Acts · chapter 13 · verse 50
Acts 13:50 in Hindi
परन्तु यहूदियों ने भक्त और कुलीन स्त्रियों को और नगर के बड़े लोगों को उसकाया, और पौलुस और बरनबास पर उपद्रव करवाकर उन्हें अपने सिवानों से निकाल दिया।
Parantu yahoodiyom ne bhakt aur kuleen striyom ko aur nagar ke bade logom ko usakaayaa, aur paulus aur baranabaas par upadrav karavaakar unhem apane sivaanom se nikaal diyaa.
Acts 13:50 in English
- King James Version (KJV)
- But the Jews stirred up the devout and honourable women, and the chief men of the city, and raised persecution against Paul and Barnabas, and expelled them out of their coasts.
- World English Bible (WEB)
- But the Jews stirred up the devout and prominent women and the chief men of the city, and stirred up a persecution against Paul and Barnabas, and threw them out of their borders.
- American Standard Version (ASV)
- But the Jews urged on the devout women of honorable estate, and the chief men of the city, and stirred up a persecution against Paul and Barnabas, and cast them out of their borders.
- Bible in Basic English (BBE)
- But the Jews, working up the feelings of the God-fearing women of high position and of the chief men of the town, got an attack started against Paul and Barnabas, driving them out of those parts.
- Darby Translation (DBY)
- But the Jews excited the women of the upper classes who were worshippers, and the first people of the city, and raised a persecution against Paul and Barnabas, and cast them out of their coasts.
- Webster's Bible (WBS)
- But the Jews stirred up the devout and honorable women, and the chief men of the city, and raised persecution against Paul and Barnabas, and expelled them from their borders.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the Jews stirred up the devout and honourable women, and the first men of the city, and did raise persecution against Paul and Barnabas, and did put them out from their borders;
Read in context
- 48यह सुनकर अन्यजाति आनन्दित हुए, और परमेश्वर के वचन की बड़ाई करने लगे: और जितने अनन्त जीवन के लिये ठहराए गए थे, उन्हों ने विश्वास किया।
- 49तब प्रभु का वचन उस सारे देश में फैलने लगा।
- 50परन्तु यहूदियों ने भक्त और कुलीन स्त्रियों को और नगर के बड़े लोगों को उसकाया, और पौलुस और बरनबास पर उपद्रव करवाकर उन्हें अपने सिवानों से निकाल दिया।
- 51तब वे उन के साम्हने अपने पांवों की धूल झाड़कर इकुनियुम को गए।
- 52और चेले आनन्द से और पवित्रा आत्मा से परिपूर्ण होते रहे।।
Cross references
- Acts 14:19 प्रेरितों के काम 14:19परन्तु कितने यहूदियों ने अन्ताकिया और इकुनियम से आकर लोगों को अपनी ओर कर लिया, और पौलुस को पत्थरवाह किया, और मरा समझकर उसे नगर के बाहर घसीट ले गए।
- Acts 14:2 प्रेरितों के काम 14:2परन्तु न माननेवाले यहूदियों ने अन्यजातियों के मन भाइयों के विरोध में उसकाए, और बिगाड़ कर दिए।
- Acts 13:45 प्रेरितों के काम 13:45परन्तु यहूदी भीड़ को देखकर डाह से भर गए, और निन्दा करते हुए पौलुस की बातों के विरोध में बोलने लगे।
- Acts 21:27 प्रेरितों के काम 21:27जब वे सात दिन पूरे होने पर थे, तो आसिया के यहूदियों ने पौलुस को मन्दिर में देखकर सब लोगों को उसकाया, और यों चिल्लाकर उस को पकड़ लिया।
- 2 Timothy 3:11 2 तीमुथियुस 3:11और ऐसे दुखों में भी जो अन्ताकिया और इकुनियुम और लुस्त्रा में मुझ पर पड़े थे और और दुखों में भी, जो मैं ने उठाए हैं; परन्तु प्रभु ने मुझे उन सब से छुड़ा लिया।
- Acts 17:13 प्रेरितों के काम 17:13किन्तु जब थिस्सलुनीके के यहूदी जान गए, कि पौलुस बिरीया में भी परमेश्वर का वचन सुनाता है, तो वहां भी आकर लोगों को उसकाने और हलचल मचाने लगे।
- Acts 16:37–39 प्रेरितों के काम 16:37–39परन्तु पौलुस ने उस से कहा, उन्हों ने हमें जो रोमी मनुष्य हैं, दोषी ठहाराए बिना, लोगों के साम्हने मारा, और बन्दीगृह में डाला, और अब क्या चुपके से निकाल देते हैं? ऐसा नहीं, परन्तु वे आप आकर हमें बाहर ले जाएं। प्यादों ने ये बातें हाकिमों से कह दीं, और वे यह सुनकर कि रोमी हैं, डर गए। और आकर उन्हें मनाया, और बाहर ले जाकर बिनती की कि नगर से चले जाएं।
- Acts 13:43 प्रेरितों के काम 13:43और जब सभा उठ गई तो यहूदियों और यहूदी मत में आए हुए भक्तों में से बहुतेरे पौलुस और बरनबास के पीछे हो लिए; और उन्हों ने उन से बातें करके समझाया, कि परमेश्वर के अनुग्रह में बने रहो।।
- Romans 10:2 रोमियों 10:2क्योंकि मैं उन की गवाही देता हूं, कि उन को परमेश्वर के लिये धुन रहती है, परन्तु बुद्धिमानी के साथ नहीं।
- 1 Thessalonians 2:15–16 1 थिस्सलुनीकियों 2:15–16जिन्हों ने प्रभु यीशु को और भविष्यद्वक्ताओं को भी मार डाला और हम को सताया, और परमेश्वर उन से प्रसन्न नहीं; और वे सब मनुष्यों को विरोध करते हैं। और वे अन्यजातियों से उन के उद्धार के लिये बातें करने से हमें रोकते हैं, कि सदा अपने पापों का नपुआ भरते रहें; पर उन पर भयानक प्रकोप आ पहुंचा है।।
- Matthew 10:23 मत्ती 10:23जब वे तुम्हें एक नगर में सताएं, तो दूसरे को भाग जाना। मैं तुम से सच कहता हूं, तुम इस्राएल के सब नगरों में न फिर चुकोगे कि मनुष्य का पुत्रा आ जाएगा।।
- Amos 7:12 आमोस 7:12और अमस्याह ने आमोस से कहा, हे दर्शी, यहां से निकलकर यहूदा देश में भाग जा, और वहीं रोटी खाया कर, और वहीं भविष्यद्वाणी किया कर;
Original words (Greek)
- But · G1161δέ dé
- Jews · G2453Ἰουδαῖος Ioudaîos
- up · G3951παροτρύνω parotrýnō
- devout · G4576σέβομαι sébomai
- and · G2532καί kaí
- honourable · G2158εὐσχήμων euschḗmōn
- women · G1135γυνή gynḗ
- and · G2532καί kaí
- men · G4413πρῶτος prōtos
- city · G4172πόλις pólis
- and · G2532καί kaí
- raised · G1892ἐπεγείρω epegeírō
- persecution · G1375διωγμός diōgmós
- against · G1909ἐπί epí
- Paul · G3972Παῦλος Paûlos
- and · G2532καί kaí
- Barnabas · G921Βαρνάβας Barnábas
- and · G2532καί kaí
- expelled · G1544ἐκβάλλω ekbállō
- them · G846αὐτός autós
- of · G575ἀπό apó
- their · G846αὐτός autós
- coasts · G3725ὅριον hórion