Jeremiah · chapter 17 · verse 26
Jeremiah 17:26 in Hindi
और लोग होमबलि, मेलबलि अन्नबलि, लोबान और धन्यवादबलि लिए हुए यहूदा के नगरों से और यरूशलेम के आसपास से, बिन्यामीन के देश और नीचे के देश से, पहाड़ी देश और दक्खिन देश से, यहोवा के भवन में आया करेंगे।
Aur log homabali, melabali annabali, lobaan aur dhanyavaadabali lie hue yahoodaa ke nagarom se aur yarooshalem ke aasapaas se, binyaameen ke desh aur neeche ke desh se, pahaadee desh aur dakkhin desh se, yahovaa ke bhavan mem aayaa karenge.
Jeremiah 17:26 in English
- King James Version (KJV)
- And they shall come from the cities of Judah, and from the places about Jerusalem, and from the land of Benjamin, and from the plain, and from the mountains, and from the south, bringing burnt offerings, and sacrifices, and meat offerings, and incense, and bringing sacrifices of praise, unto the house of the LORD.
- World English Bible (WEB)
- They will come from the cities of Judah, and from the places around Jerusalem, from the land of Benjamin, from the lowland, from the hill country, and from the South, bringing burnt offerings, sacrifices, meal offerings, and frankincense, and bringing sacrifices of thanksgiving to the LORD’s house.
- American Standard Version (ASV)
- And they shall come from the cities of Judah, and from the places round about Jerusalem, and from the land of Benjamin, and from the lowland, and from the hill-country, and from the South, bringing burnt-offerings, and sacrifices, and meal-offerings, and frankincense, and bringing [sacrifices of] thanksgiving, unto the house of Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- And they will come from the towns of Judah, and from the places round about Jerusalem, and from the land of Benjamin, and from the lowlands, and from the mountains, and from the South, with burned offerings and offerings of beasts and meal offerings and perfume and offerings of praise, to the house of the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- And they shall come from the cities of Judah, and from the places around Jerusalem, and from the land of Benjamin, and from the lowland, and from the hill-country, and from the south, bringing burnt-offerings, and sacrifices, and oblations, and incense, and bringing thanksgiving unto the house of Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- And they shall come from the cities of Judah, and from the places about Jerusalem, and from the land of Benjamin, and from the plain, and from the mountains, and from the south, bringing burnt-offerings, and sacrifices, and meat-offerings, and incense, and bringing sacrifices of praise, to the house of the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And they have come in from cities of Judah, And from suburbs of Jerusalem, And from the land of Benjamin, And from the low country, And from the hill-country, and from the south, Bringing in burnt-offering, and sacrifice, And present, and frankincense, And bringing praise [to] the house of Jehovah.
Read in context
- 24परन्तु यदि तुम सचमुच मेरी सुनो, यहोवा की यह वाणी है, और विश्राम के दिन इस नगर के फाटकों के भीतर कोई बोझ न ले आओ और विश्रामदिन को पवित्रा मानो, और उस में किसी रीति का काम काज न करो,
- 25तब तो दाऊद की गद्दी पर विराजमान राजा, रथों और घोड़ों पर चढ़े हुए हाकिम और यहूदा के लोग और यरूशलेम के निवासी इस नगर के फाटकों से होकर प्रवेश किया करेंगे और यह नगर सर्वदा बसा रहेगा।
- 26और लोग होमबलि, मेलबलि अन्नबलि, लोबान और धन्यवादबलि लिए हुए यहूदा के नगरों से और यरूशलेम के आसपास से, बिन्यामीन के देश और नीचे के देश से, पहाड़ी देश और दक्खिन देश से, यहोवा के भवन में आया करेंगे।
- 27परन्तु यदि तुम मेरी सुनकर विश्राम के दिन को पवित्रा न मानो, और उस दिन यरूशलेम के फाटकों से बोझ लिए हुए प्रवेश करते रहो, तो मैं यरूशलेम के फाटकों में आग लगाऊंगा; और उस से यरूशलेम के महल भी भस्म हो जाएंगे और वह आग फिर न बुझेगी।
Cross references
- Jeremiah 32:44 यिर्मयाह 32:44और बिन्यामीन के देश में, यरूशलेम के आस पास, और यहूदा देश के अर्थात पहाड़ी देश, नीचे के देश और दक्खिन देश के नगरों में लोग गवाह बुला कर खेत मोल लेंगे, और दस्तावेज़ में दस्तखत और मुहर करेंगे; क्योंकि मैं उनके दिनों को लौटा ले आऊंगा; यहोवा की यही वाणी है।
- Zechariah 7:7 जकर्याह 7:7क्या यह वही वचन नहीं है, जो यहोवा अगले भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा उस समय पुकारकर कहता रहा जब यरूशलेम अपने चारों ओर के नगरों समेत चैन से बसा हुआ था, और दक्खिन देश और नीचे का देश भी बसा हुआ था?
- Jeremiah 33:13 यिर्मयाह 33:13पहाड़ी देश में और नीचे के देश में, दक्खिन देश के नगरों में, बिन्यामीन देश में, और यरूशलेम के आस पास, निदान यहूदा देश के सब नगरों में भेड़-बकरियां फिर गिन-गिनकर चराई जाएंगी, यहोवा का यही वचन हे।
- Psalm 107:22 भजन संहिता 107:22और वे धन्यवादबलि चढ़ाएं, और जयजयकार करते हुए, उसके कामों का वर्णन करें।।
- Jeremiah 33:11 यिर्मयाह 33:11इन्हीं में हर्ष और आनन्द का शब्द, दुल्हे-दुल्हिन का शब्द, और इस बात के कहने वालों का शब्द फिर सुनाईं पड़ेगा कि सेनाओं के यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि यहोवा भला है, और उसकी करुणा सदा की है। और यहोवा के भवन में धन्यवादबलि लाने वालों का भी शब्द सुनाईं देगा; क्योंकि मैं इस देश की दशा पहिले की नाईं ज्यों की त्यों कर दूंगा, यहोवा का यही वचन है।
- Psalm 116:17 भजन संहिता 116:17मैं तुझ को धन्यवादबलि चढ़ाऊंगा, और यहोवा से प्रार्थना करूंगा।
- Ezra 3:3–6 एज्रा 3:3–6तब उन्हों ने वेदी को उसके स्थान पर खड़ा किया क्योंकि उन्हें उस ओर के देशों के लोगों का भय रहा, और वे उस पर यहोवा के लिये होमबलि अर्थात् प्रतिदिन सबेरे और सांझ के होमबलि चढ़ाने लगे। और उन्हों ने झोपड़ियों के पर्व को माना, जैसे कि लिखा है, और प्रतिदिन के होमबलि एक एक दिन की गिनती और नियम के अनुसार चढ़ाए। और उसके बाद नित्य होमबलि और नये नये चान्द और यहोवा के पवित्रा किए हुए सब नियत पव के बलि और अपनी अपनी इच्छा से यहोवा के लिये सब स्वेच्छाबलि हर एक के लिये बलि चढ़ाए। सातवें महीने के पहिले दिन से वे यहोवा को होमबलि चढ़ाने लगे। परन्तु यहोवा के मन्दिर की नेव तब तक न डाली गई थी।
- Ezra 3:11 एज्रा 3:11सो वे यह गा गाकर यहोवा की स्तुति और धन्यवाद करने लगे, कि वह भला है, और उसकी करूणा इस्राएल पर सदैव बनी है। और जब वे यहोवा की स्तुति करने लगे तब सब लोगों ने यह जानकर कि यहोवा के भवन की नेब अब पड़ रही है, ऊंचे शब्द से जय जयकार किया।
- 1 Peter 2:9–10 1 पतरस 2:9–10पर तुम एक चुना हुआ वंश, और राज- पदधारी, याजकों का समाज, और पवित्रा लोग, और ( परमेश्वर की ) निज प्रजा हो, इसलिये कि जिस ने तुम्हें अन्धकार में से अपनी अद्भुत ज्योति में बुलाया है, उसके गुण प्रगट करो। तुम पहिले तो कुछ भी नहीं थे, पर अब परमेश्वर ही प्रजा हो: तुम पर दया नहीं हुई थी पर अब तुम पर दया हुई है।।
- Revelation 1:5 प्रकाशितवाक्य 1:5और यीशु मसीह की ओर से, जो विश्वासयोग्य साक्षी और मरे हुओं में से जी उठनेवालों में पहिलौठा, और पृथ्वी के राजाओं का हाकिम है, तुम्हें अनुग्रह और शान्ति मिलती रहे: जो हम से प्रेम रखता है, और जिस ने अपने लोहू के द्वारा हमें पापों से छुड़ाया है।
- Hebrews 13:15 इब्रानियों 13:15इसलिये हम उसके द्वारा स्तुतिरूपी बलिदान, अर्थात् उन होठों का फल जो उसके नाम का अंगीकार करते हैं, परमेश्वर के लिये सर्वदा चढ़ाया करें।
- 1 Peter 2:5 1 पतरस 2:5तुम भी आप जीवते पत्थरों की नाई आत्मिक घर बनते जाते हो, जिस से याजकों का पवित्रा समाज बनकर, ऐसे आत्मिक बलिदान चढ़ाओ, जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर को ग्राह्य हो।
Original words (Hebrew)
- come · H935בּוֹא bôwʼ
- cities · H5892עִיר ʻîyr
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- about · H5439סָבִיב çâbîyb
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- Benjamin · H1144בִּנְיָמִין Binyâmîyn
- plain · H8219שְׁפֵלָה shᵉphêlâh
- mountains · H2022הַר har
- south · H5045נֶגֶב negeb
- bringing · H935בּוֹא bôwʼ
- offerings · H5930עֹלָה ʻôlâh
- sacrifices · H2077זֶבַח zebach
- offerings · H4503מִנְחָה minchâh
- incense · H3828לְבוֹנָה lᵉbôwnâh
- bringing · H935בּוֹא bôwʼ
- praise · H8426תּוֹדָה tôwdâh
- house · H1004בַּיִת bayith