James · chapter 2 · verse 11
James 2:11 in Hindi
इसलिये कि जिस ने यह कहा, कि तू व्यभिचार न करना उसी ने यह भी कहा, कि तू हत्या न करना इसलिये यदि तू ने व्यभिचार तो नहीं किया, पर हत्या की तौभी तू व्यवस्था का उलंघन करने वाला ठहरा।
Isaliye ki jis ne yah kahaa, ki too vyabhichaar na karanaa usee ne yah bhee kahaa, ki too hatyaa na karanaa isaliye yadi too ne vyabhichaar to naheem kiyaa, par hatyaa kee taubhee too vyavasthaa kaa ulanghan karane vaalaa thaharaa.
James 2:11 in English
- King James Version (KJV)
- For he that said, Do not commit adultery, said also, Do not kill. Now if thou commit no adultery, yet if thou kill, thou art become a transgressor of the law.
- World English Bible (WEB)
- For he who said, “Do not commit adultery,” also said, “Do not commit murder.” Now if you do not commit adultery but do murder, you have become a transgressor of the law.
- American Standard Version (ASV)
- For he that said, Do not commit adultery, said also, Do not kill. Now if thou dost not commit adultery, but killest, thou art become a transgressor of the law.
- Bible in Basic English (BBE)
- For he who said, Do not be untrue in married life, is the same who said, Put no man to death. Now if you are not untrue in married life, but you put a man to death, the law is broken.
- Darby Translation (DBY)
- For he who said, Thou shalt not commit adultery, said also, Thou shalt not kill. Now if thou dost not commit adultery, but killest, thou art become transgressor of [the] law.
- Webster's Bible (WBS)
- For he that said, Do not commit adultery; said also, Do not kill. Now if thou committest no adultery, yet if thou killest, thou art become a transgressor of the law.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for He who is saying, 'Thou mayest not commit adultery,' said also, 'Thou mayest do no murder;' and if thou shalt not commit adultery, and shalt commit murder, thou hast become a transgressor of law;
Read in context
- 9पर यदि तुम पक्षपात करते हो, तो पाप करते हो; और व्यवस्था तुम्हें अपराधी ठहराती है।
- 10क्योंकि जो कोई सारी व्यवस्था का पालन करता है परन्तु एक ही बात में चूक जाए तो वह सब बातों मे दोषी ठहरा।
- 11इसलिये कि जिस ने यह कहा, कि तू व्यभिचार न करना उसी ने यह भी कहा, कि तू हत्या न करना इसलिये यदि तू ने व्यभिचार तो नहीं किया, पर हत्या की तौभी तू व्यवस्था का उलंघन करने वाला ठहरा।
- 12तुम उन लोगों की नाई वचन बोलो, और काम भी करो, जिन का न्याय स्वतंत्राता की व्यवस्था के अनुसार होगा।
- 13क्योंकि जिस ने दया नहीं की, उसका न्याय बिना दया के होगा: दया न्याय पर जयवन्त होती है।।
Cross references
- Exodus 20:13–14 निर्गमन 20:13–14तू खून न करना।। तू व्यभिचार न करना।।
- Matthew 5:21–28 मत्ती 5:21–28तुम सुन चुके हो, कि पूर्वकाल के लोगों से कहा गया था कि हत्या न करना, और जो कोई हत्या करेगा वह कचहरी में दण्ड के योग्य होगा। परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि जो कोई अपने भाई पर क्रोध करेगा, वह कचहरी में दण्ड के योग्य होगा: और जो कोई अपने भाई को निकम्मा कहेगा वह महासभा में दण्ड के योग्य होगा; और जो कोई कहे "अरे मूर्ख" वह नरक की आग के दण्ड के योग्य होगा। इसलिये यदि तू अपनी भेंट वेदी पर लाए, और वहां तू स्मरण करे, कि मेरे भाई के मन में मेरी ओर से कुछ विरोध है, तो अपनी भेंट वहीं वेदी के साम्हने छोड़ दे। और जाकर पहिले अपने भाई से मेल मिलाप कर; तब आकर अपनी भेंट चढ़ा। जब तक तू अपने मु ई के साथ मार्ग में हैं, उस से झटपट मेल मिलाप कर ले कहीं ऐसा न हो कि मु ई तुझे हाकिम को सौंपे, और हाकिम तुझे सिपाही को सौंप दे और तू बन्दीगृह में डाल दिया जाए। मैं तुम से सच कहता हूं कि जब तक तू कौड़ी कौड़ी भर न दे तब तक वहां से छूटने न पाएगा।। तुम सुन चुके हो कि कहा गया था, कि व्यभिचार न करना। परन्तु मैं तुम से यह कहता हूं, कि जो कोई किसी स्त्री पर कुदृष्टि डाले वह अपने मन में उस से व्यभिचार कर चुका।
- Deuteronomy 5:17–18 व्यवस्थाविवरण 5:17–18तू हत्या न करना।। तू व्यभिचार न करना।।
- Romans 13:9 रोमियों 13:9क्योंकि यह कि व्यभिचार न करना, हत्या न करना; चोरी न करना; लालच न करना; और इन को छोड़ और कोई भी आज्ञा हो तो सब का सारांश इस बात में पाया जाता है, कि अपने पड़ोसी से अपने समान प्र्रेम रख।
- Mark 10:19 मरकुस 10:19तू आज्ञाओं को तो जानता है; हत्या न करना, व्यभिचार न करना, चोरी न करना, झूठी गवाही न देना, छल न करना, अपने पिता और अपनी माता का आदर करना।
- Luke 18:20 लूका 18:20तू आज्ञाओं को तो जानता है, कि व्यभिचार न करना, झूठी गवाही न देना, अपने पिता और अपनी माता का आदर करना।
- Matthew 19:18 मत्ती 19:18उस ने उस से कहा, कौन सी आज्ञाएं? यीशु ने कहा, यह कि हत्या न करना, व्यभिचार न करना, चोरी न करना, झूठी गवाही न देना।
- Psalm 130:3–4 भजन संहिता 130:3–4हे याह, यदि तू अधर्म के कामों का लेखा ले, तो हे प्रभु कौन खड़ा रह सकेगा? परन्तु तू क्षमा करनेवाला है? जिस से तेरा भय माना जाए।
- Leviticus 4:13 लैव्यव्यवस्था 4:13और इन बातों में से किसी भी बात के विषय में जो कोई पाप करे, याजक उसका प्रायश्चित्त करे, और तब वह पाप क्षमा किया जाएगा। और इस पापबलि का शेष अन्नबलि के शेष की नाई याजक का ठहरेगा।।
Original words (Greek)
- For · G1063γάρ gár
- said · G2036ἔπω épō
- Do · G3431μοιχεύω moicheúō
- not · G3361μή mḗ
- adultery · G3431μοιχεύω moicheúō
- said · G2036ἔπω épō
- also · G2532καί kaí
- Do · G5407φονεύω phoneúō
- not · G3361μή mḗ
- kill · G5407φονεύω phoneúō
- Now · G1161δέ dé
- if · G1487εἰ ei
- commit · G3431μοιχεύω moicheúō
- no · G3756οὐ ou
- adultery · G3431μοιχεύω moicheúō
- yet · G1161δέ dé
- kill · G5407φονεύω phoneúō
- become · G1096γίνομαι gínomai
- transgressor · G3848παραβάτης parabátēs
- law · G3551νόμος nómos