Jeremiah · chapter 5 · verse 25
Jeremiah 5:25 in Hindi
परन्तु तुम्हारे अधर्म के कामों ही के कारण वे रूक गए, और तुम्हारे पापों ही के कारण तुम्हारी भलाई नहीं होती।
Parantu tumhaare adharm ke kaamom hee ke kaaran ve rook gae, aur tumhaare paapom hee ke kaaran tumhaaree bhalaaee naheem hotee.
Jeremiah 5:25 in English
- King James Version (KJV)
- Your iniquities have turned away these [things], and your sins have withholden good [things] from you.
- World English Bible (WEB)
- “Your iniquities have turned away these things, and your sins have withheld good from you.
- American Standard Version (ASV)
- Your iniquities have turned away these things, and your sins have withholden good from you.
- Bible in Basic English (BBE)
- Through your evil-doing these things have been turned away, and your sins have kept back good from you.
- Darby Translation (DBY)
- Your iniquities have turned away these things, and your sins have withholden from you what is good.
- Webster's Bible (WBS)
- Your iniquities have turned away these [things] , and your sins have withheld good [things] from you.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Your iniquities have turned these away, And your sins have kept the good from you.
Read in context
- 23पर इस प्रजा का हठीला और बलवा करनेवाला मन है; इन्हों ने बलवा किया और दूर हो गए हैं।
- 24वे मन में इतना भी नहीं सोचते कि हमारा परमेश्वर यहोवा तो बरसात के आरम्भ और अन्त दोनों समयों का जल समय पर बरसाता है, और कटनी के नियत सप्ताहों को हमारे लिये रखता है, इसलिये हम उसका भय मानें।
- 25परन्तु तुम्हारे अधर्म के कामों ही के कारण वे रूक गए, और तुम्हारे पापों ही के कारण तुम्हारी भलाई नहीं होती।
- 26मेरी प्रजा में दुष्ट लोग पाए जाते हैं; जैसे चिड़ीमार ताक में रहते हैं, वैसे ही वे भी घात लगाए रहते हैं। वे फन्दा लगाकर मनुष्यों को अपने वश में कर लेते हैं।
- 27जैसा पिंजड़ा चिड़ियों से भरा हो, वैसे ही उनके घर छल से भरे रहते हैं; इसी प्रकार वे बढ़ गए और धनी हो गए हैं।
Cross references
- Isaiah 59:2 यशायाह 59:2क्योंकि तुम्हारे हाथ हत्या से और तुम्हारी अंगुलियां अधर्म के कर्मो से अपवित्रा हो गई है; तुम्हारे मुंह से तो झूठ और तुम्हारी जीभ से कुटिल बातें निकलती हैं।
- Psalm 107:34 भजन संहिता 107:34वह फलवन्त भूमि को नोनी करता है, यह वहां के रहनेवालों की दुष्टता के कारण होता है।
- Psalm 107:17 भजन संहिता 107:17मूढ़ अपनी कुचाल, और अधर्म के कामों के कारण अति दु:खित होते हैं।
- Jeremiah 2:17–19 यिर्मयाह 2:17–19क्या यह तेरी ही करनी का फल नहीं, जो तू ने अपने परमेश्वर यहोवा को छोड़ दिया जो तुझे मार्ग में लिए चला? और अब तुझे मिस्र के मार्ग से क्या लाभ है कि तू सीहोर का जल पीए? अथवा अश्शूर के मार्ग से भी तुझे क्या लाभ कि तू महानद का जल पीए? तेरी बुराई ही तेरी ताड़ना करेगी, और तेरा भटक जाना तुझे उलाहना देगा। जान ले और देख कि अपने परमेश्वर यहोवा को त्यागना, यह बुरी और कड़वी बात है; तुझे मेरा भय ही नहीं रहा, प्रभु सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है।
- Deuteronomy 28:23–24 व्यवस्थाविवरण 28:23–24और तेरे सिर के ऊपर आकाश पीतल का, और तेरे पांव के तले भूमि लोहे की हो जाएगी। यहोवा तेरे देश में पानी के बदले बालू और धूलि बरसाएगा; वह आकाश से तुझ पर यहां तक बरसेगी कि तू सत्यानाश हो जाएगा।
- Jeremiah 3:3 यिर्मयाह 3:3इसी कारण झड़ियां और बरसात की पिछली वर्षा नहीं होती; तौभी तेरा माथा वेश्या का सा है, तू लज्जित होना ही नहीं जानती।
- Lamentations 3:39 विलापगीत 3:39सो जीवित मनुष्य क्यों कुड़कुड़ाए? और पुरूष अपने पाप के दण्ड को क्यों बुरा माने?
- Lamentations 4:22 विलापगीत 4:22हे यिरयोन की पुत्री, तेरे अधर्म का दण्ड समाप्त हुआ, वह फिर तुझे बंधुआई में न ले जाएगा; परन्तु हे एदोम की पुत्री, तेरे अधर्म का दण्ड वह तुझे देगा, वह तेरे पापों को प्रगट कर देगा।