Isaiah · chapter 56 · verse 2
Isaiah 56:2 in Hindi
क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो ऐसा ही करता, और वह आदमी जो इस पर स्थिर रहता है, जो विश्रापदिन को पवित्रा मानता और अपवित्रा करने से बचा रहता है, और अपने हाथ को सब भांति की बुराई करने से रोकता है।
Kyaa hee dhany hai vah manushy jo aisaa hee karataa, aur vah aadamee jo is par sthir rahataa hai, jo vishraapadin ko pavitraa maanataa aur apavitraa karane se bachaa rahataa hai, aur apane haath ko sab bhaanti kee buraaee karane se rokataa hai.
Isaiah 56:2 in English
- King James Version (KJV)
- Blessed [is] the man [that] doeth this, and the son of man [that] layeth hold on it; that keepeth the sabbath from polluting it, and keepeth his hand from doing any evil.
- World English Bible (WEB)
- Blessed is the man who does this, and the son of man who holds it fast; who keeps the Sabbath without profaning it and keeps his hand from doing any evil.”
- American Standard Version (ASV)
- Blessed is the man that doeth this, and the son of man that holdeth it fast; that keepeth the sabbath from profaning it, and keepeth his hand from doing any evil.
- Bible in Basic English (BBE)
- Happy is the man who does this, and the son of man whose behaviour is so ordered; who keeps the Sabbath holy, and his hand from doing any evil.
- Darby Translation (DBY)
- Blessed is the man that doeth this, and the son of man that holdeth fast to it; that keepeth the sabbath from profaning it, and keepeth his hand from doing any evil.
- Webster's Bible (WBS)
- Blessed [is] the man [that] doeth this, and the son of man [that] layeth hold on it; that keepeth the sabbath from profaning it, and keepeth his hand from doing any evil.
- Young's Literal Translation (YLT)
- O the happiness of a man who doth this, And of a son of man who keepeth hold on it, Keeping the sabbath from polluting it, And keeping his hand from doing any evil.
Read in context
- 1यहोवा यों कहता है, न्याय का पालन करो, और धर्म के काम करो; क्योंकि मैं शीघ्र तुम्हारा उद्धार करूंगा, और मेरा धर्मी होना प्रगट होगा।
- 2क्या ही धन्य है वह मनुष्य जो ऐसा ही करता, और वह आदमी जो इस पर स्थिर रहता है, जो विश्रापदिन को पवित्रा मानता और अपवित्रा करने से बचा रहता है, और अपने हाथ को सब भांति की बुराई करने से रोकता है।
- 3जो परदेशी यहोवा से मिल गए हैं, वे न कहें कि यहोवा हमें अपनी प्रजा से निश्चय अलग करेगा; और खोजे भी न कहें कि हम तो सूखे वृक्ष हैं।
- 4क्योंकि जो खोजे मेरे विश्रामदिन को मानते और जिस बात से मैं प्रसन्न रहता हूं उसी को अपनाते और मेरी वाचा को पालते हैं, उनके विषय यहोवा यों कहता है
Cross references
- Exodus 31:13–16 निर्गमन 31:13–16तू इस्त्राएलियों से यह भी कहना, कि निश्चय तुम मेरे विश्रामदिनों को मानना, क्योंकि तुम्हारी पीढ़ी पीढ़ी में मेरे और तुम लोगों के बीच यह एक चिन्ह ठहरा है, जिस से तुम यह बात जान रखो कि यहोवा हमारा पवित्रा करनेहारा है। इस कारण तुम विश्रामदिन को मानना, क्योंकि वह तुम्हारे लिये पवित्रा ठहरा है; जो उसको अपवित्रा करे वह निश्चय मार डाला जाए; जो कोई उस दिन में से कुछ कामकाज करे वह प्राणी अपने लोगों के बीच से नाश किया जाए। छ: दिन तो काम काज किया जाए, पर सातवां दिन परमविश्राम का दिन और यहोवा के लिये पवित्रा है; इसलिये जो कोई विश्राम के दिन में कुछ काम काज करे वह निश्चय मार डाला जाए। सो इस्त्राएली विश्रामदिन को माना करें, वरन पीढ़ी पीढ़ी में उसको सदा की वाचा का विषय जानकर माना करें।
- Isaiah 58:13 यशायाह 58:13यदि तू विश्रामदिन को अशुद्ध न करे अर्थात् मेरे उस पवित्रा दिन में अपनी इच्छा पूरी करने का यत्न न करे, और विश्रामदिन को आनन्द का दिन और यहोवा का पवित्रा किया हुआ दिन समझकर माने; यदि तू उसका सन्मान करके उस दिन अपने मार्ग पर न चले, अपनी इच्छा पूरी न करे, और अपनी ही बातें न बोले,
- Ezekiel 20:12 यहेजकेल 20:12फिर मैं ने उनके लिये अपने विश्रामदिन ठहराए जो मेरे और उनके बीच चिन्ह ठहरें; कि वे जानें कि मैं यहोवा उनका पवित्रा करनेवाला हूँ।
- Psalm 112:1 भजन संहिता 112:1याह की स्तुति करो। क्या ही धन्य है वह पुरूष जो यहोवा का भय मानता है, और उसकी आज्ञाओं से अति प्रसन्न रहता है!
- Jeremiah 17:21–22 यिर्मयाह 17:21–22यहोवा यों कहता है, सावधान रहो, विश्राम के दिन कोई बोझ मत उठाओ; और न कोई बोझ यरूशलेम के फाटकों के भीतर ले आओ। विश्राम के दिन अपने अपने घर से भी कोई बोझ बाहर मत लेओ और न किसी रीति का काम काज करो, वरन उस आज्ञा के अनुसार जो मैं ने तुम्हारे पुरखाओं को दी थी, विश्राम के दिन को पवित्रा माना करो।
- Exodus 20:10 निर्गमन 20:10परन्तु सातवां दिन तेरे परमेश्वर यहोवा के लिये विश्रामदिन है। उस में न तो तू किसी भांति का काम काज करना, और न तेरा बेटा, न तेरी बेटी, न तेरा दास, न तेरी दासी, न तेरे पशु, न कोई परदेशी जो तेरे फाटकों के भीतर हो।
- Ezekiel 20:20 यहेजकेल 20:20और मेरे विश्रामदिनों को पवित्रा मानो कि वे मेरे और तुम्हारे बीच चिन्ह ठहरें, और जिस से तुम जानो कि मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूँ।
- Luke 11:28 लूका 11:28उस ने कहा, हां; परन्तु धन्य वे हैं, जो परमेश्वर का वचन सुनते और मानते हैं।।
- John 13:17 यूहन्ना 13:17तुम तो ये बातें जानते हो, और यदि उन पर चलो, तो धन्य हो।
- Psalm 106:3 भजन संहिता 106:3क्या ही धन्य हैं वे जो न्याय पर चलते, और हर समय धर्म के काम करते हैं!
- Psalm 119:1–5 भजन संहिता 119:1–5क्या ही धन्य हैं वे जो चाल के खरे हैं, और यहोवा की व्यवस्था पर चलते हैं! क्या ही धन्य हैं वे जो उसकी चितौनियों को मानते हैं, और पूर्ण मन से उसके पास आते हैं! फिर वे कुटिलता का काम नहीं करते, वे उसके मार्गों में चलते हैं। तू ने अपने उपदेश इसलिये दिए हैं, कि वे यत्न से माने जाएं। भला होता कि तेरी विधियों के मानने के लिये मेरी चालचलन दृढ़ हो जाए!
- Exodus 20:8 निर्गमन 20:8तू विश्रामदिन को पवित्रा मानने के लिये स्मरण रखना।
Original words (Hebrew)
- Blessed · H835אֶשֶׁר ʼesher
- man · H582אֱנוֹשׁ ʼĕnôwsh
- doeth · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- son · H1121בֵּן bên
- man · H120אָדָם ʼâdâm
- hold · H2388חָזַק châzaq
- keepeth · H8104שָׁמַר shâmar
- sabbath · H7676שַׁבָּת shabbâth
- polluting · H2490חָלַל châlal
- keepeth · H8104שָׁמַר shâmar
- hand · H3027יָד yâd
- doing · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- evil · H7451רַע raʻ