Jeremiah · chapter 18 · verse 10
Jeremiah 18:10 in Hindi
तब यदि वे उस काम को करें जो मेरी दृष्टि में बुरा है और मेरी बात न मानें, तो मैं उस भलाई के विष्य जिसे मैं ने उनके लिये करने को कहा हो, पछताऊंगा।
Tab yadi ve us kaam ko karem jo meree drushti mem buraa hai aur meree baat na maanem, to maim us bhalaaee ke vishy jise maim ne unake liye karane ko kahaa ho, pachhataaoongaa.
Jeremiah 18:10 in English
- King James Version (KJV)
- If it do evil in my sight, that it obey not my voice, then I will repent of the good, wherewith I said I would benefit them.
- World English Bible (WEB)
- if they do that which is evil in my sight, that they don’t obey my voice, then I will repent of the good with which I said I would benefit them.
- American Standard Version (ASV)
- if they do that which is evil in my sight, that they obey not my voice, then I will repent of the good, wherewith I said I would benefit them.
- Bible in Basic English (BBE)
- If, in that very minute, it does evil in my eyes, going against my orders, then my good purpose, which I said I would do for them, will be changed.
- Darby Translation (DBY)
- if it do evil in my sight, that it hearken not unto my voice, then I will repent of the good wherewith I said I would benefit them.
- Webster's Bible (WBS)
- If it shall do evil in my sight, that it obey not my voice, then I will repent of the good, with which I said I would benefit them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And it hath done the evil thing in Mine eyes, So as not to hearken to My voice, Then I have repented of the good That I have spoken of doing to it.
Read in context
- 8तब यदि उस जाति के लोग जिसके विषय मैं ने कह बात कही हो अपनी बुराई से फिरें, तो मैं उस विपत्ति के विषय जो मैं ने उन पर डालने को ठाना हो पछताऊंगा।
- 9और जब मैं किसी जाति वा राज्य के विषय कहूं कि मैं उसे बनाऊंगा और रोपूंगा;
- 10तब यदि वे उस काम को करें जो मेरी दृष्टि में बुरा है और मेरी बात न मानें, तो मैं उस भलाई के विष्य जिसे मैं ने उनके लिये करने को कहा हो, पछताऊंगा।
- 11इसलिये अब तू यहूदा और यरूशलेम के निचसियोें से यह कह, यहोवा यों कहता है, देखो, मैं तुम्हारी हानि की युक्ति और तुम्हारे विरूद्ध प्रबन्ध कर रहा हूँ। इसलिये तुम अपने अपने बुरे मार्ग से फिरो और अपना अपना चालचलन और काम सुधारो।
- 12परन्तु वे कहते हैं, ऐसा नहीं होने का, हम तो अपनी ही कल्पनाओं के अनुसार चलेंगे और अपने बुरे मन के हठ पर बने रहेंगे।
Cross references
- 1 Samuel 2:30 1 शमूएल 2:30इसलिये इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, कि मैं ने कहा तो था, कि तेरा घराना और तेरे मूलपुरूष का घराना मेरे साम्हने सदैव चला करेगा; परन्तु अब यहोवा की वाणी यह है, कि यह बात मुझ से दूर हो; क्योंकि जो मेरा आदर करें मैं उनका आदर करूंगा, और जो मुझे तुच्छ जानें वे छोटे समझे जाएंगे।
- Ezekiel 33:18 यहेजकेल 33:18जब धमीं अपने धर्म से फिर कर कुटिल काम करने लगे, तब निश्चय वह उन में फंसा हुआ मर जाएगा।
- Ezekiel 18:24 यहेजकेल 18:24परन्तु जब धम अपने धर्म से फिरकर टेढ़े काम, वरन दुष्ट के सब घृणित कामों के अनुसार करने लगे, तो क्या वह जीवित रहेगा? जितने धर्म के काम उस ने किए हों, उन में से किसी का स्मरण न किया जाएगा। जो विश्वासघात और पाप उस ने किया हो, उसके कारण वह मर जाएगा।
- 1 Samuel 13:13 1 शमूएल 13:13शमूएल ने शाऊल से कहा, तू ने मूर्खता का काम किया है; तू ने अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा को नहीं माना; नहीं तो यहोवा तेरा राज्य इस्राएलियों के ऊपर सदा स्थिर रखता।
- 1 Samuel 15:11 1 शमूएल 15:11कि मैं शाऊल को राजा बना के पछताता हूं; क्योंकि उस ने मेरे पीछे चलना छोड़ दिया, और मेरी आज्ञाओं का पालन नहीं किया। तब शमूएल का क्रोध भड़का; और वह रात भर यहोवा की दोहाई देता रहा।
- Psalm 125:5 भजन संहिता 125:5परन्तु जो मुड़कर टेढ़े मार्गों में चलते हैं, उनको यहोवा अनर्थकारियों के संग निकाल देगा! इस्राएल को शान्ति मिले!
- Zephaniah 1:6 सपन्याह 1:6और जो यहोवा के पीछे चलने से लौट गए हैं, और जिन्हों ने न तो यहोवा को ढूंढ़ा, और न उसकी खोज में लगे, उनको भी मैं सत्यानाश कर डालूंगा।।
- Numbers 14:22 गिनती 14:22उन सब लोगों ने जिन्हों ने मेरी महिमा मि देश में और जंगल में देखी, और मेरे किए हुए आश्चर्यकर्मों को देखने पर भी दस बार मेरी परीक्षा की, और मेरी बातें नहीं मानी,
- 1 Samuel 15:35 1 शमूएल 15:35और शमूएल ने अपने जीवन भर शाऊल से फिर भेंट न की, क्योंकि शमूएल शाऊल के लिये विलाप करता रहा। और यहोवा शाऊल को इस्राएल का राजा बनाकर पछताता था।।
- Jeremiah 7:23–28 यिर्मयाह 7:23–28परन्तु मैं ने तो उनको यह आज्ञा दी कि मेरे वचन को मानो, तब मैं तुम्हारा परमेश्वर हूंगा, और तुम मेरी प्रजा ठहरोगे; और जिस मार्ग की मैं तुम्हें आज्ञा दूं उसी में चलो, तब तुम्हारा भला होगा। पर उन्हों ने मेरी न सुनी और न मेरी बातों पर कान लगाया; वे अपनी ही युक्तियों और अपने बुरे मन के हठ पर चलते रहे और पीछे हट गए पर आगे न बढ़े। जिस दिन तुम्हारे पुरखा मिस्र देश से निकले, उस दिन से आज तक मैं तो अपने सारे दासों, भविष्यद्वक्ताओं को, तुम्हारे पास बड़े यत्न से लगातार भेजता रहा; परन्तु उन्हों ने मेरी नहीं सुनी, न अपना कान लगाया; उन्हों ने हठ किया, और अपने पुरखाओं से बढ़कर बुराइयां की हैं। तू सब बातें उन से कहेगा पर वे तेरी न सुनेंगे; तू उनको बुलाएगा, पर वे न बोलेंगे। तब तू उन से कह देना, यह वही जाति है जो अपने परमेश्वर यहोवा की नहीं सुनती, और ताड़ना से भी नहीं मानती; सच्चाई नाश हो गई, और उनके मुंह से दूर हो गई है।
- Numbers 14:34 गिनती 14:34जितने दिन तुम उस देश का भेद लेते रहे, अर्थात् चालीस दिन उनकी गिनती के अनुसार, दिन पीछे उस वर्ष, अर्थात् चालीस वर्ष तक तुम अपने अधर्म का दण्ड उठाए रहोगे, तब तुम जान लोगे कि मेरा विरोध क्या है।
- Ezekiel 45:20 यहेजकेल 45:20फिर महीने के सातवें दिन को सब भूल में पड़े हुओं और भोलों के लिये भी यों ही करना; इसी प्रकार से भवन के लिये प्रायश्चित्त करना।