Jeremiah · chapter 10 · verse 25
Jeremiah 10:25 in Hindi
जो जाति तुझे नहीं जानती, और जो तुझ से प्रार्थना नहीं करते, उन्हीं पर अपनी जलजलाहट उण्डेल; क्योंकि उन्हों ने याकूब को निगल लिया, वरन, उसे खाकर अन्त कर दिया है, और उसके निवासस्थान को उजाड़ दिया है।
Jo jaati tujhe naheem jaanatee, aur jo tujh se praarthanaa naheem karate, unheem par apanee jalajalaahat undel; kyonki unhom ne yaakoob ko nigal liyaa, varan, use khaakar ant kar diyaa hai, aur usake nivaasasthaan ko ujaad diyaa hai.
Jeremiah 10:25 in English
- King James Version (KJV)
- Pour out thy fury upon the heathen that know thee not, and upon the families that call not on thy name: for they have eaten up Jacob, and devoured him, and consumed him, and have made his habitation desolate.
- World English Bible (WEB)
- Pour out your wrath on the nations that don’t know you, and on the families that don’t call on your name; for they have devoured Jacob. Yes, they have devoured him, consumed him, and have laid waste his habitation.
- American Standard Version (ASV)
- Pour out thy wrath upon the nations that know thee not, and upon the families that call not on thy name; for they have devoured Jacob, yea, they have devoured him and consumed him, and have laid waste his habitation.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let your wrath be let loose on the nations which have no knowledge of you, and on the families who give no worship to your name: for they have made a meal of Jacob, truly they have made a meal of him and put an end to him and made his fields a waste.
- Darby Translation (DBY)
- Pour out thy fury upon the nations that know thee not, and upon the families that call not on thy name; for they have eaten up Jacob, yea, they have eaten him up and consumed him, and have laid waste his dwelling-place.
- Webster's Bible (WBS)
- Pour out thy fury upon the heathen that know thee not, and upon the families that call not on thy name: for they have eaten up Jacob, and devoured him, and consumed him, and have made his habitation desolate.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Pour out Thy fury on the nations that have not known Thee, And on the families that have not called in Thy name, For they have eaten up Jacob, Yea, they have eaten him up, yea, they consume him, And his habitation they have made desolate!
Read in context
- 23हे यहोवा, मैं जान गया हूँ, कि मनुष्य का मार्ग उसके वश में नहीं है, मनुष्य चलता तो हे, परन्तु उसके डग उसके अधीन नहीं हैं।
- 24हे यहोवा, मेरी ताड़ना कर, पर न्याय से; क्रोध में आकर नहीं, कहीं ऐसा न हो कि मैं नाश हो जाऊं।
- 25जो जाति तुझे नहीं जानती, और जो तुझ से प्रार्थना नहीं करते, उन्हीं पर अपनी जलजलाहट उण्डेल; क्योंकि उन्हों ने याकूब को निगल लिया, वरन, उसे खाकर अन्त कर दिया है, और उसके निवासस्थान को उजाड़ दिया है।
Cross references
- Psalm 79:6–7 भजन संहिता 79:6–7जो जातियां तुझ को नहीं जानती, और जिन राज्यों के लोग तुझ से प्रार्थना नहीं करते, उन्ही पर अपनी सब जलजलाहट भड़का! क्योंकि उन्हों ने याकूब को निगल लिया, और उसके वासस्थान को उजाड़ दिया है।
- Jeremiah 8:16 यिर्मयाह 8:16उनके घोड़ों का फुर्राना दान से सुन पड़ता है, और बलवन्त घोड़ों के हिनहिनाने के शब्द से सारा देश कांप उठा है। उन्हों ने आकर हमारे देश को और जो कुछ उस में है, और हमारे नगर को निवासियों समेत नाश किया है।
- Job 18:21 अय्यूब 18:21निेसन्देह कुटिल लोगों के निवास ऐसे हो जाते हैं, और जिसको ईश्वर का ज्ञान नहीं रहता उसका स्थान ऐसा ही हो जाता है।
- Psalm 14:4 भजन संहिता 14:4क्या किसी अनर्थकारी को कुछ भी ज्ञान नहीं रहता, जो मेरे लोगों को ऐसे खा जाते हैं जैसे रोटी, और परमेश्वर का नाम नहीं लेते?
- 1 Thessalonians 4:5 1 थिस्सलुनीकियों 4:5और यह काम अभिलाषा से नहीं, और न उन जातियों की नाई, जो परमेश्वर को नहीं जानतीं।
- Ezekiel 25:6–8 यहेजकेल 25:6–8क्योंकि परमेश्वर यहोवा यों कहता है, तुम ने जो इस्राएल के देश के कारण ताली बजाई और नाचे, और अपने सारे मन के अभिमान से आनन्द किया, इस कारण देख, मैं ने अपना हाथ तेरे ऊपर बढ़ाया है; और तुझ को जाति जाति की लूट कर दूंगा, और देश देश के लोगों में से तुझे मिटाऊंगा; और देश देश में से नाश करूंगा। मैं तेरा सत्यानाश कर डालूंगा; तब तू जान लेगा कि मैं यहोवा हूँ। परमेश्वर यहोवा यों कहता है, मोआब और सेईर जो कहते हैं, देखो, यहूदा का घराना और सब जातियों के समान हो गया हे।
- Psalm 27:2 भजन संहिता 27:2जब कुकर्मियों ने जो मुझे सताते और मुझी से बैर रखते थे, मुझे खा डालने के लिये मुझ पर चढ़ाई की, तब वे ही ठोकर खाकर गिर पड़ें।।
- Obadiah 1:10–16 ओबद्याह 1:10–16हे एसाव, एक उपद्रव के कारण जो तू ने अपने भाई याकूब पर किया, तू लज्जा से ढंपेगा; और सदा के लिये नाश हो जाएगा। जिस दिन परदेशी लोग उसकी धन सम्पत्ति छीनकर ले गए, और बिराने लोगों ने उसके फाटकों से घुसकर यरूशलेम पर चिट्ठी डाली, उस दिन तू भी उन में से एक था। परन्तु तुझे उचित न था कि तू अपने भाई के दिन में, अर्थात् उसकी विपत्ति के दिन में उसकी ओर देखता रहता, और यहूदियों के नाश होने के दिन उनके ऊपर आनन्द करता, और उनके संकट के दिन बड़ा बोल बोलता। तुझे उचित न था कि मेरी प्रजा की विपत्ति के दिन तू उसके फाटक से घुसता, और उसकी विपत्ति के दिन उसकी धन सम्पत्ति पर हाथ लगाता। तुझे उचित न था कि तिरमुहाने पर उसके भागनेवालों को मार डालने के लिये खड़ा होता, और संकट के दिन उसके बचे हुओं को पकड़ाता।। क्योंकि सारी अन्यजातियों पर यहोवा के दिन का आना निकट है। जैसा तु ने किया है, वैसा ही तुझ से भी किया जाएगा, तेरा व्यवहार लौटकर तेरे ही सिर पर पड़ेगा। जिस प्रकार तू ने मेरे पवित्रा पर्वत पर पिया, उसी प्रकार से सारी अन्यजातियां लगातार पीती रहेंगी, वरन वे सुड़क- सुड़ककर पीएंगी, और एसी हो जाएंगी जैसी कभी हुई ही नहीं।
- Zephaniah 1:6 सपन्याह 1:6और जो यहोवा के पीछे चलने से लौट गए हैं, और जिन्हों ने न तो यहोवा को ढूंढ़ा, और न उसकी खोज में लगे, उनको भी मैं सत्यानाश कर डालूंगा।।
- Zechariah 1:15 जकर्याह 1:15और जो जातियां सुख से रहती हैं, उन से मैं क्रोधित हूं; क्योंकि मैं ने तो थोड़ा से क्रोध किया था, परन्तु उन्हों ने विपत्ति को बढ़ा दिया।
- Jeremiah 50:7 यिर्मयाह 50:7जितनों ने उन्हें पाया वे उन्को खा गए; और उनके सतानेवालों ने कहा, इस में हमारा कुछ दोष नहीं, क्योंकि उन्हों ने यहोवा के विरूद्व पाप किया है जो धर्म का आधार है, और उनके पूर्वजों का आश्रय था।
- Jeremiah 50:17 यिर्मयाह 50:17इस्राएल भगाई हुई भेड़ है, सिंहों ने उसको भगा दिया है। पहिले तो अश्शूर के राजा ने उसको खा डाला, और तब बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर ने उसकी हडि्डयों को तोड़ दिया है।
Original words (Hebrew)
- out · H8210שָׁפַךְ shâphak
- fury · H2534חֵמָה chêmâh
- heathen · H1471גּוֹי gôwy
- know · H3045יָדַע yâdaʻ
- families · H4940מִשְׁפָּחָה mishpâchâh
- call · H7121קָרָא qârâʼ
- name · H8034שֵׁם shêm
- up · H398אָכַל ʼâkal
- Jacob · H3290יַעֲקֹב Yaʻăqôb
- devoured · H398אָכַל ʼâkal
- consumed · H3615כָּלָה kâlâh
- habitation · H5116נָוֶה nâveh
- desolate · H8074שָׁמֵם shâmêm