James · chapter 5 · verse 18
James 5:18 in Hindi
फिर उस ने प्रार्थना की, तो आकाश से वर्षा हुई, और भूमि फलवन्त हुई॥
Phir us ne praarthanaa kee, to aakaash se varshaa huee, aur bhoomi phalavant huee
James 5:18 in English
- King James Version (KJV)
- And he prayed again, and the heaven gave rain, and the earth brought forth her fruit.
- World English Bible (WEB)
- He prayed again, and the sky gave rain, and the earth produced its fruit.
- American Standard Version (ASV)
- And he prayed again; and the heaven gave rain, and the earth brought forth her fruit.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he made another prayer, and the heaven sent down rain and the earth gave her fruit.
- Darby Translation (DBY)
- and again he prayed, and the heaven gave rain, and the earth caused its fruit to spring forth.
- Webster's Bible (WBS)
- And he prayed again, and the heaven gave rain, and the earth brought forth its fruit.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and again he did pray, and the heaven did give rain, and the land did bring forth her fruit.
Read in context
- 16इसलिये तुम आपस में एक दूसरे के साम्हने अपने अपने पापों को मान लो; और एक दूसरे के लिये प्रार्थना करो, जिस से चंगे हो जाओ; धर्मी जन की प्रार्थना के प्रभाव से बहुत कुछ हो सकता है।
- 17एलिय्याह भी तो हमारे समान दुख-सुख भोगी मनुष्य था; और उस ने गिड़िगड़ा कर प्रार्थना की; कि मेंह न बरसे; और साढ़े तीन वर्ष तक भूमि पर मेंह नहीं बरसा।
- 18फिर उस ने प्रार्थना की, तो आकाश से वर्षा हुई, और भूमि फलवन्त हुई॥
- 19हे मेरे भाइयों, यदि तुम में कोई सत्य के मार्ग से भटक जाए, और कोई उस को फेर लाए।
- 20तो वह यह जान ले, कि जो कोई किसी भटके हुए पापी को फेर लाएगा, वह एक प्राण को मृत्यु से बचाएगा, और अनेक पापों पर परदा डालेगा॥
Cross references
- 1 Kings 18:42–45 1 राजा 18:42–45तब अहाब खाने पीने चला गया, और एलिरयाह कर्म्मेल की चोटी पर चढ़ गया, और भूमि पर गिर कर अपना मुंह घुटनों के बीच किया। और उस ने अपने सेवक से कहा, चढ़कर समुद्र की ओर दृष्टि कर देख, तब उस ने चढ़कर देखा और लौटकर कहा, कुछ नहीं दीखता। एलिरयाह ने कहा, फिर सात बार जा। सातवीं बार उस ने कहा, देख समुद्र में से मनुष्य का हाथ सा एक छोटा आदल उठ रहा है। एलिरयाह ने कहा, अहाब के पास जाकर कह, कि रथ जुतवा कर नीचे जा, कहीं ऐसा न हो कि नू वर्षा के कारण रूक जाए। थोड़ी ही देर में आकाश वायु से उड़ाई हुई घटाओं, और आन्धी से काला हो गया और भरी वर्षा होने लगी; और अहाब सवार होकर यिज्रेल को चला।
- Jeremiah 14:22 यिर्मयाह 14:22क्या अन्यजातियों की मूरतों में से कोई वर्षा कर सकता है? क्या आकाश झड़ियां लगा सकता है? हे हमारे परमेश्वर यहोवा, क्या तू ही इन सब बातों का करनेवाला नहीं है? हम तेरा ही आसरा देखते रहेंगे, क्योंकि इन सारी वस्तुओं का सृजनहार तू ही है।
- 1 Kings 18:18 1 राजा 18:18उस ने कहा, मैं ने इस्राएल को कष्ट नहीं दिया, परन्तु तू ही ने और तेरे पिता के घराने ने दिया है; क्योंकि तुम यहोवा की आज्ञाओ को टालकर बाल देवताओं की उपासना करने लगे।
- Acts 14:17 प्रेरितों के काम 14:17तौभी उस ने अपने आप को बे- गवाह न छोड़ा; किन्तु वह भलाई करता रहा, और आकाश से वर्षा और फलवन्त ऋतु देकर, तुम्हारे मन को भोजन और आनन्द से भरता रहा।