Jeremiah · chapter 12 · verse 17
Jeremiah 12:17 in Hindi
परन्तु यदि वे न मानें, तो मैं उस जाति को ऐसा उखाड़ूंगा कि वह फिर कभी न पनंपेगी, यहोवा की यही वाणी है।
Parantu yadi ve na maanem, to maim us jaati ko aisaa ukhaadoongaa ki vah phir kabhee na panampegee, yahovaa kee yahee vaanee hai.
Jeremiah 12:17 in English
- King James Version (KJV)
- But if they will not obey, I will utterly pluck up and destroy that nation, saith the LORD.
- World English Bible (WEB)
- But if they will not hear, then I will pluck up that nation, plucking up and destroying it,” says the LORD.
- American Standard Version (ASV)
- But if they will not hear, then will I pluck up that nation, plucking up and destroying it, saith Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- But if they will not give ear, then I will have that nation uprooted, and given to destruction, says the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- And if they will not obey, I will utterly pluck up and destroy that nation, saith Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- But if they will not obey, I will utterly pluck up and destroy that nation, saith the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And if they do not hearken, Then I have plucked up that nation, Plucking up and destroying, An affirmation of Jehovah!'
Read in context
- 15उन्हें उखाड़ने के बाद मैं फिर उन पर दया करूंगा, और उन में से हर एक को उसके निज़ भाग और भूमि में फिर से लगाऊंगा।
- 16और यदि वे मेरी प्रजा की चाल सीखकर मेरे ही नाम की सौगन्ध, यहोवा के जीवन की सौगन्ध, खाने लगें, जिस प्रकार से उन्हों ने मेरी प्रजा को बाल की सौगन्ध खाना सिखलाया था, तब मेरी प्रजा के बीच उनका भी वंश बढ़ेगा।
- 17परन्तु यदि वे न मानें, तो मैं उस जाति को ऐसा उखाड़ूंगा कि वह फिर कभी न पनंपेगी, यहोवा की यही वाणी है।
Cross references
- Isaiah 60:12 यशायाह 60:12क्योंकि जो जाति और राज्य के लोग तेरी सेवा न करें वे नष्ट हो जाएंगे; हां ऐसी जातियां पूरी रीति से सत्यानाश हो जाएंगी।
- Psalm 2:8–12 भजन संहिता 2:8–12मुझ से मांग, और मैं जाति जाति के लोगों को तेरी सम्पत्ति होने के लिये, और दूर दूर के देशों को तेरी निज भूमि बनने के लिये दे दूंगा। तू उन्हें लोहे के डण्डे से टुकड़े टुकड़े करेगा। तू कुम्हार के बर्तन की नाईं उन्हें चकना चूर कर डालेगा।। इसलिये अब, हे राजाओं, बुद्धिमान बनो; हे पृथ्वी के न्यायियों, यह उपदेश ग्रहण करो। डरते हुए यहोवा की उपासना करो, और कांपते हुए मगन हो। पुत्रा को चूमो ऐसा न हो कि वह क्रोध करे, और तुम मार्ग ही में नाश हो जाओ; क्योंकि क्षण भर में उसका क्रोध भड़कने को है।। धन्य है वे जिनका भरोसा उस पर है।।
- 1 Peter 2:6–8 1 पतरस 2:6–8इस कारण पवित्रा शास्त्रा में भी आया है, कि देखो, मैं सिरयोन में कोने के सिरे का चुना हुआ और बहुमूल्य पत्थर धरता हूं: और जो कोई उस पर विश्वास करेगा, वह किसी रीति से लज्जित नहीं होगा। सो तुम्हारे लिये जो विश्वास करते हो, वह तो बहुमूल्य है, पर जो विश्वास नहीं करते उन के लिये जिस पत्थर को राजमिद्दीयों ने निकम्मा ठहराया था, वही कोने का सिरा हो गया। और ठेस लगने का पत्थर और ठोकर खाने की चट्टान हो गया है: क्योंकि वे तो वचन को न मानकर ठोकर खाते हैं और इसी के लिये वे ठहराए भी गए थे।
- Jeremiah 12:14–17 यिर्मयाह 12:14–17मेरे दुष्ट पड़ोसी उस भाग पर हाथ लगाते हैं, जिसका भागी मैं ने अपनी प्रजा इस्राएल को बनाया है। उनके विष्य यहोवा यों कहता है कि मैं उनको उनकी भूमि में से उखाड़ डालूंगा, और यहूदा के घराने को भी उनके बीच में से उखड़ूंगा। उन्हें उखाड़ने के बाद मैं फिर उन पर दया करूंगा, और उन में से हर एक को उसके निज़ भाग और भूमि में फिर से लगाऊंगा। और यदि वे मेरी प्रजा की चाल सीखकर मेरे ही नाम की सौगन्ध, यहोवा के जीवन की सौगन्ध, खाने लगें, जिस प्रकार से उन्हों ने मेरी प्रजा को बाल की सौगन्ध खाना सिखलाया था, तब मेरी प्रजा के बीच उनका भी वंश बढ़ेगा। परन्तु यदि वे न मानें, तो मैं उस जाति को ऐसा उखाड़ूंगा कि वह फिर कभी न पनंपेगी, यहोवा की यही वाणी है।
- Zechariah 14:16–19 जकर्याह 14:16–19तब जिने लोग यरूशलेम पर चढ़नेवाली सब जातियों में से बचे रहेंगे, वे प्रति वर्ष राजा को अर्थात् सेनाओं के यहोवा को दण्डवत् करने, और झोपड़ियों का पर्व मानने के लिये यरूशलेम को जाया करेंगे। और पृथ्वी के कुलों में से जो लोग यरूशलेम में राजा, अर्थात् सेनाओं के यहोवा को दण्डवत करने के लिये न जाएंगे, उनके यहां वर्षा न होगी। और यदि मि का कुल वहां न आए, तो क्या उन पर वह मरी न पड़ेगी जिस से यहोवा उन जातियों को मारेगा जो झोपड़ियों का पर्व मानने के लिये न जाएंगे? यह मि का और उन सब जातियों का पाप ठहरेगा, जो झोपड़ियों का पर्व मानने के लिये न जाएंगे।
- Jeremiah 31:28 यिर्मयाह 31:28और जिस प्रकार से मैं सोच सोचकर उन को गिराता और ढाता, नष्ट करता, काट डालता और सत्यानाश ही करता था, उसी प्रकार से मैं अब सोच सोचकर उन को रोपूंगा और बढ़ाऊंगा, यहोवा की यही वाणी है।
- Daniel 11:4 दानिय्येल 11:4और जब वह बड़ा होगा, तब उसका राज्य टूटेगा और चारों दिशाओं में बटकर अलग अलग हो जाएगा; और न तो उसके राज्य की शक्ति ज्यों की त्यों रहेगी और न उसके वंश को कुछ मिलेगा; क्योंकि उसका राज्य उखड़कर, उनकी अपेक्षा और लोगों को प्राप्त होगा।।
- 2 Thessalonians 1:8 2 थिस्सलुनीकियों 1:8और जो परमेश्वर को नहीं पहचानते, और हमारे प्रभु यीशु के सुसमाचार को नहीं मानते उन से पलटा लेगा।
- Jeremiah 18:7 यिर्मयाह 18:7जब मैं किसी जाति वा राज्य के विषय कहूं कि उसे उखाड़ूंगा वा ढा दूंगा अथवा नाश करूंगा,
- Daniel 7:4–8 दानिय्येल 7:4–8पहिला जन्तु सिंह के समान था और उसके पंख उकाब के से थे। और मेरे देखते देखते उसके पंखों के पर नीचे गए और वह भूमि पर से उठाकर, मनुष्य की नाईं पांवों के बल खड़ा किया गया; और उसको मनुष्य का हृदय दिया गया। फिर मैं ने एक और जन्तु देखा जो रीछ के समान था, और एक पांजर के बल उठा हुआ था, और सके मुंह में दांतों के बीच तीन पसुली थीं; और लाग उस से कह रहे थे, उठकर बहुत मांस खा। इसके बाद मैं ने दृष्टि की और देखा कि चीते के समान एक और जन्तु है जिसकी पीठ पर पक्षी के से चार पंख हैं; और उस जन्तु के चार सिर थे; और उसको अधिकार दिया गया। फिर इसके बाद मैं ने स्वप्न में दृष्टि की और देखा, कि एक चौथा जन्तु है जो भयंकर और डरावना और बहुत सामर्थी है; और उसके बड़े बड़े लोहे के दांत हैं; वह सब कुछ खा डालता है और चूर चूर करता है, और जो बच जाता है, उसे पैरों से रौंदता है। और वह सब पहिले जन्तुओं से भिन्न है; और उसके दस सींग हैं। मैं उन सींगों को ध्यान से देख रहा था तो क्या देखा कि उनके बीच एक और छोटा सा सींग निकला, और उसके बल से उन पहिले सींगों में से तीन उखाड़े गए; फिर मैं ने देखा कि इस सींग में मनुष्य की सी आंखें, और बड़ा बोल बोलनेवाला मुंह भी है।
- Luke 19:27 लूका 19:27परन्तु मेरे उन बैरियों को जो नहीं चाहते थे कि मैं उन पर राज्य करूं, उन को यहां लाकर मेरे सामने घात करो।।
- Ezekiel 19:12 यहेजकेल 19:12तौभी वह जलजलाहट के साथ उखाड़कर भूमि पर गिराई गई, और उसके फल पुरवाई हवा के लगने से सूख गए; और उसकी मोटी टहनियां टूटकर सूख गई; और वे आग से भस्म हो गई।