Jeremiah · chapter 36 · verse 26
Jeremiah 36:26 in Hindi
ओर राजा ने राजपुत्रा यरहमेल को और अज्रीएल के पुत्रा सरायाह को और अब्देल के पुत्रा शेलेम्याह को आज्ञा दी कि बारूक लेखक और यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता को पकड़ लें, परन्तु यहोवा ने उनको छिपा रखा।
Or raajaa ne raajaputraa yarahamel ko aur ajreeel ke putraa saraayaah ko aur abdel ke putraa shelemyaah ko aajnyaa dee ki baarook lekhak aur yirmayaah bhavishyadvaktaa ko pakad lem, parantu yahovaa ne unako chhipaa rakhaa.
Jeremiah 36:26 in English
- King James Version (KJV)
- But the king commanded Jerahmeel the son of Hammelech, and Seraiah the son of Azriel, and Shelemiah the son of Abdeel, to take Baruch the scribe and Jeremiah the prophet: but the LORD hid them.
- World English Bible (WEB)
- The king commanded Jerahmeel the king’s son, and Seraiah the son of Azriel, and Shelemiah the son of Abdeel, to arrest Baruch the scribe and Jeremiah the prophet; but the LORD hid them.
- American Standard Version (ASV)
- And the king commanded Jerahmeel the king’s son, and Seraiah the son of Azriel, and Shelemiah the son of Abdeel, to take Baruch the scribe and Jeremiah the prophet; but Jehovah hid them.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the king gave orders to Jerahmeel, the king's son, and Seraiah, the son of Azriel, and Shelemiah, the son of Abdeel, to take Baruch the scribe and Jeremiah the prophet: but the Lord kept them safe.
- Darby Translation (DBY)
- And the king commanded Jerahmeel the son of Hammelech, and Seraiah the son of Azriel, and Shelemiah the son of Abdeel, to take Baruch the scribe and Jeremiah the prophet; but Jehovah hid them.
- Webster's Bible (WBS)
- But the king commanded Jerahmeel the son of Hammelech, and Seraiah the son of Azriel, and Shelemiah the son of Abdeel, to take Baruch the scribe and Jeremiah the prophet: but the LORD hid them.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the king commandeth Jerahmeel son of Hammelek, and Seraiah son of Azriel, and Shelemiah son of Abdeel, to take Baruch the scribe, and Jeremiah the prophet, and Jehovah doth hide them.
Read in context
- 24परन्तु न कोई डरा और न किसी ने अपने कपड़े फाड़े, अर्थात् न तो राजा ने और न उसके कम्रचारियों में से किसी ने ऐसा किया, जिन्हों ने वे सब वचन सुने थे।
- 25एलनातान, और दलायाह, और गमर्याह ने तो राजा से बिनती भी की थी कि पुस्तक को न जलाए, परन्तु उस ने उनकी एक न सुनी।
- 26ओर राजा ने राजपुत्रा यरहमेल को और अज्रीएल के पुत्रा सरायाह को और अब्देल के पुत्रा शेलेम्याह को आज्ञा दी कि बारूक लेखक और यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता को पकड़ लें, परन्तु यहोवा ने उनको छिपा रखा।
- 27जब राजा ने उन वचनों की पुस्तक को जो बारूक ने यिर्मयाह के मुख से सुन सुनकर लिखी थी, जला दिया, तब यहोवा का यह वचन यिर्मयाह के पास पहुंचा कि
- 28फिर एक और पुस्तक लेकर उस में यहूदा के राजा यहोयाकीम की जलाई हई पहिली पुस्तक के सब वचन लिख दे।
Cross references
- 1 Kings 19:14 1 राजा 19:14उस ने कहा, मुझे सेनाऔं के परमेश्वर यहोवा के निमित्त बड़ी जलन हुई, क्योंकि इस्राएलियों ने तेरी वाचा टाल दी, और तेरी वेदियों को गिरा दिया है और तेरे नबियों को तलवार से घात किया है; और मैं ही अकेला रह गया हूँ; और वे मेरे प्राणों के भी खोजी हैं।
- Psalm 91:1 भजन संहिता 91:1जो परमप्रधान के छाए हुए स्थान में बैठा रहे, वह सर्वशक्तिमान की छाया में ठिकाना पाएगा।
- 1 Kings 19:10 1 राजा 19:10उन ने उत्तर दिया सेनाओं के परमेश्वर यहोवा के निमित्त मुझे बड़ी जलन हुई है, क्योकि इस्राएलियों ने तेरी वाचा आल दी, तेरी बेदियों को गिरा दिया, और तेरे नबियों को तलवार से घात किया है, और मैं ही अकेला रह गया हूँ; और वे मेरे प्राणों के भी खोजी हैं।
- 1 Kings 19:1–3 1 राजा 19:1–3तब अहाब ने ईज़ेबेल को एलिरयाह के सब काम विस्तार से बताए कि उस ने सब नबियों को तलवार से किस प्रकार मार डाला। तब ईज़ेबेल ने एलिरयाह के पास एक दूत के द्वारा कहला भेजा, कि यदि मैं कल इसी समय तक तेरा प्राण उनका सा न कर डालूं तो देवता मेरे साथ वैसा ही वरन उस से भी अधिक करें। यह देख एलिरयाह अपना प्राण लेकर भागा, और यहूदा के बेश् बा को पहुंचकर अपने सेवक को वहीं छोड़ दिया।
- 1 Kings 17:3 1 राजा 17:3कि यहां से चलकर पूरब ओर मुख करके करीत नाम नाले पें जो यरदन के साम्हने है छिप जा।
- Acts 12:11 प्रेरितों के काम 12:11तब पतरस ने सचेत होकर कहा; अब मैं ने सच जान लिया कि प्रभु ने अपना स्वर्गदूत भेजकर मुझे हेरोदेस के हाथ से छुड़ा लिया, और यहूदियों की सारी आशा तोड़ दी।
- Psalm 27:5 भजन संहिता 27:5क्योंकि वह तो मुझे विपत्ति के दिन में अपने मण्डप में छिपा रखेगा; अपने तम्बू के गुप्तस्थान में वह मुझे छिपा लेगा, और चट्टान पर चढ़ाएगा।
- Psalm 64:2 भजन संहिता 64:2कुकर्मियों की गोष्ठी से, और अनर्थकारियों के हुल्लड़ से मेरी आड़ हो।
- Isaiah 26:20 यशायाह 26:20हे मेरे लोगों, आओ, अपनी अपनी कोठरी में प्रवेश करके किवाड़ों को बन्द करो; थोड़ी देर तक जब तक क्रोध शान्त न हो तब तक अपने को छिपा रखो।
- Jeremiah 15:20–21 यिर्मयाह 15:20–21और मैं तुझ को उन लोगों के साम्हने पीतल की दृढ़ शहरपनाह बनाऊंगा; वे तुझ से लड़ेंगे, परन्तु तुझ पर प्रबल न होंगे, क्योंकि मैं तुझे बचाने और तेरा उठ्ठार करने के लिये तेरे साथ हूँ, यहोवा की यह वाणी है। मैं तुझे दुष्ट लोगों के हाथ से बचाऊंगा, और उपद्रवी लोगों के पंजे से छुड़ा लूंगा।
- Psalm 57:1 भजन संहिता 57:1हे परमेश्वर, मुझ पर अनुग्रह कर, मुझ पर अनुग्रह कर, क्योंकि मैं तेरा शरणागत हूं; और जब तक ये आपत्तियां निकल न जाएं, तब तक मैं तेरे पंखों के तले शरण लिए रहूंगा।
- Jeremiah 36:5 यिर्मयाह 36:5फिर यिर्मयाह ने बारूक को आज्ञा दी और कहा, मैं तो बन्धा हुआ हूँ, मैं यहोवा के भवन में नहीं जा सकता।
Original words (Hebrew)
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- commanded · H6680צָוָה tsâvâh
- Jerahmeel · H3396יְרַחְמְאֵל Yᵉrachmᵉʼêl
- son · H1121בֵּן bên
- Hammelech · H4429מֶלֶךְ Melek
- Seraiah · H8304שְׂרָיָה Sᵉrâyâh
- son · H1121בֵּן bên
- Azriel · H5837עַזְרִיאֵל ʻAzrîyʼêl
- Shelemiah · H8018שֶׁלֶמְיָה Shelemyâh
- son · H1121בֵּן bên
- Abdeel · H5655עַבְדְּאֵל ʻAbdᵉʼêl
- take · H3947לָקַח lâqach
- Baruch · H1263בָּרוּךְ Bârûwk
- scribe · H5608סָפַר çâphar
- Jeremiah · H3414יִרְמְיָה Yirmᵉyâh
- prophet · H5030נָבִיא nâbîyʼ
- hid · H5641סָתַר çâthar