Jeremiah · chapter 10 · verse 4
Jeremiah 10:4 in Hindi
लोग उसको सोने- चान्दी से सजाते और हथैड़े से कील ठोंक ठोंककर दुढ़ करते हैं कि वह हिल- डुल न सके।
Log usako sone- chaandee se sajaate aur hathaide se keel thonk thonkakar dudh karate haim ki vah hila- dul na sake.
Jeremiah 10:4 in English
- King James Version (KJV)
- They deck it with silver and with gold; they fasten it with nails and with hammers, that it move not.
- World English Bible (WEB)
- They deck it with silver and with gold. They fasten it with nails and with hammers, so that it can’t move.
- American Standard Version (ASV)
- They deck it with silver and with gold; they fasten it with nails and with hammers, that it move not.
- Bible in Basic English (BBE)
- They make it beautiful with silver and gold; they make it strong with nails and hammers, so that it may not be moved.
- Darby Translation (DBY)
- they deck it with silver and with gold; they fasten it with nails and with hammers, that it move not.
- Webster's Bible (WBS)
- They deck it with silver and with gold; they fasten it with nails and with hammers, that it may not move.
- Young's Literal Translation (YLT)
- With silver and with gold they beautify it, With nails and with hammers they fix it, And it doth not stumble.
Read in context
- 2अन्यजातियों को चाल मत सीखो, न उनकी नाई आकाश के चिन्हों से विस्मित हो, इसलिये कि अन्यजाति लोग उन से विस्मित होते हैं।
- 3क्योंकि देशों के लोगों की रीतियां तो निकम्मी हैं। मूरत तो बन में से किसी का काटा हुआ काठ है जिसे कारीगर ने बसूले से बनाया है।
- 4लोग उसको सोने- चान्दी से सजाते और हथैड़े से कील ठोंक ठोंककर दुढ़ करते हैं कि वह हिल- डुल न सके।
- 5वे खरादकर ताड़ के पेड़ के समान गोल बनाई जाती हैं, पर बोल नहीं सकतीं; उन्हें उठाए फिरना पड़ता है, क्योंकि वे चल नहीं सकतीं। उन से मत डरो, क्योंकि, न तो वे कुछ बुरा कर सकती हैं और न कुछ भला।
- 6हे यहोवा, तेरे समान कोई नहीं है; तू महान है, और तेरा नाम पराक्रम में बड़ा है।
Cross references
- Isaiah 46:7 यशायाह 46:7वे उसको कन्धे पर उठाकर लिए फिरते हैं, वे उसे उसके स्थान में रख देते और वह वहीं खड़ा रहता है; वह अपने स्थान से हट नहीं सकता; यदि कोई उसकी दोहाई भी दे, तौभी न वह सुन सकता है और न विपत्ति से उसका उद्धार कर सकता है।।
- Isaiah 40:19–20 यशायाह 40:19–20मूरत! कारीगर ढालता है, सोनार उसको सोने से मढ़ता और उसके लिये चान्दी की सांकलें ढालकर बनाता है। जो कंगाल इतना अर्पण नहीं कर सकता, वह ऐसा वृक्ष चुन लेता है जो न घुने; तब एक निपुण कारीगर ढूंढकर मूरत खुदवाता और उसे ऐसा स्थिर कराता है कि वह हिल न सके।।
- Isaiah 44:12 यशायाह 44:12लोहार एक बसूला अंगारों मे बनाता और हथौड़ों से गढ़कर तैयार करता है, अपने भुजबल से वह उसको बनाता है; फिर वह भूखा हो जाता है और उसका बल घटता है, वह पानी नहीं पीता और थक जाता है।
- Psalm 115:4 भजन संहिता 115:4उन लोगों की मूरतें सोने चान्दी ही की तो हैं, वे मनुष्यों के हाथ की बनाई हुई हैं।
- Isaiah 41:6–7 यशायाह 41:6–7वे एक दूसरे की सहायता करते हैं और उन में से एक अपने भाई से कहता है, हियाव बान्ध! बढ़ई सोनार को और हथौड़े से बराबर करनेवाला निहाई पर मारनेवाले को यह कहकर हियाव बन्धा रहा है, जोड़ तो अच्छी है, सो वह कील ठोंक ठोंककर उसको ऐसा दृढ़ करता है कि वह स्थिर रहे।।
- Psalm 135:15 भजन संहिता 135:15अन्यजातियों की मूरतें सोना- चान्दी ही हैं, वे मनुष्यों की बनाई हुई हैं।