Isaiah · chapter 48 · verse 18
Isaiah 48:18 in Hindi
भला होता कि तू ने मेरी आज्ञाओं को ध्यान से सुना होता! तब तेरी शान्ति नदी के समान और तेरा धर्म समुद्र की लहरों के नाई होता;
Bhalaa hotaa ki too ne meree aajnyaaom ko dhyaan se sunaa hotaa! Tab teree shaanti nadee ke samaan aur teraa dharm samudr kee laharom ke naaee hotaa;
Isaiah 48:18 in English
- King James Version (KJV)
- O that thou hadst hearkened to my commandments! then had thy peace been as a river, and thy righteousness as the waves of the sea:
- World English Bible (WEB)
- Oh that you had listened to my commandments! Then your peace would have been like a river and your righteousness like the waves of the sea.
- American Standard Version (ASV)
- Oh that thou hadst hearkened to my commandments! then had thy peace been as a river, and thy righteousness as the waves of the sea:
- Bible in Basic English (BBE)
- If only you had given ear to my orders, then your peace would have been like a river, and your righteousness as the waves of the sea:
- Darby Translation (DBY)
- Oh that thou hadst hearkened to my commandments! Then would thy peace have been as a river, and thy righteousness as the waves of the sea;
- Webster's Bible (WBS)
- O that thou hadst hearkened to my commandments! then had thy peace been as a river, and thy righteousness as the waves of the sea:
- Young's Literal Translation (YLT)
- O that thou hadst attended to My commands, Then as a river is thy peace, And thy righteousness as billows of the sea,
Read in context
- 16मेरे निकट आकर इस बात को सुनो: आदि से लेकर अब तक मैं ने कोई भी बात गुप्त में नही कही; जब से वह हुआ तब से मैं वहां हूं। और अब प्रभु यहोवा ने और उसकी आत्मा ने मुझे भेज दिया है।।
- 17यहोवा जो तेरा छुडानेवाला और इस्राएल का पवित्रा है, वह यो कहता है, मैं ही तेरा परमेश्वर यहोवा हूं जो तुझे तेरे लाभ के लिये शिक्षा देता हूं, और जिस मार्ग से तुझे जाना है उसी मार्ग पर तुझे ले चलता हूं।
- 18भला होता कि तू ने मेरी आज्ञाओं को ध्यान से सुना होता! तब तेरी शान्ति नदी के समान और तेरा धर्म समुद्र की लहरों के नाई होता;
- 19तेरा वंश बालू के किनकों के तुल्य होता, और तेरी निज सन्तान उसके कणों के समान होती; उनका नाम मेरे सम्मुख से न कभी काटा और न मिटाया जाता।।
- 20बाबुल में से निकल जाओ, कसदियों के बीच में से भाग जाओ; जयजयकार करते हुए इस बात को प्रचार करके सुनाओ, पृथ्वी की छोर तक इसकी चर्चा फैलाओ; कहते जाओ कि यहोवा ने अपने दास याकूब को छुड़ा लिया है!
Cross references
- Deuteronomy 5:29 व्यवस्थाविवरण 5:29भला होता कि उनका मन सदैव ऐसा ही बना रहे, कि वे मेरा भय मानते हुए मेरी सब आज्ञाओं पर चलते रहें, जिस से उनकी और उनके वंश की सदैव भलाई होती रहे!
- Psalm 119:165 भजन संहिता 119:165तेरी व्यवस्था से प्रीति रखनेवालों को बड़ी शान्ति होती है; और उनको कुछ ठोकर नहीं लगती।
- Isaiah 66:12 यशायाह 66:12क्योंकि यहोवा यों कहता है, देखो, मैं उसकी ओर शान्ति को नदी की नाईं, और अन्यजातियों के धन को नदी की बाढ़ के समान बहा दूंगा; और तुम उस से पीओगे, तुम उसकी गोद में उठाए जाओगे और उसके घुटनों पर कुदाए जाओगे।
- Psalm 81:13–16 भजन संहिता 81:13–16यदि मेरी प्रजा मेरी सुने, यदि इस्त्राएल मेरे मार्गों पर चले, तो क्षण भर में उनके शत्रुओं को दबाऊं, और अपना हाथ उनके द्रोहयों के विरूद्ध चलाऊं। यहोवा के बैरी तो उस के वश में हो जाते, और वे सदाकाल बने रहते हैं। और वह उनको उत्तम से उत्तम गेहूं खिलाता, और मैं चट्टान में के मधु से उनको तृप्त करूं।।
- Deuteronomy 32:29 व्यवस्थाविवरण 32:29भला होता कि ये बुद्धिमान होते, कि इसको समझ लेते, और अपने अन्त का विचार करते!
- Luke 19:41–42 लूका 19:41–42जब वह निकट आया तो नगर को देखकर उस पर रोया। और कहा, क्या ही भला होता, कि तू; हां, तू ही, इसी दिन में कुशल की बातें जानता, परन्तु अब वे तेरी आंखों से छिप गई हैं।
- Psalm 36:8 भजन संहिता 36:8वे तेरे भवन के चिकने भोजन से तृप्त होंगे, और तू अपनी सुख की नदी में से उन्हें पिलाएगा।
- Isaiah 45:8 यशायाह 45:8हे आकाश, ऊपर से धर्म बरसा, आकाशमण्डल से धर्म की वर्षा हो; पृथ्वी खुले कि उद्धार उत्पन्न हो; और धर्म भी उसके संग उगाए; मैं यहोवा ही ने उसे उत्पन्न किया है।।
- Amos 5:24 आमोस 5:24परन्तु न्याय को नदी की नाईं, और धर्म महानद की नाईं बहने दो।
- Romans 14:17 रोमियों 14:17क्योंकि परमशॆवर का राज्या खानापीना नहीं; परन्तु धर्म और मिलाप और वह आनन्द है;
- Isaiah 32:15–18 यशायाह 32:15–18जब तक आत्मा ऊपर से हम पर उण्डेला न जाए, और जंगल फलदायक बारी न बने, और फलदायक बारी फिर वन न गिनी जाए। तब उस जंगल में न्याय बसेगा, और उस फलदायक बारी में धर्म रहेगा। और धर्म का फल शांति और उसका परिणाम सदा का चैन और निश्चिन्त रहना होगा। मेरे लोग शान्ति के स्थानों में निश्चिन्त रहेंगे, और विश्राम के स्थानों में सुख से रहेंगे।
- Matthew 23:37 मत्ती 23:37हे यरूशलेम, हे यरूशलेम; तू जो भविष्यद्वक्ताओं को मार डालता है, और जो तेरे पास भेजे गए, उन्हें पत्थरवाह करता है, कितनी ही बार मैं ने चाहा कि जैसे मुर्गी अपने बच्चों को अपने पंखों के नीचे इकट्ठे करती है, वैसे ही मैं भी तेरे बालकों को इकट्ठे कर लूं, परन्तु तुम ने न चाहा।