Jeremiah · chapter 26 · verse 1
Jeremiah 26:1 in Hindi
योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के राजय के आरम्भ में, यहोवा की ओर से यह वचन पहुंचा, यहोवा यों कहता है,
Yoshirayaah ke putraa yahoodaa ke raajaa yahoyaakeem ke raajay ke aarambh mem, yahovaa kee or se yah vachan pahunchaa, yahovaa yom kahataa hai,
Jeremiah 26:1 in English
- King James Version (KJV)
- In the beginning of the reign of Jehoiakim the son of Josiah king of Judah came this word from the LORD, saying,
- World English Bible (WEB)
- In the beginning of the reign of Jehoiakim the son of Josiah, king of Judah, this word came from the LORD:
- American Standard Version (ASV)
- In the beginning of the reign of Jehoiakim the son of Josiah, king of Judah, came this word from Jehovah, saying,
- Bible in Basic English (BBE)
- When Jehoiakim, the son of Josiah, king of Judah, first became king, this word came from the Lord, saying,
- Darby Translation (DBY)
- In the beginning of the reign of Jehoiakim the son of Josiah, the king of Judah, came this word from Jehovah, saying,
- Webster's Bible (WBS)
- In the beginning of the reign of Jehoiakim the son of Josiah king of Judah came this word from the LORD, saying,
- Young's Literal Translation (YLT)
- In the beginning of the reign of Jehoiakim son of Josiah, king of Judah, hath this word been from Jehovah, saying:
Read in context
- 1योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के राजय के आरम्भ में, यहोवा की ओर से यह वचन पहुंचा, यहोवा यों कहता है,
- 2यहोवा के भवन के आंगन में खड़ा होकर, यहूदा के सब नगरों के लोगों के साम्हने जो यहोवा के भवन में दण्डवत् करने को आएं, ये वचन जिनके विषय उन से कहने की आज्ञा मैं तुझे देता हूँ कह दे; उन में से कोई वचन मत रख छोड़।
- 3सम्भव है कि वे सुनकर अपनी अपनी बुरी चाल से फिरें और मैं उनकी हानि करने से पछताऊं जो उनके बुरे कामों के कारण मैं ने ठाना था।
Cross references
- 2 Chronicles 36:4–5 2 इतिहास 36:4–5तब मिस्र के राजा ने उसके भाई एल्याकीम को यहूदा और यरूशलेम का राजा बनाया और उसका नाम बदलकर यहोयाकीम रखा। और नको उसके भाई यहोआहाज को मिस्र में ले गया। जब यहोयाकीम राज्य करने लगा, तब वह पचीस वर्ष का था, और ग्यारह वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। और उस ने वह काम किया, जो उसके परमेश्वर यहोवा की दृष्टि में बुरा है।
- Jeremiah 27:1 यिर्मयाह 27:1योशिरयाह के पुत्रा, यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य के आरम्भ में यहोवा की ओर से यह वचन यिर्मयाह के पास पहुंचा।
- Jeremiah 36:1 यिर्मयाह 36:1फिर योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य के चौथे बरस में यहोवा की ओर से यह वचन यिर्मयाह के पास पहुंचा,
- Jeremiah 25:1 यिर्मयाह 25:1योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य के चौथे वर्ष में जो बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर के राज्य का पहिला वर्ष था,
- Jeremiah 35:1 यिर्मयाह 35:1योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य में यहोवा की ओर से यह वचन यिर्मयाह के पास पहुंचा२
- Jeremiah 1:3 यिर्मयाह 1:3इसके बाद योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के दिनों में, और योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा सिदकिरयाह के राज्य के ग्यारहवें वर्ष के अन्त तक भी प्रगट होता रहा जब तक उसी वर्ष के पांचवें महीने में यरूशलेम के निवासी बंधुआई में न चले गए।
- 2 Kings 23:34–36 2 राजा 23:34–36तब फिरौन- नको ने योशिरयाह के पुत्रा एल्याकीम को उसके पिता योशिरयाह के स्थान पर राजा नियुक्त किया, और उसका नाम बदलकर यहोयाकीम रखा; और यहोआहाज को ले गया। सो यहोआहाज मिस्र में जाकर वहीं मर गया। यहोयाकीम ने फ़िरौन को वह चान्दी और सोना तो दिया परन्तु देश पर इसलिये कर लगाया कि फ़िरौन की अज्ञा के अनुसार उसे दे सके, अर्थात् देश के सब लोगों से जितना जिस पर लगान लगा, उतनी चान्दी और सोना उस से फ़िरौन- नको को देने के लिये ले लिया। जब सहोयाकीम राज्य करने लगा, तब वह पचीस पर्ष का था, और ग्यारह वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम जबीदा था जो रूमावासी अदायाह की बेटी थी।