Isaiah · chapter 55 · verse 2
Isaiah 55:2 in Hindi
जो भोजनवस्तु नहीं है, उसके लिये तुम क्यों रूपया लगाते हो, और, जिस से पेट नहीं भरता उसके लिये क्यों परिश्रम करते हो? मेरी ओर मन लगाकर सुनो, तब उत्तम वस्तुएं खाने पाओगे और चिकनी चिकनी वस्तुएं खाकर सन्तुष्ट हो जाओगे।
Jo bhojanavastu naheem hai, usake liye tum kyom roopayaa lagaate ho, aur, jis se pet naheem bharataa usake liye kyom parishram karate ho? Meree or man lagaakar suno, tab uttam vastuem khaane paaoge aur chikanee chikanee vastuem khaakar santusht ho jaaoge.
Isaiah 55:2 in English
- King James Version (KJV)
- Wherefore do ye spend money for [that which is] not bread? and your labour for [that which] satisfieth not? hearken diligently unto me, and eat ye [that which is] good, and let your soul delight itself in fatness.
- World English Bible (WEB)
- Why do you spend money for that which is not bread, and your labor for that which doesn’t satisfy? Listen diligently to me, and eat that which is good, and let your soul delight itself in richness.
- American Standard Version (ASV)
- Wherefore do ye spend money for that which is not bread? and your labor for that which satisfieth not? hearken diligently unto me, and eat ye that which is good, and let your soul delight itself in fatness.
- Bible in Basic English (BBE)
- Why do you give your money for what is not bread, and the fruit of your work for what will not give you pleasure? Give ear to me, so that your food may be good, and you may have the best in full measure.
- Darby Translation (DBY)
- Wherefore do ye spend money for [that which is] not bread? and your labour for that which satisfieth not? Hearken diligently unto me, and eat ye [that which is] good, and let your soul delight itself in fatness.
- Webster's Bible (WBS)
- Why do ye spend money for [that which is] not bread? and your labor for [that which] satisfieth not? hearken diligently to me, and eat ye [that which is] good, and let your soul delight itself in fatness.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Why do ye weigh money for that which is not bread? And your labour for that which is not for satiety? Hearken diligently unto me, and eat good, And your soul doth delight itself in fatness.
Read in context
- 1अहो सब प्यासे लोगो, पानी के पास आओ; और जिनके पास रूपया न हो, तुम भी आकर मोल लो और खाओ! दाखमधु और दूध बिन रूपए और बिना दाम ही आकर ले लो।
- 2जो भोजनवस्तु नहीं है, उसके लिये तुम क्यों रूपया लगाते हो, और, जिस से पेट नहीं भरता उसके लिये क्यों परिश्रम करते हो? मेरी ओर मन लगाकर सुनो, तब उत्तम वस्तुएं खाने पाओगे और चिकनी चिकनी वस्तुएं खाकर सन्तुष्ट हो जाओगे।
- 3कान लगाओ, और मेरे पास आओ; सुनो, तब तुम जीवित रहेागे; और मैं तुम्हारे साथ सदा की वाचा बान्धूंगा अर्थात् दाऊद पर की अटल करूणा की वाचा।
- 4सुनो, मैं ने उसको राज्य राज्य के लोगों के लिये साक्षी और प्रधान और आज्ञा देनेवाला ठहराया है।
Cross references
- John 6:48–58 यूहन्ना 6:48–58जीवन की रोटी मैं हूं। तुम्हारे बापदादों ने जंगल में मन्ना खाया और मर गए। यह वह रोटी है जो स्वर्ग से उतरती है ताकि मनुष्य उस में से खाए और न मरे। जीवन की रोटी जो स्वर्ग से उतरी मैं हूं। यदि कोई इस रोटी में से खाए, तो सर्वदा जीवित रहेगा और जो रोटी मैं जगत के जीवन के लिये दूंगा, वह मेरा मांस है। इस पर यहूदी यह कहकर आपस में झगड़ने लगे, कि यह मनुष्य क्योंकर हमें अपना मांस खाने को दे सकता है? यीशु ने उन से कहा; मैं तुम से सच सच कहता हूं जब तक मनुष्य के पुत्रा का मांस न खाओ, और उसका लोहू न पीओ, तुम में जीवन नहीं। जो मेरा मांस खाता, और मेरा लोहू पीता हे, अनन्त जीवन उसी का है, और मैं अंतिम दिन फिर उसे जिला उठाऊंगा। क्योंकि मेरा मांस वास्तव में खाने की वस्तु है और मेरा लोहू वास्तव में पीन की वस्तु है। जो मेरा मांस खाता और मेरा लोहू पीता है, वह मुझ में स्थिर बना रहता है, और मैं उस में। जैसा जीवते पिता ने मुझे भेजा और मैं पिता के कारण जीवित हूं वैसा ही वह भी जो मुझे खाएगा मेरे कारण जीवित रहेगा। जो रोटी स्वर्ग से उतरी यही है, बापदादों के समान नहीं कि खाया, और मर गए: जो कोई यह रोटी खाएगा, वह सर्वदा जीवित रहेगा।
- Jeremiah 2:13 यिर्मयाह 2:13क्योंकि मेरी प्रजा ने दो बुराइयां की हैंे उन्हों ने मुझ बहते जल के सोते को त्याग दिया है, और, अन्हों ने हौद बना लिए, वरन बेसे हौद जो टूट गए हैं, और जिन में जल नहीं रह सकता।
- Psalm 22:26 भजन संहिता 22:26नम्र लोग भोजन करके तृप्त होंगे; जो यहोवा के खोजी हैं, वे उसकी स्तुति करेंगे। तुम्हारे प्राण सर्वदा जीवित रहें!
- Romans 10:2–3 रोमियों 10:2–3क्योंकि मैं उन की गवाही देता हूं, कि उन को परमेश्वर के लिये धुन रहती है, परन्तु बुद्धिमानी के साथ नहीं। क्योंकि वे परमेश्वर की धार्मिकता से अनजान होकर, और अपनी धार्मिकता स्थापन करने का यत्न करके, परमेश्वर की धार्मिकता के आधीन न हुए।
- Psalm 36:8 भजन संहिता 36:8वे तेरे भवन के चिकने भोजन से तृप्त होंगे, और तू अपनी सुख की नदी में से उन्हें पिलाएगा।
- Hebrews 13:9 इब्रानियों 13:9नाना प्रकार के और ऊपरी उपदेशों से न भरमाए जाओ, क्योंकि मन का अनुग्रह से दृढ़ रहना भला है, न कि उन खाने की वस्तुओं से जिन से काम रखनेवालों को कुछ लाभ न हुआ।
- Jeremiah 31:14 यिर्मयाह 31:14मैं याजकों को चिकनी वस्तुओं से अति तृप्त करूंगा, और मेरी प्रजा मेरे उत्तम दानों से सन्तुष्ट होगी, यहोवा की यही वाणी है।
- Isaiah 51:7 यशायाह 51:7हे धर्म के जाननेवलो, जिनके मन में मेरी व्यवस्था है, तुम कान लगाकर मेरी सुनो; मनुष्यों की नामधराई से मत डरो, और उनके निन्दा करने से विस्मित न हो।
- Habakkuk 2:13 हबक्कूक 2:13देखो, क्या सेनाओं के यहोवा की ओर से यह नहीं होता कि देश देश के लोग परिश्रम तो करते हैं परन्तु वे आग का कौर होते हैं; और राज्य- राज्य के लोगों का परिश्रम व्यर्थ ही ठहरता है?
- Mark 7:14 मरकुस 7:14और उस ने लोगों को अपने पास बुलाकर उन से कहा, तुम सब मेरी सुनो, और समझो।
- Psalm 34:11 भजन संहिता 34:11हे लड़कों, आओ, मेरी सुनो, मैं तुम को यहोवा का भय मानना सिखाऊंगा।
- Matthew 22:4 मत्ती 22:4फिर उस ने और दासों को यह कहकर भेजा, कि नेवताहारियों से कहो, देखो; मैं भोज तैयार कर चुका हूं, और मेरे बैल और पले हुए पशु मारे गए हैं: और सब कुछ तैयार है; ब्याह के भोज में आओ।
Original words (Hebrew)
- spend · H8254שָׁקַל shâqal
- money · H3701כֶּסֶף keçeph
- bread · H3899לֶחֶם lechem
- labour · H3018יְגִיעַ yᵉgîyaʻ
- satisfieth · H7654שׇׂבְעָה sobʻâh
- not · H3808לֹא lôʼ
- hearken · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- diligently · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- eat · H398אָכַל ʼâkal
- good · H2896טוֹב ṭôwb
- soul · H5315נֶפֶשׁ nephesh
- delight · H6026עָנַג ʻânag
- fatness · H1880דֶּשֶׁן deshen