Isaiah · chapter 49 · verse 10
Isaiah 49:10 in Hindi
वे भूखे और प्यासे होंगे, न लूह और न घाम उन्हें लगेगा, क्योंकि, वह जा उन पर दया करता है, वही उनका अगुवा होगा, और जल के सोतों के पास उन्हें ले चलेगा।
Ve bhookhe aur pyaase honge, na looh aur na ghaam unhem lagegaa, kyonki, vah jaa un par dayaa karataa hai, vahee unakaa aguvaa hogaa, aur jal ke sotom ke paas unhem le chalegaa.
Isaiah 49:10 in English
- King James Version (KJV)
- They shall not hunger nor thirst; neither shall the heat nor sun smite them: for he that hath mercy on them shall lead them, even by the springs of water shall he guide them.
- World English Bible (WEB)
- They shall not hunger nor thirst; neither shall the heat nor sun strike them, for he who has mercy on them will lead them. He will guide them by springs of water.
- American Standard Version (ASV)
- They shall not hunger nor thirst; neither shall the heat nor sun smite them: for he that hath mercy on them will lead them, even by springs of water will he guide them.
- Bible in Basic English (BBE)
- They will not be in need of food or drink, or be troubled by the heat or the sun: for he who has mercy on them will be their guide, taking them by the springs of water.
- Darby Translation (DBY)
- They shall not hunger nor thirst, neither shall the heat nor sun smite them; for he that hath mercy on them will lead them, and by the springs of water will he guide them.
- Webster's Bible (WBS)
- They shall not hunger nor thirst, neither shall the heat nor sun smite them: for he that hath mercy on them shall lead them, even by the springs of water shall he guide them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- They do not hunger, nor thirst, Nor smite them doth mirage and sun, For He who is pitying them doth lead them, And by fountains of waters doth tend them.
Read in context
- 8यहोवा यों कहता है, अपनी प्रसन्नता के समय मैं ने तेरी सुन ली, उद्धार करने के दिन मैं ने तेरी सहायता की है; मैं तेरी रक्षा करके तुझे लोगों के लिये एक वाचा ठहराऊंगा, ताकि देश को स्थिर करे और उजड़े हुए स्थानों को उनके अधिकारियों के हाथ में दे दे; और बंधुओं से कहे, बन्दीगृह से निकल आओ;
- 9और जो अन्धियारे में हैं उन से कहे, अपने आप को दिखलाओ! वे मार्गों के किनारे किनारे पेट भरने पाएंगे, सब मुण्डे टीलों पर भी उनको चराई मिलेगी।
- 10वे भूखे और प्यासे होंगे, न लूह और न घाम उन्हें लगेगा, क्योंकि, वह जा उन पर दया करता है, वही उनका अगुवा होगा, और जल के सोतों के पास उन्हें ले चलेगा।
- 11और, मैं अपने सब पहाड़ों को मार्ग बना दूंगा, और मेरे राजमार्ग ऊंचे किए जाएंगे।
- 12देखो, ये दूर से आएंगे, और, ये उत्तर और पच्छिम से और सीनियों के देश से आएंगे।
Cross references
- Revelation 7:16–17 प्रकाशितवाक्य 7:16–17वे फिर भूखे और प्यासे न होंगे: ओर न उन पर धूप, न कोई तपन पड़ेगी। क्योंकि मेम्ना जो सिंहासन के बीच में है, उन की रखवाली करेगा; और उन्हें जीवन रूपी जल के सोतों के पास ले जाया करेगा, और परमेश्वर उन की आंखों से सब आंसू पोंछ डालेगा।।
- Matthew 5:6 मत्ती 5:6धन्य हैं वे, जो दयावन्त हैं, क्योंकि उन पर दया की जाएगी।
- Ezekiel 34:23 यहेजकेल 34:23और मैं उन पर ऐसा एक चरवाहा ठहराऊंगा जो उनकी चरवाही करेगा, वह मेरा दास दाऊद होगा, वही उन को चराएगा, और वही उनका चरवाहा होगा।
- Isaiah 33:16 यशायाह 33:16वह चट्टानों के गढ़ों में शरण लिए हुए रहेगा; उसको रोटी मिलेगी और पानी की घटी कभी न होगी।।
- Psalm 121:5–6 भजन संहिता 121:5–6यहोवा तेरा रक्षक है; यहोवा तेरी दहिनी ओर तेरी आड़ है। न तो दिन को धूप से, और न रात को चांदनी से तेरी कुछ हाति होगी।।
- Jeremiah 31:9 यिर्मयाह 31:9वे आंसू बहाते हुए आएंगे और गिड़गिड़ाते हुए मेरे द्वारा पहुंचाए जाएंगे, मैं उन्हें नदियों के किनारे किनारे से और ऐसे चौरस मार्ग से ले आऊंगा, जिस से वे ठोकर न खाने पाएंगे; क्योंकि मैं इस्राएल का पिता हूँ, और एप्रैम मेरा जेठा है।
- Isaiah 40:11 यशायाह 40:11वह चरवाहे की नाईं अपने झुण्ड को चराएगा, वह भेड़ों के बच्चों को अंकवार में लिए रहेगा और दूध पिलानेवालियों को धीरे धीरे ले चलेगा।।
- John 10:3–4 यूहन्ना 10:3–4उसके लिये द्वारपाल द्वार खोल देता है, और भेंड़ें उसका शब्द सुनती हैं, और वह अपनी भेड़ों को नाम ले लेकर बुलाता है और बाहर ले जाता है। और जब वह अपनी सब भेड़ों को बाहर निकाल चुकता है, तो उन के आगे आगे चलता है, और भेड़ें उसके पीछे पीछे हो लेती हैं; क्योंकि वे उसक शब्द पहचानती हैं।
- Isaiah 32:2 यशायाह 32:2हर एक मानो आंधी से छिपने का स्थान, और बौछार से आड़ होगा; या निर्जल देश में जल के झरनेे, व तप्त भूमि में बड़ी चट्टान की छाया।
- Isaiah 25:4 यशायाह 25:4क्योंकि तू संकट में दीनों के लिये गढ़, और जब भयानक लोगों का झोंका भीत पर बौछार के समान होता था, तब तू दरिद्रों के लिये उनकी शरण, और तपन में छाया का स्थान हुआ।
- Isaiah 35:7 यशायाह 35:7मृगतृष्णा ताल बन जाएगी और सूखी भूमि में सोते फूटेंगे; और जिस स्थान में सियार बैठा करते हैं उस में घास और नरकट और सरकण्डे होंगे।।
- Isaiah 4:6 यशायाह 4:6वह दिन को घाम से बचाने के लिये और आंधी- पानी और झड़ी में एक शरण और आड़ होगा।।