Jeremiah · chapter 35 · verse 13
Jeremiah 35:13 in Hindi
इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यों कहता है कि जाकर यहूदा देश के लोगों और यरूशलेम नगर के निवासियों से कह, यहोवा की यह वाणी है, क्या तुम शिक्षा मानकर मेरी न सुदोगे?
Israael kaa parameshvar senaaom kaa yahovaa yom kahataa hai ki jaakar yahoodaa desh ke logom aur yarooshalem nagar ke nivaasiyom se kah, yahovaa kee yah vaanee hai, kyaa tum shikshaa maanakar meree na sudoge?
Jeremiah 35:13 in English
- King James Version (KJV)
- Thus saith the LORD of hosts, the God of Israel; Go and tell the men of Judah and the inhabitants of Jerusalem, Will ye not receive instruction to hearken to my words? saith the LORD.
- World English Bible (WEB)
- “The LORD of Armies, the God of Israel, says: ‘Go and tell the men of Judah and the inhabitants of Jerusalem, “Will you not receive instruction to listen to my words?” says the LORD.
- American Standard Version (ASV)
- Thus saith Jehovah of hosts, the God of Israel: Go, and say to the men of Judah and the inhabitants of Jerusalem, Will ye not receive instruction to hearken to my words? saith Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- This is what the Lord of armies, the God of Israel, has said: Go and say to the men of Judah and the people of Jerusalem, Is there no hope of teaching you to give ear to my words? says the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- Thus saith Jehovah of hosts, the God of Israel: Go and say to the men of Judah and to the inhabitants of Jerusalem, Will ye not receive instruction to hearken unto my words? saith Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- Thus saith the LORD of hosts, the God of Israel; Go and tell the men of Judah and the inhabitants of Jerusalem, Will ye not receive instruction to hearken to my words? saith the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Go, and thou hast said to the men of Judah, and to the inhabitants of Jerusalem: Do ye not receive instruction? — to hearken unto My words — an affirmation of Jehovah.
Read in context
- 11परन्तु जब बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर ने इस देश पर चढ़ाई की, तब हम ने कहा, चलो, कसदियों और अरामियों के दलों के डर के मारे यरूशलेम में जाएं। इस कारण हम अब यरूशलेम में रहते हैं।
- 12तब यहोवा का यह वचन यिर्मयाह के पास पहुंचा।
- 13इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यों कहता है कि जाकर यहूदा देश के लोगों और यरूशलेम नगर के निवासियों से कह, यहोवा की यह वाणी है, क्या तुम शिक्षा मानकर मेरी न सुदोगे?
- 14देखो, रेकाब के पुत्रा योनादाब ने जो आज्ञा अपने वंश को दी थी कि तुम दाखमधु न पीना सो तो मानी गई है यहां तक कि आज के दिन भी वे लोग कुछ नहीं पीते, वे अपने पुरखा की आज्ञा मानते हैं; पर यद्यपि मैं तुम से बड़े यत्न से कहता आया हूँ, तैभी तुम ने मेरी नहीं सुनी।
- 15मैं तुम्हारे पास अपने सारे दास नबियों को बड़ा यत्न करके यह कहने को भेजता आया हूँ कि अपनी बुरी चाल से फिरो, और अपने काम सुधारो, और दूसरे देवताओं के पीछे जाकर उनकी उपासना मत करो तब ुतुम इस देश में जो मैं ने तुम्हारे पितरों को दिया था और तुम को भी दिया है, बसने पाओगे। पर तुम ने मेरी ओर कान नहीं लगाया न मेरी सुनी है।
Cross references
- Jeremiah 32:33 यिर्मयाह 32:33उन्होंने मेरी ओर मुंह नहीं वरन पीठ ही फेर दी है; यद्यपि मैं उन्हें बड़े यत्न से सिखाता आया हूँ, तौभी उन्होंने मेरी शिक्षा को नहीं माना।
- Jeremiah 5:3 यिर्मयाह 5:3हे यहोवा, क्या तेरी दृष्टि सच्चाई पर नहीं है? तू ने उनको दु:ख दिया, परन्तु वे शोकित नहीं हुए; तू ने उनको नाश किया, परन्तु उन्हों ने ताड़ना से भी नहीं माना। उन्हों ने अपना मन चट्टान से भी अधिक कठोर किया है; उन्हों ने पश्चात्ताप करने से इनकार किया है।
- Isaiah 28:9–12 यशायाह 28:9–12वह किसको ज्ञान सिखाएगा, और किसको अपने समाचार का अर्थ समझाएगा? क्या उनको जो दूध छुड़ाए हुए और स्तन से अलगाए हुए हैं? क्योंकि आज्ञा पर आज्ञा, आज्ञा पर आज्ञा, नियम पर नियम, नियम पर नियम थोड़ा यहां, थोड़ा वहां।। वह तो इन लोगों से परदेशी होंठों और विदेशी भाषावालों के द्वारा बातें करेगा; जिन से उस ने कहा, विश्राम इसी से मिलेगा; इसी के द्वारा थके हुए को विश्राम दो; परन्तु उन्हों ने सुनना न चाहा।
- Jeremiah 6:8–10 यिर्मयाह 6:8–10हे यरूशलेम, ताड़ना से ही मान ले, नहीं तो तू मेरे मन से भी उतर जाएगी; और, मैं तुझ को उजाड़कर निर्जन कर डालूंगा। सेनाओं का यहोवा यों कहता है, इस्राएल के सब बचे हुए दाखलता की नाई ढूंढ़कर तोड़े जाएंगे; दाखके तोड़नेवाले की नाई उस लता की डालियों पर फिर अपना हाथ लगा। मैं किस से बोलूं और किसको चिताकर कहूं कि वे मानें? देख, ये ऊंचा सुनते हैं, वे ध्यान भी नहीं दे सकते; देख, यहोवा के वचन की वे निन्दा करते और उसे नहीं चाहते हैं।
- Psalm 32:8–9 भजन संहिता 32:8–9मैं तुझे बुद्धि दूंगा, और जिस मार्ग में तुझे चलना होगा उस में तेरी अगुवाई करूंगा; मैं तुझ पर कृपादृष्टि रखूंगा और सम्मत्ति दिया करूंगा। तुम घोड़े और खच्चर के समान न बनो जो समझ नहीं रखते, उनकी उमंग लगाम और बाग से रोकनी पड़ती है, नहीं तो वे तेरे वश में नहीं अपने के।।
- Proverbs 8:10 नीतिवचन 8:10चान्दी नहीं, मेरी शिक्षा ही को लो, और उत्तम कुन्दन से बढ़कर ज्ञान को ग्रहण करो।
- Isaiah 42:23 यशायाह 42:23तुम में से कौन इस पर कान लगाएगा? कौन ध्यान धरके होनहार के लिये सुनेगा?
- Hebrews 12:25 इब्रानियों 12:25सावधान रहो, और उस कहनेवाले से मुंह न फेरो, क्योंकि वे लोग जब पृथ्वी पर के चितावनी देनेवाले से मुंह मोड़कर न बच सके, तो हम स्वर्ग पर से चितावनी करनेवाले से मुंह मोड़कर क्योंकर बच सकेंगे?
- Jeremiah 9:12 यिर्मयाह 9:12जो बुध्दिमान मुरूष हो वह इसका भेद समझ ले, और जिस ने यहोवा के मुख से इसका कारण सुना हो वह बता दे। देश का नाश क्यों हुआ? क्यों वह जंगल की नाई ऐसा जल गया कि उस में से होकर कोई नहीं चलता?
- Proverbs 19:20 नीतिवचन 19:20सम्मति को सुन ले, और शिक्षा को ग्रहण कर, कि तू अन्तकाल में बुद्धिमान ठहरे।
Original words (Hebrew)
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- hosts · H6635צָבָא tsâbâʼ
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- Go · H1980הָלַךְ hâlak
- tell · H559אָמַר ʼâmar
- men · H376אִישׁ ʼîysh
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- inhabitants · H3427יָשַׁב yâshab
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- receive · H3947לָקַח lâqach
- instruction · H4148מוּסָר mûwçâr
- hearken · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- words · H1697דָּבָר dâbâr
- saith · H5002נְאֻם nᵉʼum