Mark · chapter 7 · verse 14
Mark 7:14 in Hindi
और उस ने लोगों को अपने पास बुलाकर उन से कहा, तुम सब मेरी सुनो, और समझो।
Aur us ne logom ko apane paas bulaakar un se kahaa, tum sab meree suno, aur samajho.
Mark 7:14 in English
- King James Version (KJV)
- And when he had called all the people [unto him], he said unto them, Hearken unto me every one [of you], and understand:
- World English Bible (WEB)
- He called all the multitude to himself and said to them, “Hear me, all of you, and understand.
- American Standard Version (ASV)
- And he called to him the multitude again, and said unto them, Hear me all of you, and understand:
- Bible in Basic English (BBE)
- And turning to the people again, he said to them, Give ear to me all of you, and let my words be clear to you:
- Darby Translation (DBY)
- And having called again the crowd, he said to them, Hear me, all [of you], and understand:
- Webster's Bible (WBS)
- And when he had called all the people [to him] , he said to them, Hearken to me every one [of you] , and understand.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And having called near all the multitude, he said to them, 'Hearken to me, ye all, and understand;
Read in context
- 12तो तुम उस को उसके पिता वा उस की माता की कुछ सेवा करने नहीं देते।
- 13इस प्रकार तुम अपनी रीतियों से, जिन्हें तुम ने ठहराया है, परमेश्वर का वचन टाल देते हो; और ऐसे ऐसे बहुत से काम करते हो।
- 14और उस ने लोगों को अपने पास बुलाकर उन से कहा, तुम सब मेरी सुनो, और समझो।
- 15ऐसी तो कोई वस्तु नहीं जो मनुष्य को बाहर से समाकर अशुद्ध करे; परन्तु जो वस्तुएं मनुष्य के भीतर से निकलती हैं, वे ही उसे अशुद्ध करती हैं।
- 16यदि किसी के सुनने के कान हों तो सुन ले।
Cross references
- Matthew 15:10 मत्ती 15:10और उस ने लोगों को अपने पास बुलाकर उन से कहा, सुनो; और समझो।
- Proverbs 8:5 नीतिवचन 8:5हे भोलो, चतुराई सीखो; और हे मूर्खों, अपने मन में समझ लों
- Acts 8:30 प्रेरितों के काम 8:30फिलिप्पुस ने उस ओर दौड़कर उसे यशायाह भविष्यद्वक्ता की पुस्तक पढ़ते हुए सुना, और पूछा, कि तू जो पढ़ रहा है क्या उसे समझता भी है?
- Isaiah 6:9 यशायाह 6:9उस ने कहा, जा, और इन लोगों से कह, सुनते ही रहो, परन्तु न समझो; देखते ही रहो, परन्तु न बूझो।
- Luke 12:54–57 लूका 12:54–57और उस ने भीड़ से भी कहा, जब बादल को पच्छिम से उठते देखते हो, तो तुरन्त कहते हो, कि वर्षा होगी; और ऐसा ही होता है। और जब दक्खिना चलती दखते हो तो कहते हो, कि लूह चलेगी, और ऐसा ही होता है। हे कपटियों, तुम धरती और आकाश के रूप में भेद कर सकते हो, परन्तु इस युग के विषय में क्यों भेद करना नहीं जानते? और तुम आप ही निर्णय क्यों नहीं कर लेते, कि उचित क्या है?
- Psalm 94:8 भजन संहिता 94:8तुम जो प्रजा में पशु सरीखे हो, विचार करो; और हे मूर्खों तुम कब तक बुद्धिमान हो जाओगे?
- 1 Kings 18:21 1 राजा 18:21और एलिरयाह सब लोगों के पास आकर कहने लगा, तुम कब तक दो विचारों में लटके रहोगे, यदि यहोवा परमेश्वर हो, तो उसके पीछे हो लेओे; और यदि बाल हो, तो उसके पीछे हो लेओ। लोगों ने उसके उत्तर में एक भी बात न कही।
- 1 Kings 22:28 1 राजा 22:28और मीकायाह ने कहा, यदि तू कभी कुशल से लौटे, तो जान कि यहोवा ने मेरे द्वारा नहीं कहा। फिर उस ने कहा, हे लोगो तुम सब के सब सुन लो।
- Psalm 49:1–2 भजन संहिता 49:1–2हे देश देश के सब लोगों यह सुनो! हे संसार के सब निवासियों, कान लगाओ! क्या ऊंच, क्या नीच क्या धनी, क्या दरिद्र, कान लगाओ!
- Luke 12:1 लूका 12:1इतने में जब हजारों की भीड़ लग गई, यहां तक कि एक दूसरे पर गिरे पड़ते थे, तो वह सब से पहिले अपने चेलों से कहने लगा, कि फरीसियों के कपटरूपी खमीर से चौकस रहना।