Jeremiah · chapter 21 · verse 12
Jeremiah 21:12 in Hindi
हे दाऊद के घराने! यहोवा यों कहता है, भोर को न्याय चुकाओ, और लुटे हुए को अंधेर करनेवाले के हाथ से छुड़ाओ, नहीं तो तुम्हारे बुरे कामों के कारण मेरे क्रोध की आग भड़केगी, और ऐसी जलती रहेगी कि कोई उसे बुझा न सकेगा।
He daaood ke gharaane! Yahovaa yom kahataa hai, bhor ko nyaay chukaao, aur lute hue ko andher karanevaale ke haath se chhudaao, naheem to tumhaare bure kaamom ke kaaran mere krodh kee aag bhadakegee, aur aisee jalatee rahegee ki koee use bujhaa na sakegaa.
Jeremiah 21:12 in English
- King James Version (KJV)
- O house of David, thus saith the LORD; Execute judgment in the morning, and deliver [him that is] spoiled out of the hand of the oppressor, lest my fury go out like fire, and burn that none can quench [it], because of the evil of your doings.
- World English Bible (WEB)
- House of David, the LORD says, ‘Execute justice in the morning, and deliver him who is robbed out of the hand of the oppressor, lest my wrath go out like fire, and burn so that no one can quench it, because of the evil of your doings.
- American Standard Version (ASV)
- O house of David, thus saith Jehovah, Execute justice in the morning, and deliver him that is robbed out of the hand of the oppressor, lest my wrath go forth like fire, and burn so that none can quench it, because of the evil of your doings.
- Bible in Basic English (BBE)
- O family of David, this is what the Lord has said: Do what is right in the morning, and make free from the hands of the cruel one him whose goods have been violently taken away, or my wrath will go out like fire, burning so that no one may put it out, because of the evil of your doings.
- Darby Translation (DBY)
- House of David, thus saith Jehovah: Judge with justice in the morning, and deliver him that is spoiled out of the hand of the oppressor, lest my fury go forth like fire and burn, and there be none to quench it, because of the evil of your doings.
- Webster's Bible (WBS)
- O house of David, thus saith the LORD; Execute judgment in the morning, and deliver [him that is] made desolate out of the hand of the oppressor, lest my fury go out like fire, and burn that none can quench [it] , because of the evil of your doings.
- Young's Literal Translation (YLT)
- O house of David, thus said Jehovah: Decide ye judgment at morning, And deliver the plundered from the hand of the oppressor, Lest My fury go forth as fire, And hath burned, and none is quenching, Because of the evil of your doings.
Read in context
- 10क्योंकि यहोवा की यह वाणी है कि मैं ने इस नगर की ओर अपना मुख भलाई के लिये नहीं, वरन बुराई ही के लिये किया है; यह बाबुल के राजा के वश में पड़ जाएगा, और वह इसको फुंकवा देगा।
- 11ओर यहूदा के राजकुल के लोगों से कह, यहोवा का वचन सुनो,
- 12हे दाऊद के घराने! यहोवा यों कहता है, भोर को न्याय चुकाओ, और लुटे हुए को अंधेर करनेवाले के हाथ से छुड़ाओ, नहीं तो तुम्हारे बुरे कामों के कारण मेरे क्रोध की आग भड़केगी, और ऐसी जलती रहेगी कि कोई उसे बुझा न सकेगा।
- 13हे तराई में रहनेवाली और समथर देश की चट्टान; तुम जो कहते हो कि हम पर कौन चढ़ाई कर सकेगा, और हमारे वासस्थान में कौन पवेश कर सकेगा? यहोवा कहता है कि मैं तुम्हारे विरूद्ध हूँ।
- 14और यहोवा की वाणी है कि मैं तुम्हें दण्ड देकर तुम्हारे कामों का फल तुम्हें भुगताऊंगा। मैं उसके वन में आग लगाऊंगा, और उसके चारों ओर सब कुछ भस्म हो जाएगा।
Cross references
- Isaiah 1:17 यशायाह 1:17भलाई करना सीखो; यत्न से न्याय करो, उपद्रवी को सुधारो; अनाथ का न्याय चुकाओ, विधवा का मुक मा लड़ो।।
- Jeremiah 4:4 यिर्मयाह 4:4हे यहूदा के लोगो और यरूशलेम के निवासियो, यहोवा के लिये अपना खतना करो; हां, अपने मन का खतना करो; नहीं तो तुम्हारे बुरे कामों के कारण मेरा क्रोध आग की नाई भड़केगा, और ऐसा होगा की कोई उसे बुझा न सकेगा।
- Proverbs 31:8–9 नीतिवचन 31:8–9गूंगे के लिये अपना मुंह खोल, और सब अनाथों का न्याय उचित रीति से किया कर। अपना मुंह खोल और धर्म से न्याय कर, और दीन दरिद्रों का न्याय कर।
- Zechariah 7:9–11 जकर्याह 7:9–11खराई से न्याय चुकाना, और एक दूसरे के साथ कृपा और दया से काम करना, न तो विधवा पर अन्धेर करता, न अनाथों पर, न परदेशी पर, और न दीन जन पर; और न अपने अपने मन में एक दूसरे की हानि की कल्पना करना। परन्तु उन्हों ने चित्त लगाना न चाहा, और हठ किया, और अपने कानों को मूंद लिया ताकि सुन न सकें।
- Isaiah 1:31 यशायाह 1:31और बलवान तो सन और उसका काम चिंगारी बनेगा, और दोनों एक साथ जलेंगे, और कोई बुझानेवाला न होगा।।
- Jeremiah 22:2–3 यिर्मयाह 22:2–3हे दाऊद की गद्दी पर विराजमान यहूदा के राजा, तू अपने कर्मचारियों और अपनी प्रजा के लोगों समेत जो इन फाटकों से आया करते हैं, यहोवा का वचन सुन। यहोवा यों कहता है, न्याय और धर्म के काम करो; और लुटे हुए को अन्धेर करनेवाले के हाथ से छुड़ाओ। और परदेशी, अनाथ और विधवा पर अन्धेर व उपद्रव मत करो, न इस स्थान में निदषों का लोहू बहाओ।
- Nahum 1:6 नहूम 1:6उसके क्रोध का साम्हना कौन कर सकता है? और जब उसका क्रोध भड़कता है, तब कौन ठहर सकता है? उसकी जलजलाहट आग की नाईं भड़क जाती है, और चट्टानें उसकी शक्ति से फट फटकर गिरती हैं।
- Ezekiel 20:47–48 यहेजकेल 20:47–48और दक्खिन देश के वन से कह, यहोवा का यह वचन सुन, प्रभु यहोवा यों कहता हेै, मैं तुझ में आग लगाऊंगा, और तुझ में क्या हरे, क्या सूखे, जितने पेड़ हैं, सब को वह भस्म करेगी; असकी धधकती ज्वाला न बुझेगी, और उसके कारण दक्खिन से उत्तर तक सब के मुख झुलस जाएंगे। तब सब प्राणियों को सूझ पड़ेगा कि वह आग यहोवा की लगाई हुई है; और वह कभी न बुझेगी।
- Jeremiah 36:7 यिर्मयाह 36:7क्या जाने वे यहोवा से गिड़गिड़ाकर प्रार्थना करें और अपनी अपनी बुरी चाल से फिरें; क्योंकि जो क्रोध और जलजलाहट यहोवा ने अपनी इस प्रजा पर भड़काने को कहा है, वह बड़ी है।
- Jeremiah 5:28 यिर्मयाह 5:28वे मोटे और चिकने हो गए हैं। बुरे कामों में वे सीमा को लांध गए हैं; वे न्याय, विशेष करके अनाथों का न्याय नहीं चुकाते; इस से उनका काम सफल नहीं होता: वे कंगालों का हक़ भी नहीं दिलाते।
- Jeremiah 17:4 यिर्मयाह 17:4तू अपने ही दोष के कारण अपने उस भाग का अधिकारी न रहने पाएगा जो मैं ने तुझे दिया है, और मैं ऐसा करूंगा कि तू अनजाने देश में अपने शत्रुओं की सेवा करेगा, क्योंकि तू ने मेरे क्रोध की आग ऐसी भड़काई जो सर्वदा जलती रहेगी।
- Zephaniah 3:5 सपन्याह 3:5यहोवा जो उसके बीच में है, वह धर्मी है, वह कुटिलता न करेगा; वह अपना न्याय प्रति भोर प्रगट करता है और चूकता नहीं; परन्तु कुटिल जन को लज्जा आती ही नहीं।
Original words (Hebrew)
- house · H1004בַּיִת bayith
- David · H1732דָּוִד Dâvid
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- Execute · H1777דִּין dîyn
- judgment · H4941מִשְׁפָּט mishpâṭ
- morning · H1242בֹּקֶר bôqer
- deliver · H5337נָצַל nâtsal
- spoiled · H1497גָּזַל gâzal
- hand · H3027יָד yâd
- oppressor · H6231עָשַׁק ʻâshaq
- fury · H2534חֵמָה chêmâh
- out · H3318יָצָא yâtsâʼ
- fire · H784אֵשׁ ʼêsh
- burn · H1197בָּעַר bâʻar
- quench · H3518כָּבָה kâbâh
- because · H6440פָּנִים pânîym
- evil · H7455רֹעַ rôaʻ
- doings · H4611מַעֲלָל maʻălâl