Jeremiah · chapter 25 · verse 38
Jeremiah 25:38 in Hindi
युवा सिंह की नाई वह अपने ठौैर को छोड़कर निकलता है, क्योंकि अंधेर करनेहारी तलवार और उसके भड़के हुए कोप के कारण उनका देश उजाड़ हो गया है।
Yuvaa sinh kee naaee vah apane thauైr ko chhodakar nikalataa hai, kyonki andher karanehaaree talavaar aur usake bhadake hue kop ke kaaran unakaa desh ujaad ho gayaa hai.
Jeremiah 25:38 in English
- King James Version (KJV)
- He hath forsaken his covert, as the lion: for their land is desolate because of the fierceness of the oppressor, and because of his fierce anger.
- World English Bible (WEB)
- He has left his covert, as the lion; for their land has become an astonishment because of the fierceness of the oppression, and because of his fierce anger.
- American Standard Version (ASV)
- He hath left his covert, as the lion; for their land is become an astonishment because of the fierceness of the oppressing [sword], and because of his fierce anger.
- Bible in Basic English (BBE)
- The lion has come out of his secret place, for the land has become a waste because of the cruel sword, and because of the heat of his wrath.
- Darby Translation (DBY)
- He hath forsaken his covert as a young lion; for their land is a desolation because of the fierceness of the oppressor, and because of his fierce anger.
- Webster's Bible (WBS)
- He hath forsaken his covert, as the lion: for their land is desolate because of the fierceness of the oppressor, and because of his fierce anger.
- Young's Literal Translation (YLT)
- He hath forsaken, as a young lion, His covert, Surely their land hath become a desolation, Because of the oppressing fierceness, And because of the fierceness of His anger!
Read in context
- 36चरवाहों की चिल्लाहट और बलवन्त मेढ़ों और बकरों के मिमियाने का शब्द सुनाई पड़ता है! क्योंकि यहोवा उनकी चराई को नाश करेगा,
- 37और यहोवा के क्रोध भड़कने के कारण शान्ति के स्थान नष्ट हो जाएंगे, जिन वासस्थानों में अब शान्ति है, वे नष्ट हो जाएंगे।
- 38युवा सिंह की नाई वह अपने ठौैर को छोड़कर निकलता है, क्योंकि अंधेर करनेहारी तलवार और उसके भड़के हुए कोप के कारण उनका देश उजाड़ हो गया है।
Cross references
- Jeremiah 4:7 यिर्मयाह 4:7एक सिंह अपनी झाड़ी से निकला, जाति जाति का नाश करनेवाला चढ़ाई करके आ रहा है; वह कूच करके अपने स्थान से इसलिये निकला है कि तुम्हारे देश को उजाड़ दे और तुम्हारे नगरों को ऐसा सुनसान कर दे कि उन में कोई बसनेवाला न रहने पाए।
- Jeremiah 5:6 यिर्मयाह 5:6इस कारण वन में से एक सिंह आकर उनहें मार डालेगा, निर्जल देश का एक भेड़िया उनको नाश करेगा। और एक चीता उनके नगरों के पास घात लगाए रहेगा, और जो कोई उन में से निकले वह फाडा जाएगा; क्योंकि उनके अपराध बहुत बढ़ गए हैं और वे मुझ से बहुत ही दूर हट गए हैं।
- Hosea 13:7–8 होशे 13:7–8सो मैं उनके लिये सिंह सा बना हूं; मैं चीते की नाईं उनके मार्ग में घात लगाए रहूंगा। मैं बच्चे छीनी हुई रीछनी के समान बनकर उनको मिलूंगा, और उनके हृदय की झिल्ली को फाडूंगा, और सिंह की नाईं उनको वहीं खा डालूंगा, जैसे बन- पशु उनको फाड़ डाले।।
- Hosea 5:14 होशे 5:14क्योंकि मैं एप्रैम के लिये सिंह, और यहूदा के घराने के लिये जवान सिंह बनूंगा। मैं आप ही उन्हें फाड़कर ले जाऊंगा; जब मैं उठा ले जाऊंगा, तब मेरे पंजे से कोई न छुड़ा सकेगा।
- Amos 8:8 आमोस 8:8क्या इस कारण भूमि न कांपेगी? और क्या उन पर के सब रहनेवाले विलाप न करेंगे? यह देश सब का सब मि की नील नदी के समान होगा, जो बढ़ती है, फिर लहरें मारती, और घट जाती है।।
- Zechariah 2:3 जकर्याह 2:3तब मैं ने क्या देखा, कि जो दूत मुझ से बातें करता था वह चला गया, और दूसरा दूत उस से मिलने के लिये आकर,
- Jeremiah 50:44 यिर्मयाह 50:44सुनो, वह सिंह की नाई आएगा जो यरदन के आस पास के घने जंगल से निकलकर दृढ़ भेड़शाले पर चढ़े, परन्तु मैं उनको उसके साम्हने से झट भगा दूंगा; तब जिसको मैं चुन लूं, उसी को उन पर अधिकारी ठहराऊंगा। देखो, मेरे तुल्य कौन हे? कौन मुझ पर मुक़ मा चलाएगा? वह चरवाहा कहां है जो मेरा साम्हना कर सकेगा?
- Psalm 76:2 भजन संहिता 76:2और उसका मण्डप शालेम में, और उसका धाम सिरयोन में है।
- Hosea 11:10 होशे 11:10वे यहोवा के पीछे पीछे चलेंगे; वह तो सिंह की नाईं गरजेगा; और तेरे लड़के पश्चिम दिशा से थरथराते हुए आएंगे।
- Jeremiah 49:19 यिर्मयाह 49:19देखो, वह सिंह की नाई यरदन के आस पास के घने जंगलों से सदा की चराई पर चढ़ेगा, और मैं उनको उसके साम्हने से झट भगा दूंगा; तब जिसको मैं चुन लूं, उसको उन पर अधिकारी ठहराऊंगा। मेरे तुल्य कौन है? और कौन मुझ पर मुक़ मा चलाएगा? वह चरवाहा कहां है जो मेरा साम्हना कर सकेगा?