Proverbs · chapter 31 · verse 8
Proverbs 31:8 in Hindi
गूंगे के लिये अपना मुंह खोल, और सब अनाथों का न्याय उचित रीति से किया कर।
Goonge ke liye apanaa munh khol, aur sab anaathom kaa nyaay uchit reeti se kiyaa kar.
Proverbs 31:8 in English
- King James Version (KJV)
- Open thy mouth for the dumb in the cause of all such as are appointed to destruction.
- World English Bible (WEB)
- Open your mouth for the mute, in the cause of all who are left desolate.
- American Standard Version (ASV)
- Open thy mouth for the dumb, In the cause of all such as are left desolate.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let your mouth be open for those who have no voice, in the cause of those who are ready for death.
- Darby Translation (DBY)
- Open thy mouth for the dumb, for the cause of all those that are left desolate.
- Webster's Bible (WBS)
- Open thy mouth for the dumb in the cause of all such as are appointed to destruction.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Open thy mouth for the dumb, For the right of all sons of change.
Read in context
- 6मदिरा उसको पिलाओ जो मरने पर है, और दाखमधु उदास मनवालों को ही देना;
- 7जिस से वे पीकर अपनी दरिद्रता को भूल जाएं और अपने कठिन श्रम फिर स्मरण न करें।
- 8गूंगे के लिये अपना मुंह खोल, और सब अनाथों का न्याय उचित रीति से किया कर।
- 9अपना मुंह खोल और धर्म से न्याय कर, और दीन दरिद्रों का न्याय कर।
- 10भली पत्नी कौन पा सकता है? क्योंकि उसका मूल्य मूंगों से भी बहुत अधिक है। उसके पति के मन में उसके प्रति विश्वास है।
Cross references
- Psalm 82:3–4 भजन संहिता 82:3–4कंगाल और अनाथों का न्याय चुकाओ, दीन दरिद्र का विचार धर्म से करो। कंगाल और निर्धन को बचा लो; दुष्टों के हाथ से उन्हें छुड़ाओ।।
- Proverbs 24:11–12 नीतिवचन 24:11–12जो मार डाले जाने के लिये घसीटे जाते हैं उनको छुड़ा; और जो घात किए जाने को हैं उन्हें मत पकड़ा। यदि तू कहे, कि देख मैं इसको जानता न था, तो क्या मन का जांचनेवाला इसे नहीं समझता? और क्या तेरे प्राणों का रक्षक इसे नहीं जानता? और क्या वह हर एक मनुष्य के काम का फल उसे न देगा?
- Job 29:12–17 अय्यूब 29:12–17क्योंकि मैं दोहाई देनेवाले दीन जन को, और असहाय अनाथ को भी छुड़ाता था। जो नाश होने पर था मुझे आशीर्वाद देता था, और मेरे कारण विधवा आनन्द के मारे गाती थी। मैं धर्म को पहिने रहा, और वह मुझे ढांके रहा; मेरा न्याय का काम मेरे लिये बागे और सुन्दर पगड़ी का काम देता था। मैं अन्धों के लिये आंखें, और लंगड़ों के लिये पांव ठहरता था। दरिद्र लोगों का मैं पिता ठहरता था, और जो मेरी पहिचान का न था उसके मुक़ मे का हाल मैं पूछताछ करके जान लेता था। मैं कुटिल मनुष्यों की डाढ़ें तोड़ डालता, और उनका शिकार उनके मुंह से छीनकर बचा लेता था।
- Jeremiah 38:7–10 यिर्मयाह 38:7–10उस समय राजा बिन्यामीन के फाटक के पास बैठा था सो जब एबेदमेलेक कूशी ने जो राजभवन में एक खोजा था, सुना, कि उन्हों ने यिर्मयाह को गड़हे में डाल दिया है--- तब एबेदमेलेक राजभवन से निकलकर राजा से कहने लगा, हे मेरे स्वामी, हे राजा, उन लोगों ने यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता से जो कुछ किया है वह बुरा किया है, क्योंकि उन्हों ने उसको गड़हे में डाल दिया है; वहां वह भूख से मर जाएगा क्योंकि नगर में कुछ रोटी नहीं रही है। तब राजा ने एबेदमेलेक कूशी को यह आज्ञा दी कि यहां से तीस पुरूष साथ लेकर यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता को मरने से पहिले गड़हे में से निकाल।
- Esther 4:13–16 एस्तेर 4:13–16तब मोर्दकै ने एस्तेर के पास यह कहला भेजा, कि तू मन ही मन यह विचार न कर, कि मैं ही राजभवन में रहने के कारण और सब यहूदियों में से बची रहूंगी। क्योंकि जो तू इस समय चुपचाप रहे, तो और किसी न किसी उपाय से यहूदियों का छुटकारा और उठ्ठार हो जाएगा, परन्तु तू अपने पिता के घराने समेत नाश होगी। फिर क्या जाने तुझे ऐसे ही कठिन समय के लिये राजपद मिल गया हो? तब एस्तेर ने मोर्दकै के पास यह कहला भेजा, कि तू जाकर शूशन के सब यहूदियों को इकट्ठा कर, और तुम सब मिलकर मेरे निमित्त उपवास करो, तीन दिन रात न तो कुछ खाओ, और न कुछ पीओ। और मैं भी अपनी सहेलियों सहित उसी रीति उपवास करूंगी। और ऐसी ही दशा में मैं नियम के विरूद्ध राजा के पास भीतर जाऊंगी; और यदि नाश हो गई तो हो गई।
- Jeremiah 26:24 यिर्मयाह 26:24परन्तु शापान का पुत्रा अहीकाम यिर्मयाह की सहायता करने लगा और वह लोगों के वश में वध होने के लिये नहीं दिया गया।
- John 7:51 यूहन्ना 7:51क्या हमारी व्यवस्था किसी व्यक्ति को जब तक पहिले उस की सुनकर जान न ले, कि वह क्या करता है; दोषी ठहराती है?
- Jeremiah 26:16–19 यिर्मयाह 26:16–19तब हाकिमों और सब लोगों ने याजकों और नबियों से कहा, यह मनुष्य प्राणदण्ड के योग्य नहीं है क्योंकि उस ने हमारे परमेश्वर यहोवा के नाम से हम से कहा है। और देश के पुरनियों में से कितनों ने उठकर प्रजा की सारी मण्डली से कहा, यहूदा के राजा हिजकिरयाह के दिनों में मोरसेती मीकायाह भविष्यद्वाणी कहता था, उस ने यहूदा के सारे लोगों से कहा, सेनाओं का यहोवा यों कहता है कि सिरयोन जोतकर खेत बनाया जाएगा और यरूशलेम खएडहर हो जाएगा, और भवनवाला पर्वत जंगली स्थान हो जाएगा। क्या यहूदा के राजा हिजकिरयाह ने वा किसी यहूदी ने उसको कहीं मरवा डाला? क्या उस राजा ने यहोवा का भय न माना ओर उस से बिनती न की? और तब यहोवा ने जो विपत्ति उन पर डालने के लिये कहा था, उसके विषय क्या वह न पछताया? ऐसा करके हम अपने प्राणों की बड़ी हानि करेंगे।
- Psalm 79:11 भजन संहिता 79:11बन्धुओं का कराहना तेरे कान तक पहुंचे; घात होनेवालों को अपने भुजबल के द्वारा बचा।
- 1 Samuel 20:32 1 शमूएल 20:32योनातन ने अपने पिता शाऊल को उत्तर देकर उस से कहा, वह क्यों मारा जाए? उसने क्या किया है?
- 1 Samuel 19:4–7 1 शमूएल 19:4–7और योनातन ने अपने पिता शाऊल से दाऊद की प्रशंसा करके उस से कहा, कि हे राजा, अपने दास दाऊद का अपराधी न हो; क्योंकि उस ने तेरा कुछ अपराध नहीं किया, वरन उसके सब काम तेरे बहुत हित के हैं; उस ने अपने प्राण पर खेलकर उस पलिश्ती को मार डाला, और यहोवा ने समस्त इस्राएलियों की बड़ी जय कराई। इसे देखकर तू आनन्दित हुआ था; और तू दाऊद को अकारण मारकर निर्दोष के खून का पापी क्यों बने? तब शाऊल ने योनातन की बात मानकर यह शपथ खाई, कि यहोवा के जीवन की शपथ, दाऊद मार डाला न जाएगा। तब योनातन ने दाऊद को बुलाकर ये समस्त बातें उसको बताई। फिर योनातन दाऊद को शाऊल के पास ले गया, और वह पहिले की नाईं उसके साम्हने रहने लगा।।
- Proverbs 24:7 नीतिवचन 24:7बुद्धि इतने ऊंचे पर है कि मूढ़ उसे पा नहीं सकता; वह सभा में अपना मुंह खोल नहीं सकता।।