Psalms · chapter 119 · verse 1
Psalm 119:1 in Hindi
क्या ही धन्य हैं वे जो चाल के खरे हैं, और यहोवा की व्यवस्था पर चलते हैं!
Kyaa hee dhany haim ve jo chaal ke khare haim, aur yahovaa kee vyavasthaa par chalate haim!
Psalm 119:1 in English
- King James Version (KJV)
- Blessed [are] the undefiled in the way, who walk in the law of the LORD.
- World English Bible (WEB)
- ALEPH Blessed are those whose ways are blameless, who walk according to the LORD’s law.
- American Standard Version (ASV)
- Blessed are they that are perfect in the way, Who walk in the law of Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- ALEPH Happy are they who are without sin in their ways, walking in the law of the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- ALEPH. Blessed are the perfect in the way, who walk in the law of Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- ALEPH. Blessed [are] the undefiled in the way, who walk in the law of the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- [Aleph.] O the happiness of those perfect in the way, They are walking in the law of Jehovah,
Read in context
- 1क्या ही धन्य हैं वे जो चाल के खरे हैं, और यहोवा की व्यवस्था पर चलते हैं!
- 2क्या ही धन्य हैं वे जो उसकी चितौनियों को मानते हैं, और पूर्ण मन से उसके पास आते हैं!
- 3फिर वे कुटिलता का काम नहीं करते, वे उसके मार्गों में चलते हैं।
Cross references
- Luke 11:28 लूका 11:28उस ने कहा, हां; परन्तु धन्य वे हैं, जो परमेश्वर का वचन सुनते और मानते हैं।।
- Ezekiel 11:20 यहेजकेल 11:20जिस से वे मेरी विधियों पर नित चला करें और मेरे नियमों को मानें; और वे मेरी प्रजा ठहरेंगे, और मैं उनका परमेश्वर ठहरूंगा।
- James 1:25 याकूब 1:25पर जो व्यक्ति स्वतंत्राता की सिद्ध व्यवस्था पर ध्यान करता रहता है, वह अपने काम में इसलिये आशीष पाएगा कि सुनकर नहीं, पर वैसा ही काम करता है।
- Psalm 128:1 भजन संहिता 128:1क्या ही धन्य है हर एक जो यहोवा का भय मानता है, और उसके मार्गों पर चलता है!
- John 13:17 यूहन्ना 13:17तुम तो ये बातें जानते हो, और यदि उन पर चलो, तो धन्य हो।
- Luke 1:6 लूका 1:6और वे दोनों परमेश्वर के साम्हने धर्मी थे: और प्रभु की सारी आज्ञाओं और विधियों पर निर्दोष चलनेवाले थे। उन के कोई सन्तान न थी,
- Psalm 1:1–3 भजन संहिता 1:1–3क्या ही धन्य है वह पुरूष जो दुष्टों की युक्ति पर नहीं चलता, और न पापियों के मार्ग में खड़ा होता; और न ठट्ठा करनेवालों की मण्डली में बैठता है! परन्तु वह तो यहोवा की व्यवस्था से प्रसन्न रहता; और उसकी व्यवस्था पर रात दिन ध्यान करता रहता है। वह उस वृक्ष के समान है, जो बहती नालियों के किनारे लगाया गया है। और अपनी ऋतु में फलता है, और जिसके पत्ते कभी मुरझाते नहीं। इसलिये जो कुछ वह पुरूष करे वह सफल होता है।।
- Titus 2:11–12 तीतुस 2:11–12क्योंकि परमेश्वर का अनुग्रह प्रगट है, जो सब मनुष्यों के उद्धार का कारण है। और हमें चिताता है, कि हम अभक्ति और सांसारिक अभिलाषाओं से मन फेरकर इस युग में संयम और धर्म और भक्ति से जीवन बिताएं।
- 1 Thessalonians 4:1–2 1 थिस्सलुनीकियों 4:1–2निदान, हे भाइयों, हम तुम से बिनती करते हैं, और तुम्हें प्रभु यीशु में समझाते हैं, कि जैसे तुम ने हम से योग्य चाल चलना, और परमेश्वर को प्रसन्न करना सीखा है, और जैसा तुम चलते भी हो, वैसे ही और भी बढ़ते जाओ। क्योंकि तुम जानते हो, कि हम ने प्रभु यीशु की ओर से तुम्हें कौन कौन सी आज्ञा पहुंचाई।
- Psalm 112:1 भजन संहिता 112:1याह की स्तुति करो। क्या ही धन्य है वह पुरूष जो यहोवा का भय मानता है, और उसकी आज्ञाओं से अति प्रसन्न रहता है!
- Acts 24:16 प्रेरितों के काम 24:16इस से मैं आप भी यतन करता हूं, कि परमेश्वर की, और मनुष्यों की ओर मेरा विवेक सदा निर्दोष रहे।
- Proverbs 11:20 नीतिवचन 11:20जो मन के टेढ़े है, उन से यहोवा को घृणा आती है, परन्तु वह खरी चालवालों से प्रसन्न रहता है।