Jeremiah · chapter 25 · verse 2
Jeremiah 25:2 in Hindi
यहोवा का जो वचन यिर्मयाह नबी के पास पहुंचा, और जिसे यिर्मयाह नबी ने सब यहूदियों और यरूशलेम के सब निवासियों से कहा, वह यह हैे
Yahovaa kaa jo vachan yirmayaah nabee ke paas pahunchaa, aur jise yirmayaah nabee ne sab yahoodiyom aur yarooshalem ke sab nivaasiyom se kahaa, vah yah haiే
Jeremiah 25:2 in English
- King James Version (KJV)
- The which Jeremiah the prophet spake unto all the people of Judah, and to all the inhabitants of Jerusalem, saying,
- World English Bible (WEB)
- which Jeremiah the prophet spoke to all the people of Judah, and to all the inhabitants of Jerusalem:
- American Standard Version (ASV)
- which Jeremiah the prophet spake unto all the people of Judah, and to all the inhabitants of Jerusalem, saying:
- Bible in Basic English (BBE)
- This word Jeremiah gave out to all the people of Judah and to those living in Jerusalem, saying,
- Darby Translation (DBY)
- which Jeremiah the prophet spoke unto all the people of Judah and to all the inhabitants of Jerusalem, saying:
- Webster's Bible (WBS)
- Which Jeremiah the prophet spoke to all the people of Judah, and to all the inhabitants of Jerusalem, saying,
- Young's Literal Translation (YLT)
- Which Jeremiah the prophet hath spoken concerning all the people of Judah, even unto all the inhabitants of Jerusalem, saying:
Read in context
- 1योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य के चौथे वर्ष में जो बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर के राज्य का पहिला वर्ष था,
- 2यहोवा का जो वचन यिर्मयाह नबी के पास पहुंचा, और जिसे यिर्मयाह नबी ने सब यहूदियों और यरूशलेम के सब निवासियों से कहा, वह यह हैे
- 3आमोन के पुत्रा यहूदा के राजा योशिरयाह के राज्य के तेरहवें वर्ष से लेकर आज के दिन तक अर्थात् तेईस वर्ष से यहोवा का वचन मेरे पास पहुंचता आया हे; और मैं उसे बड़े यत्न के साथ तुम से कहता आया हूँ; परन्तु तुम ने उसे नहीं सुना।
- 4और यद्यपि यहोवा तुम्हारे पास अपने सारे दासों अथवा भविष्यद्वक्ताओं को भी यह कहने के लिये बड़े यत्न से भेजता आया है
Cross references
- Jeremiah 18:11 यिर्मयाह 18:11इसलिये अब तू यहूदा और यरूशलेम के निचसियोें से यह कह, यहोवा यों कहता है, देखो, मैं तुम्हारी हानि की युक्ति और तुम्हारे विरूद्ध प्रबन्ध कर रहा हूँ। इसलिये तुम अपने अपने बुरे मार्ग से फिरो और अपना अपना चालचलन और काम सुधारो।
- Jeremiah 38:1–2 यिर्मयाह 38:1–2फिर जो वचन यिर्मयाह सब लोगों से कहता था, उनको मत्तान के पुत्रा शपन्याह, पशहूर के पुत्रा गदल्याह, शेलेम्याह के पुत्रा यूकल और मल्किरयाह के पुत्रा पशहूर ने सुना, कि, यहोवा यों कहता है कि जो कोई इस नगर में रहेगा वह तलवार, पहंगी ओर मरी से मरेगा; परन्तु जो कोई कसदियों के पास निकल भागे वह अपना प्राण बचाकर जीवित रहेगा।
- Jeremiah 26:2 यिर्मयाह 26:2यहोवा के भवन के आंगन में खड़ा होकर, यहूदा के सब नगरों के लोगों के साम्हने जो यहोवा के भवन में दण्डवत् करने को आएं, ये वचन जिनके विषय उन से कहने की आज्ञा मैं तुझे देता हूँ कह दे; उन में से कोई वचन मत रख छोड़।
- Jeremiah 19:14–15 यिर्मयाह 19:14–15तब यिर्मयाह तोपेत से लौटकर, जहां यहोवा ने उसे भविष्यद्वाणी करने को भेजा था, यहोवा के भवन के आंगन में खड़ा हुआ, और सब लोगों से कहने लगा; इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यों कहता हे, देखो, सब गांवों समेत इस नगर पर वह सारी विपत्ति डालना चाहता हूँ जो मैं ने इस पर लाने को कहा है, क्योंकि उन्होंने हठ कर के मेरे वचन को नहीं माना है।
- Jeremiah 35:13 यिर्मयाह 35:13इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यों कहता है कि जाकर यहूदा देश के लोगों और यरूशलेम नगर के निवासियों से कह, यहोवा की यह वाणी है, क्या तुम शिक्षा मानकर मेरी न सुदोगे?
- Mark 7:14–15 मरकुस 7:14–15और उस ने लोगों को अपने पास बुलाकर उन से कहा, तुम सब मेरी सुनो, और समझो। ऐसी तो कोई वस्तु नहीं जो मनुष्य को बाहर से समाकर अशुद्ध करे; परन्तु जो वस्तुएं मनुष्य के भीतर से निकलती हैं, वे ही उसे अशुद्ध करती हैं।
- Psalm 49:1–2 भजन संहिता 49:1–2हे देश देश के सब लोगों यह सुनो! हे संसार के सब निवासियों, कान लगाओ! क्या ऊंच, क्या नीच क्या धनी, क्या दरिद्र, कान लगाओ!