Isaiah · chapter 35 · verse 1
Isaiah 35:1 in Hindi
जंगल और निर्जल देश प्रफुल्लित होंगे, मरूभूमि मगन होकर केसर की नाईं फूलेगी;
Jangal aur nirjal desh praphullit honge, maroobhoomi magan hokar kesar kee naaeem phoolegee;
Isaiah 35:1 in English
- King James Version (KJV)
- The wilderness and the solitary place shall be glad for them; and the desert shall rejoice, and blossom as the rose.
- World English Bible (WEB)
- The wilderness and the dry land will be glad. The desert will rejoice and blossom like a rose.
- American Standard Version (ASV)
- The wilderness and the dry land shall be glad; and the desert shall rejoice, and blossom as the rose.
- Bible in Basic English (BBE)
- The waste land and the dry places will be glad; the lowland will have joy and be full of flowers.
- Darby Translation (DBY)
- The wilderness and the dry land shall be gladdened; and the desert shall rejoice, and blossom as the rose.
- Webster's Bible (WBS)
- The wilderness and the solitary place shall be glad for them; and the desert shall rejoice and blossom as the rose.
- Young's Literal Translation (YLT)
- They joy from the wilderness and dry place, And rejoice doth the desert, and flourish as the rose,
Read in context
- 1जंगल और निर्जल देश प्रफुल्लित होंगे, मरूभूमि मगन होकर केसर की नाईं फूलेगी;
- 2वह अत्यन्त प्रभुल्लित होगी और आनन्द के साथ जयजयकार करेगी। उसकी शोभा लबानोन की सी होगी और वह कर्मेल और शारोन के तुल्य तेजोमय हो जाएगी। वे यहोवा की शोभा और हमारे परमेश्वर का तेज देखेंगे।।
- 3ढीले हाथों को दृढ़ करो और थरथराते हुए घुटनों को स्थिर करो।
Cross references
- Isaiah 51:3 यशायाह 51:3यहोवा ने सिरयोन को शान्ति दी है, उस ने उसके सब खण्डहरों को शान्ति दी है; वह उसके जंगल को अदन के समान और उसक निर्जल देश को यहोवा की बाटिका के समान बनाएगा; उस में हर्ष और आनन्द और धन्यवाद और भजन गाने का शब्द सुनाई पड़ेगा।।
- Ezekiel 36:35 यहेजकेल 36:35और लोग कहा करेंगे, यह देश जो उजाड़ था, सो एदेन की बारी सा हो गया, और जो नगर खण्डहर और उजाड़ हो गए और ढाए गए थे, सो गढ़वाले हुए, और बसाए गए हैं।
- Isaiah 55:12–13 यशायाह 55:12–13क्योंकि तुम आनन्द के साथ निकलोगे, और शान्ति के साथ पहुंचाए जाओगे; तुम्हारे आगे आगे पहाड़ और पहाड़ियां गला खोलकर जयजयकार करेंगी, और मैदान के सब वृक्ष आनन्द के मारे ताली बजाएंगे। तब भटकटैयों की सन्ती सनौवर उगेंगे; और बिच्छु पेड़ों की सन्ती मेंहदी उगेगी; और इस से यहोवा का नाम होगा, जो सदा का चिन्ह होगा और कभी न मिटेगा।
- Isaiah 52:9–10 यशायाह 52:9–10हे यरूशलेम के खण्डहरों, एक संग उमंग में आकर जयजयकार करो; क्योंकि यहोवा ने अपनी प्रजा को शान्ति दी है, उस ने यरूशलेम को छुड़ा लिया है। यहोवा ने सारी जातियों के साम्हने अपनी पवित्रा भुजा प्रगट की है; और पृथ्वी के दूर दूर देशों के सब लोग हमारे परमेश्वर का किया हुआ उद्धार निश्चय देख लेंगे।।
- Isaiah 27:6 यशायाह 27:6भविष्य में याकूब जड़ पकड़ेगा, और इस्राएल फूल- फलेगा, और उसके फलों से जगत भर जाएगा।।
- Isaiah 4:2 यशायाह 4:2उस समय इस्राएल के बचे हुओं के लिये यहोवा का पल्लव, भूषण और महिमा ठहरेगा, और भूमि की उपज, बड़ाई और शोभा ठहरेगी।
- Revelation 19:1–7 प्रकाशितवाक्य 19:1–7इस के बाद मैं ने स्वर्ग में मानो बड़ी भीड़ को ऊंचे शब्द से यह कहते सुना, कि हल्लिलूरयाह उद्धार, और महिमा, और सामर्थ हमारे परमेश्वर ही की है। क्योंकि उसके निर्णय सच्चे और ठीक हैं, इसलिये कि उस ने उस बड़ी वेश्या का जो अपने व्यभिचार से पृथ्वी को भ्रष्ट करती थी, न्याय किया, और उस से अपने दासों के लोहू का पलटा लिया है। फिर दूसरी बार उन्हों ने हल्लिलूरयाह कहा: और उसके जलने का धुआं युगानुयुग उठता रहेगा। और चौबीसों प्राचीनों और चारों प्राणियों ने गिरकर परमेश्वर को दण्डवत् किया; जो सिंहासन पर बैठा था, और कहा, आमीन, हल्लिलूरयाह। और सिंहासन में से एक शब्द निकला, कि हे हमारे परमेश्वर से सब डरनेवाले दासों, क्या छोटे, क्या बड़े; तुम सब उस की स्तुति करो। फिर मैं ने बड़ी भीड़ का सा, और बहुत जल का सा शब्द, और गर्जनों का सा बड़ा शब्द सुना, कि हल्लिलूरयाह, इसलिये कि प्रभु हमारा परमेश्वर, सर्वशक्तिमान राज्य करता है। आओ, हम आनन्दित और मगन हों, और उस की स्तुति करें; क्योंकि मेम्ने का ब्याह आ पहुंचा: और उस की पत्नी ने अपने आप को तैयार कर लिया है।
- Isaiah 32:15–16 यशायाह 32:15–16जब तक आत्मा ऊपर से हम पर उण्डेला न जाए, और जंगल फलदायक बारी न बने, और फलदायक बारी फिर वन न गिनी जाए। तब उस जंगल में न्याय बसेगा, और उस फलदायक बारी में धर्म रहेगा।
- Isaiah 61:10–11 यशायाह 61:10–11मैं यहोवा के कारण अति आनन्दित होऊंगा, मेरा प्राण परमेश्वर के कारण मगन रहेगा; क्योंकि उस ने मुझे उद्धार के वस्त्रा पहिनाए, और धर्म की च र ऐसे ओढ़ा दी है जैसे दूल्हा फूलों की माला से अपने आपको सजाता और दुल्हिन अपने गहनों से अपना सिंगार करती है। क्योंकि जैसे भूमि अपनी उपज को उगाती, और बारी में जो कुछ बोया जाता है उसको वह उपजाती है, वैसे ही प्रभु यहोवा सब जातियों के साम्हने धार्मिकता और धन्यवाद को बढ़ाएगा।।
- Psalm 97:8 भजन संहिता 97:8सिरयोन सुनकर आनन्दित हुई, और यहूदा की बेटियां मगन हुई; हे यहोवा, यह तेरे नियमों के कारण हुआ।
- Isaiah 29:17 यशायाह 29:17क्या अब थोड़े ही दिनों के बीतने पर लबानोन फिर फलदाई बारी न बन जाएगा, और फलदाई बारी जंगल न गिनी जएगी?
- Isaiah 66:10–14 यशायाह 66:10–14हे यरूशलेम से सब प्रेम रखने वालो, उसके साथ आनन्द करो और उसके कारण मगन हो; हे उसके विषय सब विलाप करने वालो उसके साथ हषिर्त हो! जिस से तुम उसके शान्तिरूपी स्तन से दूध पी पीकर तृप्त हो; और दूध पीकर उसकी महिमा की बहुतायत से अत्यन्त सुखी हो॥ क्योंकि यहोवा यों कहता है, देखो, मैं उसकी ओर शान्ति को नदी की नाईं, और अन्यजातियों के धन को नदी की बाढ़ के समान बहा दूंगा; और तुम उस से पीओगे, तुम उसकी गोद में उठाए जाओगे और उसके घुटनों पर कुदाए जाओगे। जिस प्रकार माता अपने पुत्र को शान्ति देती है, वैस ही मैं भी तुम्हें शान्ति दुंगा; तुम को यरूशलेम ही में शान्ति मिलेगी। तुम यह देखोगे और प्रफुल्लित होगे; तुम्हारी हड्डियां घास की नाईं हरी भरी होंगी; और यहोवा का हाथ उसके दासों के लिये प्रगट होगा, और, उसके शत्रुओं के ऊपर उसका क्रोध भड़केगा॥