James · chapter 2 · verse 16
James 2:16 in Hindi
और तुम में से कोई उन से कहे, कुशल से जाओ, तुम गरम रहो और तृप्त रहो; पर जो वस्तुएं देह के लिये आवश्यक हैं वह उन्हें न दे, तो क्या लाभ?
Aur tum mem se koee un se kahe, kushal se jaao, tum garam raho aur trupt raho; par jo vastuem deh ke liye aavashyak haim vah unhem na de, to kyaa laabh?
James 2:16 in English
- King James Version (KJV)
- And one of you say unto them, Depart in peace, be [ye] warmed and filled; notwithstanding ye give them not those things which are needful to the body; what [doth it] profit?
- World English Bible (WEB)
- and one of you tells them, “Go in peace. Be warmed and filled;” yet you didn’t give them the things the body needs, what good is it?
- American Standard Version (ASV)
- and one of you say unto them, Go in peace, be ye warmed and filled; and yet ye give them not the things needful to the body; what doth it profit?
- Bible in Basic English (BBE)
- And one of you says to them, Go in peace, be warm and full of food; but you do not give them the things of which their bodies have need, what profit is there in this?
- Darby Translation (DBY)
- and one from amongst you say to them, Go in peace, be warmed and filled; but give not to them the needful things for the body, what [is] the profit?
- Webster's Bible (WBS)
- And one of you sayeth to them, Depart in peace, be you warmed and filled; notwithstanding ye give them not those things which are needful to the body; what [doth it] profit?
- Young's Literal Translation (YLT)
- and any one of you may say to them, 'Depart ye in peace, be warmed, and be filled,' and may not give to them the things needful for the body, what [is] the profit?
Read in context
- 14हे मेरे भाइयों, यदि कोई कहे कि मुझे विश्वास है पर वह कर्म न करता हो, तो उस से क्या लाभ? क्या ऐसा विश्वास कभी उसका उद्धार कर सकता है?
- 15यदि कोई भाई या बहिन नगें उघाड़े हों, और उन्हें प्रति दिन भोजन की घटी हो।
- 16और तुम में से कोई उन से कहे, कुशल से जाओ, तुम गरम रहो और तृप्त रहो; पर जो वस्तुएं देह के लिये आवश्यक हैं वह उन्हें न दे, तो क्या लाभ?
- 17वैसे ही विश्वास भी, यदि कर्म सहित न हो तो अपने स्वभाव में मरा हुआ है।
- 18बरन कोई कह सकता है कि तुझे विश्वास है, और मैं कर्म करता हूं: तू अपना विश्वास मुझे कर्म बिना तो दिखा; और मैं अपना विश्वास अपने कर्मों के द्वारा तुझे दिखाऊंगा।
Cross references
- Proverbs 3:27–28 नीतिवचन 3:27–28जिनका भला करना चाहिये, यदि तुझ में शक्ति रहे, तो उनका भला करने से न रूकना।। यदि तेरे पास देने को कुछ हो, तो अपने पड़ोसी से न कहना कि जा कल फिर आना, कल मैं तुझे दूंगा।
- 1 John 3:16–18 1 यूहन्ना 3:16–18हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उस ने हमारे अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए। पर जिस किसी के पास संसार की संपत्ति हो और वह अपने भाई को कंगाल देखकर उस पर तरस न खाना चाहे, तो उस में परमेश्वर का प्रेम क्योंकर बना रह सकता है? हे बालको, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें।
- Matthew 25:42–45 मत्ती 25:42–45क्योंकि मैं भूखा था, और तुम ने मुझे खाने को नहीं दिया, मैं पियासा था, और तुम ने मुझे पानी नहीं पिलाया। मैं परदेशी था, और तुम ने मुझे अपने घर में नहीं ठहराया; मैं नंगा था, और तुम ने मुझे कपड़े नहीं पहिनाए; बीमार और बन्दीगृह में था, और तुम ने मेरी सुधि न ली। तब वे उत्तर देंगे, कि हे प्रभु, हम ने तुझे कब भूखा, या पियासा, या परदेशी, या नंगा, या बीमार, या बन्दीगृह में देखा, और तेरी सेवा टहल न की? तब वह उन्हें उत्तर देगा, मैं तुम से सच कहता हूं कि तुम ने जो इन छोटे से छोटों में से किसी एक के साथ नहीं किया, वह मेरे साथ भी नहीं किया।
- Romans 12:9 रोमियों 12:9प्रेम निष्कपट हो; बुराई से घृणा करो; भलाई मे लगे रहो।
- 2 Corinthians 8:8 2 कुरिन्थियों 8:8मैं आज्ञा की रीति पर तो नहीं, परन्तु और के उत्साह से तुम्हारे प्रेम की सच्चाई को परखने के लिये कहता हूं।
- Matthew 14:15–16 मत्ती 14:15–16जब सांझ हुई, तो उसके चेलों ने उसके पास आकर कहा; यह तो सुनसान जगह है और देर हो रही है, लोगों को विदा किया जाए कि वे बस्तियों में जाकर अपने लिये भोजन मोल लें। यीशु ने उन से कहा उन का जाना आवश्यक नहीं! तुम ही इन्हें खाने को दो।
- Job 22:7–9 अय्यूब 22:7–9थके हुए को तू ने पानी न पिलाया, और भूखे को रोटी देने से इनकार किया। जो बलवान था उसी को भूमि मिली, और जिस पुरूष की प्रतिष्ठा हुई थी, वही उस में बस गया। तू ने विधवाओं को छूछे हाथ लौटा दिया। और अनाथों की बाहें तोड़ डाली गई।
- Matthew 15:32 मत्ती 15:32यीशु ने अपने चेलों को बुलाकर कहा, मुझे इस भीड़ पर तरस आता है; क्योंकि वे तीन दिन से मेरे साथ हैं और उन के पास कुछ खाने को नहींं; और मैं उन्हें भूखा विदा करना नहीं चाहता; कहीं ऐसा न हो कि मार्ग में थककर रह जाएं।
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- one · G5100τὶς tìs
- of · G1537ἐκ ek
- you · G5216ὑμῶν hymōn
- say · G2036ἔπω épō
- them · G846αὐτός autós
- Depart · G5217ὑπάγω hypágō
- in · G1722ἐν en
- peace · G1515εἰρήνη eirḗnē
- be · G2328θερμαίνω thermaínō
- warmed · G2328θερμαίνω thermaínō
- and · G2532καί kaí
- filled · G5526χορτάζω chortázō
- notwithstanding · G1161δέ dé
- give · G1325δίδωμι dídōmi
- them · G846αὐτός autós
- not · G3361μή mḗ
- needful · G2006ἐπιτήδειος epitḗdeios
- body · G4983σῶμα sōma
- what · G5101τίς tís
- profit · G3786ὄφελος óphelos