Numbers · chapter 14 · verse 34
Numbers 14:34 in Hindi
जितने दिन तुम उस देश का भेद लेते रहे, अर्थात् चालीस दिन उनकी गिनती के अनुसार, दिन पीछे उस वर्ष, अर्थात् चालीस वर्ष तक तुम अपने अधर्म का दण्ड उठाए रहोगे, तब तुम जान लोगे कि मेरा विरोध क्या है।
Jitane din tum us desh kaa bhed lete rahe, arthaat chaalees din unakee ginatee ke anusaar, din peechhe us varsh, arthaat chaalees varsh tak tum apane adharm kaa dand uthaae rahoge, tab tum jaan loge ki meraa virodh kyaa hai.
Numbers 14:34 in English
- King James Version (KJV)
- After the number of the days in which ye searched the land, [even] forty days, each day for a year, shall ye bear your iniquities, [even] forty years, and ye shall know my breach of promise.
- World English Bible (WEB)
- After the number of the days in which you spied out the land, even forty days, for every day a year, you will bear your iniquities, even forty years, and you will know my alienation.’
- American Standard Version (ASV)
- After the number of the days in which ye spied out the land, even forty days, for every day a year, shall ye bear your iniquities, even forty years, and ye shall know my alienation.
- Bible in Basic English (BBE)
- And as you went through the land viewing it for forty days, so for forty years, a year for every day, you will undergo punishment for your wrongdoing, and you will see that I am against you.
- Darby Translation (DBY)
- After the number of the days in which ye have searched out the land, forty days, each day for a year shall ye bear your iniquities forty years, and ye shall know mine estrangement [from you].
- Webster's Bible (WBS)
- After the number of the days in which ye searched the land, [even] forty days (each day for a year) shall ye bear your iniquities, [even] forty years, and ye shall know my breach of promise.
- Young's Literal Translation (YLT)
- by the number of the days [in] which ye spied the land, forty days, — a day for a year, a day for a year — ye do bear your iniquities, forty years, and ye have known my breaking off;
Read in context
- 32परन्तु तुम लोगों की लोथें इसी जंगल में पड़ी रहेंगी।
- 33और जब तक तुम्हारी लोथें जंगल में न गल जाएं तक तक, अर्थात् चालीस वर्ष तक, तुम्हारे बालबच्चे जंगल में तुम्हारे व्यभिचार का फल भोगते हुए चरवाही करते रहेंगे।
- 34जितने दिन तुम उस देश का भेद लेते रहे, अर्थात् चालीस दिन उनकी गिनती के अनुसार, दिन पीछे उस वर्ष, अर्थात् चालीस वर्ष तक तुम अपने अधर्म का दण्ड उठाए रहोगे, तब तुम जान लोगे कि मेरा विरोध क्या है।
- 35मैं यहोवा यह कह चुका हूं, कि इस बुरी मण्डली के लोग जो मेरे विरूद्ध इकट्ठे हुए हैं उसी जंगल में मर मिटेंगे; और नि:सन्देह ऐसा ही करूंगा भी।
- 36तब जिन पुरूषों को मूसा ने उस देश के भेद लेने के लिये भेजा था, और उन्हों ने लौटकर उस देश की नामधराई करके सारी मण्डली को कुड़कुड़ाने के लिये उभारा था,
Cross references
- Ezekiel 4:6 यहेजकेल 4:6और जब इतने दिन पूरे हो जाएं, तब अपने दहिने पांजर के बल लेटकर यहूदा के घराने के अधर्म का भार सह लेना; मैं ने उसके लिये भी और तेरे लिये एक वर्ष की सन्ती एक दिन अर्थात् चालीस दिन ठहराए हैं।
- Numbers 13:25 गिनती 13:25चालीस दिन के बाद वे उस देश का भेद लेकर लौट आए।
- Jeremiah 18:9–10 यिर्मयाह 18:9–10और जब मैं किसी जाति वा राज्य के विषय कहूं कि मैं उसे बनाऊंगा और रोपूंगा; तब यदि वे उस काम को करें जो मेरी दृष्टि में बुरा है और मेरी बात न मानें, तो मैं उस भलाई के विष्य जिसे मैं ने उनके लिये करने को कहा हो, पछताऊंगा।
- Daniel 9:24 दानिय्येल 9:24तेरे लोगों और तेरे पवित्रा नगर के लिये सत्तर सप्ताह ठहराए गए हैं कि उनके अन्त तक अपराध का होना बन्द हो, और पापों को अन्त और अधर्म का प्रायश्चित्त किया जाए, और युगयुग की धार्मिकता प्रगट होए; और दर्शन की बात पर और भविष्यवाणी पर छाप दी जाए, और परमपवित्रा का अभिषेक किया जाए।
- 2 Chronicles 36:21 2 इतिहास 36:21यह सब इसलिये हुआ कि यहोवा का जो वचन यिर्मयाह के मुंह से निकला था, वह पूरा हो, कि देश अपने विश्राम कालों में मुख भोगता रहे। इसलिये जब तक वह सूना पड़ा रहा तब तक अर्थात् सत्तर वर्ष के पूरे होने तक उसको विश्राम मिला।
- Psalm 95:10 भजन संहिता 95:10चालीस वर्ष तक मैं उस पीढ़ी के लोगों से रूठा रहा, और मैं ने कहा, ये तो भरमनेवाले मन के हैं, और इन्हों ने मेरे मार्गों को नहीं पहिचाना।
- 1 Samuel 2:30 1 शमूएल 2:30इसलिये इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की यह वाणी है, कि मैं ने कहा तो था, कि तेरा घराना और तेरे मूलपुरूष का घराना मेरे साम्हने सदैव चला करेगा; परन्तु अब यहोवा की वाणी यह है, कि यह बात मुझ से दूर हो; क्योंकि जो मेरा आदर करें मैं उनका आदर करूंगा, और जो मुझे तुच्छ जानें वे छोटे समझे जाएंगे।
- Hebrews 4:1 इब्रानियों 4:1इसलिये जब कि उसके विश्राम में प्रवेश करने की प्रतिज्ञा अब तक है, तो हमें डरना चाहिए; ऐसा ने हो, कि तुम में से कोई जंग उस से रहित जान पड़े।
- Zechariah 11:10 जकर्याह 11:10और मैं ने अपनी वह लाठी तोड़ डाली, जिसका नाम अनुग्रह था, कि जो वाचा मैं ने सब अन्यजातियों के साथ बान्धी थी उसे तोडूं।
- Deuteronomy 31:16–17 व्यवस्थाविवरण 31:16–17तब यहोवा ने मूसा से कहा, तू तो अपने पुरखाओं के संग सो जाने पर है; और ये लागे उठकर उस देश के पराये देवताओं के पीछे जिनके मध्य वे जाकर रहेंगे व्यभिचारी हो जाएंगे, और मुझे त्यागकर उस वाचा को जो मैं ने उन से बान्धी है तोडेंगे। उस समय मेरा कोप इन पर भड़केगा, और मैं भी इन्हें त्यागकर इन से अपना मुंह छिपा लूंगा, और ये आहार हो जाएंगे; और बहुत सी विपत्तियां और क्लेश इन पर आ पड़ेंगे, यहां तक कि ये उस समय कहेंगे, क्या ये विपत्तियां हम पर इस कारण तो नहीं आ पड़ीं, क्योंकि हमारा परमेश्वर हमारे मध्य में नहीं रहा?
- Psalm 77:8 भजन संहिता 77:8क्या उसकी करूणा सदा के लिये जाती रही? क्या उसका वचन पीढ़ी पीढ़ी के लिये निष्फल हो गया है?
- Numbers 18:23 गिनती 18:23परन्तु लेवी मिलापवाले तम्बू की सेवा किया करें, और उनके अधर्म का भार वे ही उठाया करें; यह तुम्हारी पीढ़ीयों में सदा की विधि ठहरे; और इस्त्राएलियों के बीच उनका कोई निज भाग न होगा।
Original words (Hebrew)
- number · H4557מִסְפָּר miçpâr
- days · H3117יוֹם yôwm
- searched · H8446תּוּר tûwr
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- forty · H705אַרְבָּעִים ʼarbâʻîym
- days · H3117יוֹם yôwm
- day · H3117יוֹם yôwm
- year · H8141שָׁנֶה shâneh
- bear · H5375נָשָׂא nâsâʼ
- iniquities · H5771עָוֺן ʻâvôn
- forty · H705אַרְבָּעִים ʼarbâʻîym
- years · H8141שָׁנֶה shâneh
- know · H3045יָדַע yâdaʻ
- promise · H8569תְּנוּאָה tᵉnûwʼâh