Isaiah · chapter 5 · verse 10
Isaiah 5:10 in Hindi
क्योंकि दस बीघे की दाख की बारी से एक ही बत दाखमधु मिलेगा, और होमेर भर के बीच से एक ही एपा अन्न उत्पन्न होगा।।
Kyonki das beeghe kee daakh kee baaree se ek hee bat daakhamadhu milegaa, aur homer bhar ke beech se ek hee epaa ann utpann hogaa..
Isaiah 5:10 in English
- King James Version (KJV)
- Yea, ten acres of vineyard shall yield one bath, and the seed of an homer shall yield an ephah.
- World English Bible (WEB)
- For ten acres of vineyard shall yield one bath, and a homer of seed shall yield an ephah.”
- American Standard Version (ASV)
- For ten acres of vineyard shall yield one bath, and a homer of seed shall yield [but] an ephah.
- Bible in Basic English (BBE)
- For ten fields of vines will only give one measure of wine, and a great amount of seed will only give a small measure of grain.
- Darby Translation (DBY)
- Yea, ten acres of vineyard shall yield one bath, and a homer of seed shall yield an ephah.
- Webster's Bible (WBS)
- Yes, ten acres of vineyard shall yield one bath, and the seed of a homer shall yield an ephah.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For ten acres of vineyard do yield one bath, And an homer of seed yieldeth an ephah.
Read in context
- 8हाय उन पर जो घर से घर, और खेत से खेत यहां तक मिलाते जाते हैं कि कुछ स्थान नहीं बचता, कि तुम देश के बीच अकेले रह जाओ।
- 9सेनाओं के यहोवा ने मेरे सुनते कहा है: निश्चय बहुत से घर सुनसान हो जाएंगे, और बड़ें बड़े और सुन्दर घर निर्जन हो जाएंगे।
- 10क्योंकि दस बीघे की दाख की बारी से एक ही बत दाखमधु मिलेगा, और होमेर भर के बीच से एक ही एपा अन्न उत्पन्न होगा।।
- 11हाय उन पर जो बड़े तड़के उठकर मदिरा पीने लगते हैं और बड़ी रात तक दाखमधु पीते रहते हैं जब तक उनको गर्मी न चढ़ जाए!
- 12उनकी जेवनारों में वीणा, सारंगी, डफ, बांसली और दाखमधु, ये सब पाये जाते हैं; परन्तु वे यहोवा के कार्य की ओर दृष्टि नहीं करते, और उसके हाथों के काम को नहीं देखते।।
Cross references
- Leviticus 26:26 लैव्यव्यवस्था 26:26और जब मैं तुम्हारे लिये अन्न के आधार को दूर कर डालूंगा, तब दस स्त्रियां तुम्हारी रोटी एक ही तंदूर में पकाकर तौल तौलकर बांट देंगी; और तुम खाकर भी तृप्त न होगे।।
- Haggai 2:16 हाग्गै 2:16उन दिनों में जब कोई अन्न के बीस नपुओं की आशा से जाता, तब दास ही पाता था, और जब कोई दाखरस के कुण्ड के पास इस आशा से जाता कि पचास बर्तन भर निकालें, तब बीस ही निकलते थे।
- Haggai 1:6 हाग्गै 1:6तुम ने बहुत बोया परन्तु थोड़ा काटा; तुम खाते हो, परन्तु पेट नहीं भरता; तुम पीते हो, परन्तु प्यास नहीं बुझती; तुम कपड़े पहिनते हो, परन्तु गरमाते नहीं; और जो मजदूरी कमाता है, वह अपनी मजदूरी की कमाई को छेदवाली थैली में रखता है।।
- Haggai 1:9–11 हाग्गै 1:9–11तुम ने बहुत उपज की आशा रखी, परन्तु देखो थेड़ी ही है; और जब तुम उसे घर ले आए, तब मैं ने उसको उड़ा दिया। सेनाओं के यहोवा की यह वाणी है, ऐसा क्यों हुआ? क्या इसलिये नहीं, कि मेरा भवन उजाड़ पड़ा है और तुम में से प्रत्येक अपने अपने घर को दौड़ा चला जाता है? इस कारण आकाश से ओस गिरना और पृथ्वी से अन्न उपजना दोनों बन्द हैं। और मेरी आज्ञा से पृथ्वी और पहाड़ों पर, और अन्न और नये दाखमधु पर और ताजे तेल पर, और जो कुछ भूमि से उपजता है उस पर, और मनुष्यों और घरैलू पशुओं पर, और उनके परिश्रम की सारी कमाई पर भी अकाल पड़ा है।।
- Ezekiel 45:10–11 यहेजकेल 45:10–11तुम्हारे पास सच्चा तराजू, सच्चा एपा, और सच्चा बत रहे। एपा और बत दोनों एक ही नाप के हों, अर्थात् दोनों में होमेर का दसवां अंश समाए; दोनों की नाप होमेर के हिसाब से हो।
- Joel 1:17 योएल 1:17बीज ढेलों के नीचे झुलस गए, भण्डार सूने पड़े हैं; खत्ते गिर पड़े हैं, क्योंकि खेती मारी गई।
- Leviticus 27:16 लैव्यव्यवस्था 27:16फिर यदि कोई अपनी निज भूमि का कोई भाग यहोवा के लिये पवित्र ठहराना चाहे, तो उसका मोल इसके अनुसार ठहरे, कि उस में कितना बीज पड़ेगा; जितना भूमि में होमेर भर जौ पड़े उतनी का मोल पचास शेकेल ठहरे।