Jeremiah · chapter 1 · verse 3
Jeremiah 1:3 in Hindi
इसके बाद योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के दिनों में, और योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा सिदकिरयाह के राज्य के ग्यारहवें वर्ष के अन्त तक भी प्रगट होता रहा जब तक उसी वर्ष के पांचवें महीने में यरूशलेम के निवासी बंधुआई में न चले गए।
Isake baad yoshirayaah ke putraa yahoodaa ke raajaa yahoyaakeem ke dinom mem, aur yoshirayaah ke putraa yahoodaa ke raajaa sidakirayaah ke raajy ke gyaarahavem varsh ke ant tak bhee pragat hotaa rahaa jab tak usee varsh ke paanchavem maheene mem yarooshalem ke nivaasee bandhuaaee mem na chale gae.
Jeremiah 1:3 in English
- King James Version (KJV)
- It came also in the days of Jehoiakim the son of Josiah king of Judah, unto the end of the eleventh year of Zedekiah the son of Josiah king of Judah, unto the carrying away of Jerusalem captive in the fifth month.
- World English Bible (WEB)
- It came also in the days of Jehoiakim the son of Josiah, king of Judah, to the end of the eleventh year of Zedekiah, the son of Josiah, king of Judah, to the carrying away of Jerusalem captive in the fifth month.
- American Standard Version (ASV)
- It came also in the days of Jehoiakim the son of Josiah, king of Judah, unto the end of the eleventh year of Zedekiah, the son of Josiah, king of Judah, unto the carrying away of Jerusalem captive in the fifth month.
- Bible in Basic English (BBE)
- And it came again in the days of Jehoiakim, the son of Josiah, king of Judah, up to the eleventh year of Zedekiah, the son of Josiah, king of Judah; till Jerusalem was taken away in the fifth month.
- Darby Translation (DBY)
- it came also in the days of Jehoiakim the son of Josiah, king of Judah, unto the end of the eleventh year of Zedekiah the son of Josiah, king of Judah, unto the carrying away of Jerusalem captive, in the fifth month.
- Webster's Bible (WBS)
- It came also in the days of Jehoiakim the son of Josiah king of Judah, to the end of the eleventh year of Zedekiah the son of Josiah king of Judah, to the carrying away of Jerusalem captive in the fifth month.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and it is in the days of Jehoiakim son of Josiah, king of Judah, till the completion of the eleventh year of Zedekiah son of Josiah, king of Judah, till the removal of Jerusalem in the fifth month.
Read in context
- 1हिल्किरयाह का पुत्रा यिर्मयाह जो बिन्यामीन देश के अनातोत में रहनेवाले याजकों में से था, उसी के ये वचन हैं।
- 2यहोवा का वचन उसके पास आमोन के पुत्रा यहूदा के राजा योशिरयाह के दिनों में उसके राज्य के तेरहवें वर्ष में पहुंचा।
- 3इसके बाद योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के दिनों में, और योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा सिदकिरयाह के राज्य के ग्यारहवें वर्ष के अन्त तक भी प्रगट होता रहा जब तक उसी वर्ष के पांचवें महीने में यरूशलेम के निवासी बंधुआई में न चले गए।
- 4तब यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,
- 5गर्भ में रचने से पहिले ही मैं ने तुझ पर चित्त लगाया, और उत्पन्न होने से पहिले ही मैं ने तुझे अभिषेक किया; मैं ने तुझे जातियों का भविष्यद्वक्ता ठहराया।
Cross references
- 2 Chronicles 36:5–8 2 इतिहास 36:5–8जब यहोयाकीम राज्य करने लगा, तब वह पचीस वर्ष का था, और ग्यारह वर्ष तक यरूशलेम में राज्य करता रहा। और उस ने वह काम किया, जो उसके परमेश्वर यहोवा की दृष्टि में बुरा है। उस पर बाबेल के राजा नबूकदनेस्सर ने चढ़ाई की, और बाबेल ले जाने के लिये उसको बेड़ियां पहना दीं। फिर नबूकदनेस्सर ने यहोवा के भवन के कुछ पात्रा बाबेल ले जाकर, अपने मन्दिर में जो बाबेल में था, रख दिए। यहोयाकीम के और काम और उस ने जो जो घिनौने काम किए, और उस में जो जो बिराइयां पाई गई, वह इस्राएल और यहूदा के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में लिखी हैं। और उसका पुत्रा यहोयाकीन उसके स्थान पर राज्य करने लगा।
- Jeremiah 39:2 यिर्मयाह 39:2और सिदकिरयाह के राज्य के ग्यारहवें वर्ष के चौथे महीने के नौवें दिन को उस नगर की शहरपनाह तोड़ी गई।
- 2 Kings 23:34 2 राजा 23:34तब फिरौन- नको ने योशिरयाह के पुत्रा एल्याकीम को उसके पिता योशिरयाह के स्थान पर राजा नियुक्त किया, और उसका नाम बदलकर यहोयाकीम रखा; और यहोआहाज को ले गया। सो यहोआहाज मिस्र में जाकर वहीं मर गया।
- Zechariah 7:5 जकर्याह 7:5सब साधारण लोगों से और याजकों से कह, कि जब तुम इन सत्तर वर्षों के बीच पांचवें और सातवें महीनों में उपवास और विलाप करते थे, तब क्या तुम सचमुच मेरे ही लिये उपवास करते थे?
- 2 Chronicles 36:11–21 2 इतिहास 36:11–21जब सिदकिरयाह राज्य करने लगा, तब वह इक्कीस वर्ष का था, और यरूशलेम में ग्यारह वर्ष तक राज्य करता रहा। और उस ने वही किया, जो उसके परमेश्वर यहोवा की दृष्टि में बुरा है। यद्यापि यिर्मयाह नबी यहोवा की ओर से बातें कहता था, तौभी वह उसके साम्हने दीन न हुआ। फिर नबूकदनेस्सर जिस ने उसे परमेश्वर की शपथ खिलाई थी, उस से उस ने बलवा किया, और उस ने हठ किया और अपना मन कठोर किया, कि वह इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की ओर न फिरे। वरन सब प्रधान याजकों ने और लोगों ने भी अन्य जातियों के से घिनौने काम करके बहुत बड़ा विश्वासघात किया, और यहोवा के भवन को जो उस ने यरूशलेम में पवित्रा किया था, अशुठ्ठ कर डाला। और उनके पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा ने बड़ा यत्न करके अपने दूतों से उनके पास कहला भेजा, क्योंकि वह अपनी प्रजा और अपने धाम पर तरस खाता था; परन्तु वे परमेश्वर के दूतों को ठट्ठों में उड़ाते, उसके वचनों को तुच्छ जानते, और उसके नबियों की हंसी करते थे। निदान यहोवा अपनी प्रजा पर ऐसा झुंझला उठा, कि बचने का कोई उपाय न रहा। तब उस ने उन पर कसदियों के राजा से चढ़ाई करवाई, और इस ने उनके जवानों को उनके पवित्रा भवन ही में तलवार से मार डाला। और क्या जवान, क्या कुंवारी, क्या बूढ़े, क्या पक्के बालवाले, किसी पर भी कोमलता न की; यहोवा ने सभों को उसके हाथ में कर दिया। और क्या छोटे, क्या बड़े, परमेश्वर के भवन के सब पात्रा और यहोवा के भवन, और राजा, और उसके हाकिमों के खजाने, इन सभों को वह बाबेल में ले गया। और कसदियो ने परमेश्वर का भवन फूंक दिया, और यरूशलेम की शहरपनाह को तोड़ ड़ाला, और आग लगा कर उसके सब भवनों को जलाया, और उस में का सारा बहुमूल्य सामान नष्ट कर दिया। और जो तलवार से बच गए, उन्हें वह बाबेल को ले गया, और फारस के राज्य के प्रबल होने तक वे उसके और उसके बेटों- पोतों के आधीन रहे। यह सब इसलिये हुआ कि यहोवा का जो वचन यिर्मयाह के मुंह से निकला था, वह पूरा हो, कि देश अपने विश्राम कालों में मुख भोगता रहे। इसलिये जब तक वह सूना पड़ा रहा तब तक अर्थात् सत्तर वर्ष के पूरे होने तक उसको विश्राम मिला।
- Jeremiah 21:1–14 यिर्मयाह 21:1–14यह वचन यहोवा की ओर से यिर्मयाह के पास उस समय पहुंचा जब सिदकिरयाह राजा ने उसके पास मल्किरयाह के पुत्रा पशहूर और मासेयाह याजक के पुत्रा सपन्याह के हाथ से यह कहला भेजा कि, हमारे लिये यहोवा से पूछ, क्योंकि बाबुल का राजा नबूकदनेस्सर हमारे विरूद्ध युठ्ठ कर रहा है; कदाचित यहोवा हम से अपने सब आश्चर्यकम के अनुसार ऐसा व्यवहार करे कि वह हमारे पास से उठ जाए। तब यिर्मयाह ने उन से कहा, तुम सिदकिरयाह से यों कहो, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, देखो, युठ्ठ के जो हथियार तुम्हारे हाथों में है, जिन से तुम बाबुल के राजा और शहरपनाह के बाहर घेरनेवाले कसदियों से लड़ रहे हो, उनको मैं लौटाकर इस नगर के बीच में इकट्ठा करूंगा; और मैं स्वयं हाथ बढ़ाकर और बलवन्त भुजा से, और क्रोध और जलजलाहट और बड़े क्रोध में आकर तुम्हारे विरूद्ध लडूंगा। और मैं इस नगर के रहनेवालों को क्या मनुष्य, क्या पशु सब को मार डालूंगा; वे बड़ी मरी से मरेंगे। और उसके बाद, यहोवा की यह वाणी है, हे यहूदा के राजा सिदकिरयाह, मैं तुझे, तेरे कर्मचारियों और लोगों को वरन जो लोग इस नगर में मरी, तलवार और महंगी से बचे रहेंगे उनको बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर और उनके प्राण के शत्रुओं के वश में कर दूंगा। वह उनको तलवार से मार डालेगा; उन पर न तो वह तरस खाएगा, न कुछ कोमलता दिखाएगा और न कुछ दया करेगा। और इस प्रजा के लोगों से कह कि यहोवा यों कहता है, देखो, मैं तुम्हारे साम्हने जीवन का मार्ग और मृत्यु का मार्ग भी बताता हूँ। जो कोई इस नगर में रहे वह तलवार, महंगी और मरी से मरेगा; परन्तु जो कोई निकलकर उन कसदियों के पास जो तुम को घेर रहे हैं भाग जाए वह जीवित रहेगा, और उसका प्राण बचेगा। क्योंकि यहोवा की यह वाणी है कि मैं ने इस नगर की ओर अपना मुख भलाई के लिये नहीं, वरन बुराई ही के लिये किया है; यह बाबुल के राजा के वश में पड़ जाएगा, और वह इसको फुंकवा देगा। ओर यहूदा के राजकुल के लोगों से कह, यहोवा का वचन सुनो, हे दाऊद के घराने! यहोवा यों कहता है, भोर को न्याय चुकाओ, और लुटे हुए को अंधेर करनेवाले के हाथ से छुड़ाओ, नहीं तो तुम्हारे बुरे कामों के कारण मेरे क्रोध की आग भड़केगी, और ऐसी जलती रहेगी कि कोई उसे बुझा न सकेगा। हे तराई में रहनेवाली और समथर देश की चट्टान; तुम जो कहते हो कि हम पर कौन चढ़ाई कर सकेगा, और हमारे वासस्थान में कौन पवेश कर सकेगा? यहोवा कहता है कि मैं तुम्हारे विरूद्ध हूँ। और यहोवा की वाणी है कि मैं तुम्हें दण्ड देकर तुम्हारे कामों का फल तुम्हें भुगताऊंगा। मैं उसके वन में आग लगाऊंगा, और उसके चारों ओर सब कुछ भस्म हो जाएगा।
- 2 Kings 24:17–30 2 राजा 24:17–30और बाबेल के राजा ने उसके स्थान पर उसके चाचा मत्तन्याह को राजा नियुक्त किया और उसका नाम बदलकर सिदकिरयाह रखा। जब सिदकिरयाह राज्य करने लगा, तब वह इक्कीस वर्ष का था, और यरूशलेम में ग्यारह वर्ष तक राज्य करता रहा; और उसकी माता का नाम हमूतल था, जो लिब्नावासी यिर्मयाह की बेटी थी। उस ने ठीक यहोयाकीम की लीक पर चलकर वही किया जो यहोवा की दृष्टि में बुरा है। क्योंकि यहोवा के कोप के कारण यरूशलेम और यहूदा को ऐसी दशा हुई, कि अन्त में उस ने उनको अपने साम्हने से दूर किया।
- 1 Chronicles 3:15 1 इतिहास 3:15और योशिरयाह के पुत्रा उसका जेइ योहानान, दूसरा यहोयाकीम; तीसरा सिदकिरयाह, चौथा शल्लूम।
- Jeremiah 28:1–17 यिर्मयाह 28:1–17फिर उसी वर्ष, अर्थात् यहूदा के राजा सिदकिरयाह के राज्य के चौथे वर्ष के पांचवें महीने में, अज्जूर का पुत्रा हनन्याह जो गिबोन का एक भविष्यद्वक्ता था, उस ने मुझ से यहोवा के भवन में, याजकों और सब लोगों के साम्हने कहा, इस्राएल का परमेश्वर सेनाओं का यहोवा यों कहता है कि मैं ने बाबुल के राजा के जूए को तोड़ डाला है। यहोवा के भवन के जितने पात्रा बाबुल का राजा नबूकदनेस्सर इस स्थान से उठाकर बाबुल ले गया, उन्हें मैं दो वर्ष के भीतर फिर इसी स्थान में ले आऊंगा। और मैं यहूदा के राजा यहोयाकीम का पुत्रा यकोन्याह और सब यहूदी बंधुए जो बाबुल को गए हैं, उनको भी इस स्थान में लौटा ले आऊंगा; क्योंकि मैं ने बाबुल के राजा के जूए को तोड़ दिया है, यहोवा की यही वाणी है। तब यिर्मयाह नबी ने हनन्याह नबी से, याजकों और उन सब लोगों के साम्हने जो यहोवा के भवन में खड़े हुए थे कहा, आमीन! यहोवा ऐसा ही करे; जो बातें तू ने भविष्यद्वाणी करके कही हैं कि यहोवा के भवन के पात्रा और सब बंधुए बाबुल से इस स्थान में फिर आएंगे, अन्हें यहोवा पूरा करे। तौभी मेरा यह वचन सुन, जो मैं तुझे और सब लोगों को कह सुनाता हूँ। जो भविष्यद्वक्ता प्राचीनकाल से मेरे और तेरे पहिले होते आए थे, उन्हों ने तो बहुत से देशों और बड़े राज्यों के विरूद्ध युठ्ठ और विपत्ति और मरी के विषय भविष्यद्वाणी की थी। परन्तु जो भविष्यद्वक्ता कुशल के विषय भविष्यद्वाणी करे, तो जब उसका वचन पूरा हो, तब ही उस भविष्यद्वक्ता के विष्य यह निश्चय हो जाएगा कि यह सचमुच यहोवा का भेजा हुआ है। तब हनन्याह भविष्यद्वक्ता ने उस जूए को जो यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता की गर्दन पर था, उतारकर तोड़ दिया। और हनन्याह ने सब लोगों के साम्हने कहा, यहोवा यों कहता है कि इसी प्रकार से मैं पूरे दो वर्ष के भीतर बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर के जूए को सब जातियों की गर्दन पर से उतारकर तोड़ दूंगा। तब यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता चला गया। जब हनन्याह भविष्यद्वक्ता ने यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता की गर्दन पर से जूआ उतारकर तोड़ दिया, उसके बाद यहोवा का यह वचन यिर्मयाह के पास पहुंचो जाकर हनन्याह से यह कह, यहोवा यों कहता है कि तू ने काठ का जूआ तो तोड़ दिया, परन्तु ऐसा करके तू ने उसकी सन्ती लोहे का जूआ बना लिया है। क्योंकि इस्राएल का परमेश्वर, सेनाओं का यहोवा यों कहता है कि मैं इन सब जातियों की गर्दन पर लोहे का जूआ रखता हूँ और वे बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर के आधीन रहेंगे, और इनको उसके अधीन होना पड़ेगा, क्योंकि मैदान के जीवजन्तु भी मैं उसके वश में कर देता हूँ। और यिर्मयाह नबी ने हनन्याह नबी से यह भी कहा, हे हनन्याह, देख यहोवा ने तुझे नहीं भेजा, तू ने इन लोगों को झूठी आशा दिलाई है। इसलिये यहोवा तुझ से यों कहता है, कि देख, मैं तुझ को पृथ्वी के ऊपर से उठा दूंगा, इसी वर्ष में तू मरेगा; क्योंकि तू ने यहोवा की ओर से फिरने की बातें कही हैं। इस वचन के अनुसार हनन्याह उसी वर्ष के सातवें महीने में मर गया।
- Jeremiah 34:1–19 यिर्मयाह 34:1–19जब बाबुल का राजा नबूकदनेस्सर अपनी सारी सेना समेत और पृथ्वी के जितने राज्य उसके वश में थे, उन सभों के लोगों समेत यरूशलेम और उसके सब गांवों से लड़ रहा था, तब यहोवा का यह वचन यिर्मयाह के पास पहुंचा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यों कहता है, जाकर यहूदा के राजा सिदकिरयाह से कह, यहोवा यों कहता है, कि देख, मैं इस नगर को बाबुल के राजा के वश में कर देने पर हूँ, और वह इसे फुंकवा देगा। और तू उसके हाथ से न बचेगा, निश्चय पकड़ा जाएगा और उसके वश में कर दिया जाएगा; और तेरी आंखें बाबुल के राजा को देखेंगी, और तुम आम्हने- साम्हने बातें करोगे; और तू बाबुल को जाएगा। तौभी हे यहूदा के राजा सिदकिरयाह, यहोवा का यह भी वचन तुन जिसे यहोवा तेरे विषय में कहता है, कि तू तलवार से मारा न जाएगा। तू शान्ति के साथ मरेगा। और जैसा तेरे पितरों के लिये अर्थात् जो तुझ से पहिले राजा थे, उनके लिये सुगन्ध द्रव्य जलाया गया, वैसा ही तेरे लिये भी जलाया जाएगा; और लोग यह कहकर, हाय मेरे प्रभु! तेरे लिये छाती पीटेंगे, यहोवा की यही वाणी है। ये सब वचन यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता ने यहूदा के राजा सिदकिरयाह से यरूशलेम में उस समय कहे, जब बाबुल के राजा की सेना यरूशलेम से और यहूदा के जितने नगर बच गए थे, उन से अर्थात् लाकीश और अजेका से लड़ रही थी; क्योंकि यहूदा के जो गढ़वाले नगर थे उन में से केवल वे ही रह गए थे। यहोवा का यह वचन यिर्मयाह के पास उस समय आया जब सिदकिरयाह राजा ने सारी प्रजा से जो यरूशलेम में थी यह वाचा बन्धाई कि दासों के स्वाधीन होने का प्रचार किया जाए, कि सब लोग अपने अपने दास- दासी को जो इब्री वा इब्रिन हों स्वाधीन करके जाने दें, और कोई अपने यहुदी भाई से फिर अपनी सेवा न कराए। तब सब हाकिमों और सारी प्रजा ने यह प्रण किया कि हम अपने अपने दास- दासियों को स्वतंत्रा कर देंगे और फिर उन से अपनी सेवा न कराएंगे; सो उस प्रण के अनुसार उनको स्वतंत्रा कर दिया। परन्तु इसके बाद वे फिर गए और जिन दास- दासियों को उन्हों ने स्वतत्रा करके जाने दिया था उनको फिर अपने वश में लाकर दास और दासी बना लिया। तब यहोवा की ओर से यह वचन यिर्मयाह के पास पहुंचा, इस्राएल का परमेश्वर यहोवा तुम से यों कहता है, जिस समय मैं तुम्हारे पितरों को दासत्व के घर अर्थात् मिस्र देश से निकाल ले आया, उस समय मैं ने आप उन से यह कहकर वाचा बान्धी कि तुम्हारा जो इब्री भाई तुम्हारे हाथ में बेचा जाए उसको तुम सातवें बरस में छोड़ देना; छे बरस तो वह तुम्हारी सेवा करे परन्तु इसके बाद तुम उसको स्वतंत्रा करके अपने पास से जाने देना। परन्तु तुम्हारे पितरों ने मेरी न सुनी, न मेरी ओर कान लगाया। तुम अभी फिरे तो थे और अपने अपने भाई को स्वतंत्रा कर देने का प्रचार कराके जो काम मेरी दृष्टि में भला हे उसे तुम ने किया भी था, और जो भवन मेरा कहलाता है उस में मेरे साम्हने वाचा भी बान्धी थी; पर तुम भटक गए और मेरा नाम इस रीति से अशुठ्ठ किया कि जिन दास- दासियों को तुम स्वतंत्रा करके उनकी इच्छा पर छोड़ चुके थे उन्हें तुम ने फिर अपने वश में कर लिया है, और वे फिर तुम्हारे दास- दासियां बन गए हैं। इस कारण यहोवा यों कहता है कि तुम ने जो मेरी आज्ञा के अनुसार अपने अपने भाई के स्वतंत्रा होने का प्रचार नहीं किया, सो यहोवा का यह वचन है, सुनो, मैं तुम्हारे इस प्रकार से स्वतंत्रा होने का प्रचार करता हूँ कि तुम तलवार, मरी और महंगी में पड़ोगे; और मैं ऐसा करूंगा कि तुम पृथ्वी के राज्य राज्य में मारे मारे फिरोगे। और जो लोग मेरी वाचा का उल्लंघन करते हैं और जो प्रण उन्हों ने मेरे साम्हने और बछड़े को दो भाग करके उसके दोनों भागों के बीच होकर किया परन्तु उसे पूरा न किया, अर्थात् यहूदा देश और यरूशलेम नगर के हाकिम, खोजे, याजक और साधारण लोग जो बछड़े के भागों के बीच होकर गए थे,
- Jeremiah 26:1–24 यिर्मयाह 26:1–24योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के राजय के आरम्भ में, यहोवा की ओर से यह वचन पहुंचा, यहोवा यों कहता है, यहोवा के भवन के आंगन में खड़ा होकर, यहूदा के सब नगरों के लोगों के साम्हने जो यहोवा के भवन में दण्डवत् करने को आएं, ये वचन जिनके विषय उन से कहने की आज्ञा मैं तुझे देता हूँ कह दे; उन में से कोई वचन मत रख छोड़। सम्भव है कि वे सुनकर अपनी अपनी बुरी चाल से फिरें और मैं उनकी हानि करने से पछताऊं जो उनके बुरे कामों के कारण मैं ने ठाना था। इसलिये तू उन से कह, यहोवा यों कहता है, यदि तुम मेरी सुनकर मेरी व्यवस्था के अनुसार जो मैं ने तुम को सुनवा दी है न चलो, और न मेरे दास भविष्यद्वक्ताओं के वचनों पर कान लगाओगे, (जिन्हें मैं तुम्हारे पास बड़ा यत्न करके भेजता आया हूँ, परन्तु तुम ने उनकी नहीं सुनी), तो मैं इस भवन को शीलो के समान उजाड़ दूंगा, और इस नगर का ऐसा सत्यानाश कर दूंगा कि पृथ्वी की सारी जातियों के लोग उसकी उपमा दे देकर शाप दिया करेंगे। जब यिर्मयाह ये वचन यहोवा के भवन में कह रहा था, तब याजक और भविष्यद्वक्ता और सब साधारण लोग सुन रहे थे। और जब यिर्मयाह सब कुछ जिसे सारी प्रजा से कहने की आज्ञा यहोवा ने दी थी कह चुका, तब याजकों और भविष्यद्वक्ताओं और सब साधारण लोगों ने यह कहकर उसको पकड़ लिया, निश्चय तुझे प्राणदण्ड होगा। तू ने क्यों यहोवा के नाम से यह भविष्यद्वाणी की कि यह भवन शीलो के समान उजाड़ हो जाएगा, और यह नगर ऐसा उजड़ेगा कि उस में कोई न रह जाएगा? इतना कहकर सब साधारण लोगों ने यहोवा के भवन में यिर्मयाह के विरूद्ध भीड़ लगाई। यहूदा के हाकिम ये बातें सुनकर, राजा के भवन से यहोवा के भवन में चढ़ आए और उसके नये फाटक में बैठ गए। तब याजकों और भविष्यद्वक्ताओं ने हाकिमों और सब लोगों से कहा, यह मनुष्य प्राणदण्ड के योग्य है, क्योंकि इस ने इस नगर के विरूद्ध ऐसी भविष्यद्वाणी की है जिसे तुम भी अपने कानों से सुन चुके हो। तब यिर्मयाह ने सब हाकिमों और सब लोगों से कहा, जो वचन तुम ने सुने हैं, उसे यहोवा ही ने मुझे इस भवन और इस नगर के विरूद्ध भविष्यद्वाणी की रीति पर कहने के लिये भेज दिया है। इसलिये अब अपना चालचलन और अपने काम सुधारो, और अपने परमेश्वर यहोवा की बात मानो; तब यहोवा उस विपत्ति के विषय में जिसकी चर्चा उस ने तुम से की है, पछताएगा। देखो, मैं तुम्हारे वश में हूँ; जो कुछ तुम्हारी दृष्टि में भला और ठीक हो वही मेरे साथ करो। पर यह निश्चय जानो, कि, यदि तुम मुझे मार डालोगे, तो अपने को और इस नगर को और इसके निवासियों को निदष के हत्यारे बनाओगे; क्योंकि सचमुच यहोवा ने मुझे तुम्हारे पास ये सब वचन सुनाने के लिये भेजा हे। तब हाकिमों और सब लोगों ने याजकों और नबियों से कहा, यह मनुष्य प्राणदण्ड के योग्य नहीं है क्योंकि उस ने हमारे परमेश्वर यहोवा के नाम से हम से कहा है। और देश के पुरनियों में से कितनों ने उठकर प्रजा की सारी मण्डली से कहा, यहूदा के राजा हिजकिरयाह के दिनों में मोरसेती मीकायाह भविष्यद्वाणी कहता था, उस ने यहूदा के सारे लोगों से कहा, सेनाओं का यहोवा यों कहता है कि सिरयोन जोतकर खेत बनाया जाएगा और यरूशलेम खएडहर हो जाएगा, और भवनवाला पर्वत जंगली स्थान हो जाएगा। क्या यहूदा के राजा हिजकिरयाह ने वा किसी यहूदी ने उसको कहीं मरवा डाला? क्या उस राजा ने यहोवा का भय न माना ओर उस से बिनती न की? और तब यहोवा ने जो विपत्ति उन पर डालने के लिये कहा था, उसके विषय क्या वह न पछताया? ऐसा करके हम अपने प्राणों की बड़ी हानि करेंगे। फिर शमायाह का पुत्रा ऊरिरयाह नाम किर्यत्यारीम का एक पुरूष जो यहोवा के नाम से भविष्यद्वाणी कहता था उस ने भी इस नगर और इस देश के विरूद्ध ठीक ऐसी ही भविष्यद्वाणी की जैसी यिर्मयाह ने अभी की है। और जब यहोयाकीम राजा और उसके सब वीरों और सब हाकिमों ने उसके वचन सुने, तब राजा ने उसे मरवा डालने का यत्न किया; और ऊरिरयाह यह सुनकर डर के मारे मिस्र को भाग गया। तब यहोयाकीम राजा ने मिस्र को लोग भेजे अर्थात् अकबोर के पुत्रा एलनातान को कितने और पुरूषों के साथ मिस्र को भेजा। और वे ऊरिरयाह को मिस्र से निकालकर यहोयाकीम राजा के पास ले आए; और उस ने उसे तलवार से मरवाकर उसकी लोथ को साधारण लोगों की कबरों में फिंकवा दिया। परन्तु शापान का पुत्रा अहीकाम यिर्मयाह की सहायता करने लगा और वह लोगों के वश में वध होने के लिये नहीं दिया गया।
- Jeremiah 25:1–3 यिर्मयाह 25:1–3योशिरयाह के पुत्रा यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य के चौथे वर्ष में जो बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर के राज्य का पहिला वर्ष था, यहोवा का जो वचन यिर्मयाह नबी के पास पहुंचा, और जिसे यिर्मयाह नबी ने सब यहूदियों और यरूशलेम के सब निवासियों से कहा, वह यह हैे आमोन के पुत्रा यहूदा के राजा योशिरयाह के राज्य के तेरहवें वर्ष से लेकर आज के दिन तक अर्थात् तेईस वर्ष से यहोवा का वचन मेरे पास पहुंचता आया हे; और मैं उसे बड़े यत्न के साथ तुम से कहता आया हूँ; परन्तु तुम ने उसे नहीं सुना।
Original words (Hebrew)
- days · H3117יוֹם yôwm
- Jehoiakim · H3079יְהוֹיָקִים Yᵉhôwyâqîym
- son · H1121בֵּן bên
- Josiah · H2977יֹאשִׁיָּה Yôʼshîyâh
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- end · H8552תָּמַם tâmam
- eleventh · H6249עַשְׁתֵּי ʻashtêy
- year · H8141שָׁנֶה shâneh
- Zedekiah · H6667צִדְקִיָּה Tsidqîyâh
- son · H1121בֵּן bên
- Josiah · H2977יֹאשִׁיָּה Yôʼshîyâh
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- away · H1540גָּלָה gâlâh
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- captive · H1540גָּלָה gâlâh
- fifth · H2549חֲמִישִׁי chămîyshîy
- month · H2320חֹדֶשׁ chôdesh