James · chapter 2 · verse 6
James 2:6 in Hindi
पर तुम ने उस कंगाल का अपमान किया: क्या धनी लोग तुम पर अत्याचार नहीं करते और क्या वे ही तुम्हें कचहरियों में घसीट घसीट कर नहीं ले जाते?
Par tum ne us kangaal kaa apamaan kiyaa: kyaa dhanee log tum par atyaachaar naheem karate aur kyaa ve hee tumhem kachahariyom mem ghaseet ghaseet kar naheem le jaate?
James 2:6 in English
- King James Version (KJV)
- But ye have despised the poor. Do not rich men oppress you, and draw you before the judgment seats?
- World English Bible (WEB)
- But you have dishonored the poor man. Don’t the rich oppress you and personally drag you before the courts?
- American Standard Version (ASV)
- But ye have dishonored the poor man. Do not the rich oppress you, and themselves drag you before the judgment-seats?
- Bible in Basic English (BBE)
- But you have put the poor man to shame. Are not the men of wealth rulers over you? do they not take you by force before their judges?
- Darby Translation (DBY)
- But ye have despised the poor [man]. Do not the rich oppress you, and [do not] they drag you before [the] tribunals?
- Webster's Bible (WBS)
- But ye have despised the poor. Do not rich men oppress you, and draw you before the judgment-seats?
- Young's Literal Translation (YLT)
- and ye did dishonour the poor one; do not the rich oppress you and themselves draw you to judgment-seats;
Read in context
- 4तो क्या तुम ने आपस में भेद भाव न किया और कुविचार से न्याय करनेवाले न ठहरे?
- 5हे मेरे प्रिय भाइयों सुनो; क्या परमेश्वर ने इस जगत के कंगालों को नहीं चुना कि विश्वास में धर्मी, और उस राज्य के अधिकारी हों, जिस की प्रतिज्ञा उस ने उन से की है जो उस से प्रेम रखते हैं?
- 6पर तुम ने उस कंगाल का अपमान किया: क्या धनी लोग तुम पर अत्याचार नहीं करते और क्या वे ही तुम्हें कचहरियों में घसीट घसीट कर नहीं ले जाते?
- 7क्या वे उस उत्तम नाम की निन्दा नहीं करते जिस के तुम कहलाए जाते हो?
- 8तौभी यदि तुम पवित्रा शास्त्रा के इस वचन के अनुसार, कि तू अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख, सचमुच उस राज्य व्यवस्था को पूरी करते हो, तो अच्छा करते हो।
Cross references
- Proverbs 17:5 नीतिवचन 17:5जो निर्धन को ठट्ठों में उड़ाता है, वह उसके कर्त्ता की निन्दा करता है; और जो किसी की विपत्ति पर हंसता, वह निर्दोष नहीं ठहरेगा।
- Proverbs 14:31 नीतिवचन 14:31जो कंगाल पर अंधेर करता, वह उसके कर्ता की निन्द करता है, परन्तु जो दरिद्र पर अनुग्रह करता, वह उसकी महिमा करता है।
- 1 Corinthians 11:22 1 कुरिन्थियों 11:22क्या खाने पीने के लिये तुम्हारे घर नहीं? या परमेश्वर की कलीसिया को तुच्छ जानते हो, और जिन के पास नहीं है उन्हें लज्जित करते हो? मैं तुम से क्या कहूं? क्या इस बात में तुम्हारी प्रशंसा करूं? मैं प्रशंसा नहीं करता।
- Psalm 14:6 भजन संहिता 14:6तुम तो दीन की युक्ति की हंसी उड़ाते हो इसलिये कि यहोवा उसका शरणस्थान है।
- James 5:4 याकूब 5:4देखो, जिन मजदूरों ने तुम्हारे खेत काटे, उन की वह मजदूरी जो तुम ने धोखा देकर रख ली है चिल्ला रही है, और लवने वालों की दोहाई, सेनाओं के प्रभु के कानों तक पहुंच गई है।
- Acts 16:19–20 प्रेरितों के काम 16:19–20जब उसके स्वामियों ने देखा, कि हमारी कमाई की आशा जाती रही, तो पौलुस और सीलास को पकड़ कर चौक में प्राधानों के पास खींच ले गए। और उन्हें फौजदारी के हाकिमों के पास ले जाकर कहा; ये लोग जो यहूदी हैं, हमारे नगर में बड़ी हलचल मचा रहे हैं।
- James 2:3 याकूब 2:3और तुम उस सुन्दर वस्त्रावाले का मुंह देखकर कहो कि तू वहां अच्छी जगह बैठ; और उस कंगाल से कहो, कि तू यहां खड़ा रह, या मेरे पांव की पीढ़ी के पास बैठ।
- Zechariah 7:10 जकर्याह 7:10न तो विधवा पर अन्धेर करता, न अनाथों पर, न परदेशी पर, और न दीन जन पर; और न अपने अपने मन में एक दूसरे की हानि की कल्पना करना।
- Ecclesiastes 9:15–16 सभोपदेशक 9:15–16परन्तु उस में एक दरिद्र बुद्धिमान पुरूष पाया गया, और उस ने उस नगर को अपनी बुद्धि के द्वारा बचाया। तौभी किसी ने उस दरिद्र का स्मरण न रखा। तब मैं ने कहा, यद्यपि दरिद्र की बुद्धि तुच्छ समझी जाती है और उसका वचन कोई नहीं सुनता तौभी पराक्रम से बुद्धि उत्तम है।
- Acts 13:50 प्रेरितों के काम 13:50परन्तु यहूदियों ने भक्त और कुलीन स्त्रियों को और नगर के बड़े लोगों को उसकाया, और पौलुस और बरनबास पर उपद्रव करवाकर उन्हें अपने सिवानों से निकाल दिया।
- Proverbs 22:16 नीतिवचन 22:16जो अपने लाभ के निमित्त कंगाल पर अन्धेर करता है, और जो धनी को भेंट देता, वे दोनो केवल हानि ही उठाते हैं।।
- Psalm 12:5 भजन संहिता 12:5दी लोगों के लुट जाने, और दरिद्रों के कराहने के कारण, परमेश्वर कहता है, अब मैं उठूंगा, जिस पर वे फुंकारते हैं उसे मैं चैन विश्राम दूंगा।
Original words (Greek)
- But · G1161δέ dé
- ye · G5210ὑμεῖς hymeîs
- despised · G818ἀτιμάζω atimázō
- poor · G4434πτωχός ptōchós
- Do · G2616καταδυναστεύω katadynasteúō
- not · G3756οὐ ou
- men · G4145πλούσιος ploúsios
- oppress · G2616καταδυναστεύω katadynasteúō
- you · G5216ὑμῶν hymōn
- and · G2532καί kaí
- draw · G1670ἑλκύω helkýō
- you · G5209ὑμᾶς hymâs
- before · G1519εἰς eis
- seats · G2922κριτήριον kritḗrion