Jeremiah · chapter 26 · verse 21
Jeremiah 26:21 in Hindi
और जब यहोयाकीम राजा और उसके सब वीरों और सब हाकिमों ने उसके वचन सुने, तब राजा ने उसे मरवा डालने का यत्न किया; और ऊरिरयाह यह सुनकर डर के मारे मिस्र को भाग गया।
Aur jab yahoyaakeem raajaa aur usake sab veerom aur sab haakimom ne usake vachan sune, tab raajaa ne use maravaa daalane kaa yatn kiyaa; aur oorirayaah yah sunakar dar ke maare misr ko bhaag gayaa.
Jeremiah 26:21 in English
- King James Version (KJV)
- And when Jehoiakim the king, with all his mighty men, and all the princes, heard his words, the king sought to put him to death: but when Urijah heard it, he was afraid, and fled, and went into Egypt;
- World English Bible (WEB)
- When Jehoiakim the king, with all his mighty men and all the princes heard his words, the king sought to put him to death; but when Uriah heard it, he was afraid, and fled, and went into Egypt.
- American Standard Version (ASV)
- And when Jehoiakim the king, with all his mighty men, and all the princes, heard his words, the king sought to put him to death; but when Uriah heard it, he was afraid, and fled, and went into Egypt.
- Bible in Basic English (BBE)
- And when his words came to the ears of Jehoiakim the king and all his men of war and his captains, the king would have put him to death; but Uriah, hearing of it, was full of fear and went in flight into Egypt:
- Darby Translation (DBY)
- and Jehoiakim the king, and all his mighty men, and all the princes, heard his words, and the king sought to put him to death; but Urijah heard it, and he was afraid, and fled, and went into Egypt.
- Webster's Bible (WBS)
- And when Jehoiakim the king, with all his mighty men, and all the princes, heard his words, the king sought to put him to death: but when Urijah heard it, he was afraid, and fled, and went into Egypt;
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the king Jehoiakim, and all his mighty ones, and all the heads, hear his words, and the king seeketh to put him to death, and Urijah heareth, and feareth, and fleeth, and goeth in to Egypt.
Read in context
- 19क्या यहूदा के राजा हिजकिरयाह ने वा किसी यहूदी ने उसको कहीं मरवा डाला? क्या उस राजा ने यहोवा का भय न माना ओर उस से बिनती न की? और तब यहोवा ने जो विपत्ति उन पर डालने के लिये कहा था, उसके विषय क्या वह न पछताया? ऐसा करके हम अपने प्राणों की बड़ी हानि करेंगे।
- 20फिर शमायाह का पुत्रा ऊरिरयाह नाम किर्यत्यारीम का एक पुरूष जो यहोवा के नाम से भविष्यद्वाणी कहता था उस ने भी इस नगर और इस देश के विरूद्ध ठीक ऐसी ही भविष्यद्वाणी की जैसी यिर्मयाह ने अभी की है।
- 21और जब यहोयाकीम राजा और उसके सब वीरों और सब हाकिमों ने उसके वचन सुने, तब राजा ने उसे मरवा डालने का यत्न किया; और ऊरिरयाह यह सुनकर डर के मारे मिस्र को भाग गया।
- 22तब यहोयाकीम राजा ने मिस्र को लोग भेजे अर्थात् अकबोर के पुत्रा एलनातान को कितने और पुरूषों के साथ मिस्र को भेजा।
- 23और वे ऊरिरयाह को मिस्र से निकालकर यहोयाकीम राजा के पास ले आए; और उस ने उसे तलवार से मरवाकर उसकी लोथ को साधारण लोगों की कबरों में फिंकवा दिया।
Cross references
- Matthew 10:23 मत्ती 10:23जब वे तुम्हें एक नगर में सताएं, तो दूसरे को भाग जाना। मैं तुम से सच कहता हूं, तुम इस्राएल के सब नगरों में न फिर चुकोगे कि मनुष्य का पुत्रा आ जाएगा।।
- Matthew 14:5 मत्ती 14:5और वह उसे मार डालना चाहता था, पर लोगों से डरता था, क्योंकि वे उसे भविष्यद्वक्ता जानते थे।
- Jeremiah 36:26 यिर्मयाह 36:26ओर राजा ने राजपुत्रा यरहमेल को और अज्रीएल के पुत्रा सरायाह को और अब्देल के पुत्रा शेलेम्याह को आज्ञा दी कि बारूक लेखक और यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता को पकड़ लें, परन्तु यहोवा ने उनको छिपा रखा।
- 2 Chronicles 16:10 2 इतिहास 16:10तब आसा दश पर क्रोधित हुआ और उसे काठ में ठोंकवा दिया, क्योंकि वहउसकी ऐसी बात के कारण उस पर क्रोधित था। और उसी समय से आसा प्रजा के कुछ लोगों को पीसने भी लगा।
- Mark 6:19 मरकुस 6:19इसलिये हेरोदियास उस से बैर रखती थी और यह चाहती थी, कि उसे मरवा डाले, परन्तु ऐसा न हो सका।
- 1 Kings 19:1–3 1 राजा 19:1–3तब अहाब ने ईज़ेबेल को एलिरयाह के सब काम विस्तार से बताए कि उस ने सब नबियों को तलवार से किस प्रकार मार डाला। तब ईज़ेबेल ने एलिरयाह के पास एक दूत के द्वारा कहला भेजा, कि यदि मैं कल इसी समय तक तेरा प्राण उनका सा न कर डालूं तो देवता मेरे साथ वैसा ही वरन उस से भी अधिक करें। यह देख एलिरयाह अपना प्राण लेकर भागा, और यहूदा के बेश् बा को पहुंचकर अपने सेवक को वहीं छोड़ दिया।
- Psalm 119:109 भजन संहिता 119:109मेरा प्राण निरन्तर मेरी हथेली पर रहता है, तौभी मैं तेरी व्यवस्था को भूल नहीं गया।
- Matthew 16:25–26 मत्ती 16:25–26क्योंकि जो कोई अपना प्राण बचाना चाहे, वह उसे खोएगा; और जो कोई मेरे लिये अपना प्राण खोएगा, वह उसे पाएगा। यदि मनुष्य सारे जगत को प्राप्त करे, और अपने प्राण की हाति उठाए, तो उसे क्या लाभ होगा? या मनुष्य अपने प्राण के बदले में क्या देगा?
- Proverbs 29:25 नीतिवचन 29:25मनुष्य का भय खाना फन्दा हो जाता है, परन्तु जो यहोवा पर भरोसा रखता है वह ऊंचे स्थान पर चढ़ाया जाता है।
- Matthew 10:28 मत्ती 10:28जो शरीर को घात करते हैं, पर आत्मा को घात नहीं कर सकते, उन से मत डरना; पर उसी से डरो, जो आत्मा और शरीर दोनों को नरक में नाश कर सकता है।
- Matthew 10:39 मत्ती 10:39जो अपने प्राण बचाता है, वह उसे खोएगा; और जो मेरे कारण अपना प्राण खोता है, वह उसे पाएगा।
Original words (Hebrew)
- Jehoiakim · H3079יְהוֹיָקִים Yᵉhôwyâqîym
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- men · H1368גִּבּוֹר gibbôwr
- princes · H8269שַׂר sar
- heard · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- words · H1697דָּבָר dâbâr
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- sought · H1245בָּקַשׁ bâqash
- death · H4191מוּת mûwth
- Urijah · H223אוּרִיָּה ʼÛwrîyâh
- heard · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- afraid · H3372יָרֵא yârêʼ
- fled · H1272בָּרַח bârach
- went · H935בּוֹא bôwʼ
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim