? उन्हों ने उसे तीस चान्दी के सिक्के तौलकर दे दिए। और वह उसी समय से उसे पकड़वाने का अवसर ढूंढ़ने लगा।।
- Psalm 64:4–6 भजन संहिता 64:4–6ताकि छिपकर खरे मनुष्य को मारें; वे निडर होकर उसको अचानक मारते भी हैं। वे बुरे काम करने को हियाव बान्धते हैं; वे फन्दे लगने के विषय बातचीत करते हैं; और कहते हैं, कि हम को कौन देखेगा? वे कुटिलता की युक्ति निकालते हैं; और कहते हैं, कि हम ने पक्की युक्ति खोजकर निकाली है। क्योंकि मनुष्य का मन और हृदय अथाह हैं!
- Acts 6:11–13 प्रेरितों के काम 6:11–13इस पर उन्हो ने कई लोगों को उभारा जो कहने लगे, कि हम ने इस मूसा और परमेश्वर के विरोध में निन्दा की बातें कहते सुना है। और लोगों और प्राचीनों और शास्त्रियों को भड़काकर चढ़ आए और उसे पकड़कर महासभा में ले आए। और झूठे गवाह खड़े किए, जिन्हों ने कहा कि यह मनुष्य इस पवित्रा स्थान और व्यवस्था के विरोध में बोलना नहीं छोड़ता।
- Isaiah 5:23 यशायाह 5:23जो घूस लेकर दुष्टों को निर्दोष, और निर्दोषों को दोषी ठहराते हैं!
- Matthew 26:4 मत्ती 26:4और आपस में विचार करने लगे कि यीशु को छत से पकड़कर मार डालें।
- Psalm 10:7–10 भजन संहिता 10:7–10उसका मुंह शाप और छल और अन्धेर से भरा है; उत्पात और अनर्थ की बातें उसके मुंह में हैं। वह गांवों के घतों में बैठा करता है, और गुप्त स्थानों में निर्दोष को घात करता है, उसकी आंखे लाचार की घात में लगी रहती है। जैसा सिंह अपनी झाड़ी में वैसा ही वह भी छिपकर घात में बैठा करता है; वह दीन को पकड़ने के लिये घात लगाए रहता है, वह दीन को अपने जाल में फंसाकर घसीट लाता है, तब उसे पकड़ लेता है।
- Isaiah 1:23 यशायाह 1:23तेरे हाकिम हठीले और चोरों से मिले हैं। वे सब के सब घूस खानेवाले और भेंट के लालची हैं। वे अनाथ का न्याय नहीं करते, और न विधवा का मुक मा अपने पास आने देते हैं।
- Jeremiah 18:18 यिर्मयाह 18:18तब वे कहने लगे, चलो, यिर्मयाह के विरूद्ध युक्ति करें, क्योंकि न याजक से व्यवस्था, न ज्ञानी से सम्मति, न भविष्यद्वक्ता से वचन दूर होंगे। आओ, हम उसकी कोई बात पकड़कर उसको नाश कराएं और फिर उसकी किसी बात पर ध्यान न दें।
- Micah 7:2–3 मीका 7:2–3भक्त लोग पृथ्वी पर से नाश हो गए हैं, और मनुष्यों में एक भी सीधा नहीं जन नहीं रहा; वे सब के सब हत्या के लिये घात लगाते, और जाल लगाकर अपने अपने भाई का आहेर करते हैं। वे अपने दोनों हाथों से मन लगाकर बुराई करते हैं; हाकिम घूस मांगता, और न्यायी घूस लेने को तैयार रहता है, और रईस अपने मन की दुष्टता वर्णन करता है; इसी प्रकार से वे सब मिलकर जालसाजी करते हैं।
- Isaiah 61:1 यशायाह 61:1प्रभु यहोवा का आत्मा मुझ पर है; क्योंकि यहोवा ने सुसमाचार सुनाने के लिये मेरा अभिषेक किया और मुझे इसलिये भेजा है कि खेदित मन के लोगों को शान्ति दूं; कि बंधुओं के लिये स्वतंत्राता का और कैदियों के लिये छुटकारे का प्रचार करूं;
Original words (Hebrew)
- instruments · H3627כְּלִי kᵉlîy
- churl · H3596כִּילַי kîylay
- evil · H7451רַע raʻ
- deviseth · H3289יָעַץ yâʻats
- devices · H2154זִמָּה zimmâh
- destroy · H2254חָבַל châbal
- poor · H6041עָנִי ʻânîy
- lying · H8267שֶׁקֶר sheqer
- words · H561אֵמֶר ʼêmer
- needy · H34אֶבְיוֹן ʼebyôwn
- speaketh · H1696דָבַר dâbar
- right · H4941מִשְׁפָּט mishpâṭ