Isaiah · chapter 4 · verse 6
Isaiah 4:6 in Hindi
वह दिन को घाम से बचाने के लिये और आंधी- पानी और झड़ी में एक शरण और आड़ होगा।।
Vah din ko ghaam se bachaane ke liye aur aandhee- paanee aur jhadee mem ek sharan aur aad hogaa..
Isaiah 4:6 in English
- King James Version (KJV)
- And there shall be a tabernacle for a shadow in the daytime from the heat, and for a place of refuge, and for a covert from storm and from rain.
- World English Bible (WEB)
- There will be a pavilion for a shade in the daytime from the heat, and for a refuge and for a shelter from storm and from rain.
- American Standard Version (ASV)
- And there shall be a pavilion for a shade in the day-time from the heat, and for a refuge and for a covert from storm and from rain.
- Bible in Basic English (BBE)
- And a shade in the daytime from the heat, and a safe cover from storm and from rain.
- Darby Translation (DBY)
- And there shall be a tabernacle for shade by day from the heat, and for a shelter and for a covert from storm and from rain.
- Webster's Bible (WBS)
- And there shall be a tabernacle for a shade in the day time from the heat, and for a place of refuge, and for a covert from storm and from rain.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And a covering may be, For a shadow by day from drought, And for a refuge, and for a hiding place, From inundation and from rain!
Read in context
- 4यह तब होगा, जब प्रभु न्याय करनेवाली और भस्म करनेवाली आत्मा के द्धारा सिरयोन की स्त्रियों के मल को धो चुकेगा और यरूशलेम के खून को दूर कर चुकेगा।
- 5तब यहोवा सिरयोन पर्वत के एक एक घर के ऊपर, और उसके सभास्थनों के ऊपर, दिन को तो धूंए का बादल, और रात को धधकती आग का प्रकाश सिरजेगा, और समस्त विभव के ऊपर एक मण्डप छाया रहेगा।
- 6वह दिन को घाम से बचाने के लिये और आंधी- पानी और झड़ी में एक शरण और आड़ होगा।।
Cross references
- Isaiah 25:4 यशायाह 25:4क्योंकि तू संकट में दीनों के लिये गढ़, और जब भयानक लोगों का झोंका भीत पर बौछार के समान होता था, तब तू दरिद्रों के लिये उनकी शरण, और तपन में छाया का स्थान हुआ।
- Psalm 27:5 भजन संहिता 27:5क्योंकि वह तो मुझे विपत्ति के दिन में अपने मण्डप में छिपा रखेगा; अपने तम्बू के गुप्तस्थान में वह मुझे छिपा लेगा, और चट्टान पर चढ़ाएगा।
- Isaiah 32:2 यशायाह 32:2हर एक मानो आंधी से छिपने का स्थान, और बौछार से आड़ होगा; या निर्जल देश में जल के झरनेे, व तप्त भूमि में बड़ी चट्टान की छाया।
- Proverbs 18:10 नीतिवचन 18:10यहोवा का नाम दृढ़ कोट है; धर्मी उस में भागकर सब दुर्घटनाओं से बचता है।
- Isaiah 8:14 यशायाह 8:14और वह शरणस्थान होगा, परन्तु इस्राएल के दोनो घरानों के लिये ठोकर का पत्थर और ठेस की चट्टान, और यरूशलेम के निवासियों के लिये फन्दा और जाल होगा।
- Psalm 91:1 भजन संहिता 91:1जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा।
- Psalm 121:5–6 भजन संहिता 121:5–6यहोवा तेरा रक्षक है; यहोवा तेरी दहिनी ओर तेरी आड़ है। न तो दिन को धूप से, और न रात को चांदनी से तेरी कुछ हाति होगी।।
- Isaiah 32:18–19 यशायाह 32:18–19मेरे लोग शान्ति के स्थानों में निश्चिन्त रहेंगे, और विश्राम के स्थानों में सुख से रहेंगे। और वन के विनाश के समय ओले गिरेंगे, और नगर पूरी रीति से चौपट हो जाएगा।
- Revelation 7:16 प्रकाशितवाक्य 7:16वे फिर भूखे और प्यासे न होंगे: ओर न उन पर धूप, न कोई तपन पड़ेगी।
- Hebrews 11:7 इब्रानियों 11:7विश्वास ही से नूह ने उन बातों के विषय में जो उस समय दिखाई न पड़ती थीं, चितौनी पाकर भक्ति के साथ अपने घराने के बचाव के लिये जहाज बनाया, और उसके द्वारा उस ने संसार को दोषी ठहराया; और उस धर्म का वारिस हुआ, जो विश्वास से होता है।
- Hebrews 6:18 इब्रानियों 6:18ताकि दो बे- बदल बातों के द्वारा जिन के विषय में परमेश्वर का झूठा ठहरना अन्होना है, हमारा दृढ़ता से ढाढ़स बन्ध जाए, जो शरण लेने को इसलिये दौड़े है, कि उस आशा को जो साम्हने रखी हुई है प्राप्त करें।
- Ezekiel 11:16 यहेजकेल 11:16परन्तु तू उन से कह, प्रभु यहोवा यों कहता है कि मैं ने तुम को दूर दूर की जातियों में बसाया और देश देश में तितर- बितर कर दिया तो है, तौभी जिन देशों में तुम आए हुए हो, उन में मैं स्वयं तुम्हारे लिये थोड़े दिन तक पवित्रास्थान ठहरूंगा।