Jeremiah · chapter 29 · verse 25
Jeremiah 29:25 in Hindi
इसलिये कि तू ने यरूशलेम के सब रहनेवालों और सब याजकों को और यासेयाह के पुत्रा सपन्याह याजक को अपने ही नाम की इस आशय की पत्री भेजी,
Isaliye ki too ne yarooshalem ke sab rahanevaalom aur sab yaajakom ko aur yaaseyaah ke putraa sapanyaah yaajak ko apane hee naam kee is aashay kee patree bhejee,
Jeremiah 29:25 in English
- King James Version (KJV)
- Thus speaketh the LORD of hosts, the God of Israel, saying, Because thou hast sent letters in thy name unto all the people that [are] at Jerusalem, and to Zephaniah the son of Maaseiah the priest, and to all the priests, saying,
- World English Bible (WEB)
- “The LORD of Armies, the God of Israel, says, ‘Because you have sent letters in your own name to all the people who are at Jerusalem, and to Zephaniah the son of Maaseiah, the priest, and to all the priests, saying,
- American Standard Version (ASV)
- Thus speaketh Jehovah of hosts, the God of Israel, saying, Because thou hast sent letters in thine own name unto all the people that are at Jerusalem, and to Zephaniah the son of Maaseiah, the priest, and to all the priests, saying,
- Bible in Basic English (BBE)
- Shemaiah the Nehelamite sent a letter in his name to Zephaniah, the son of Maaseiah the priest, saying,
- Darby Translation (DBY)
- Thus speaketh Jehovah of hosts, the God of Israel, saying, Because thou hast sent letters in thy name unto all the people that are at Jerusalem, and to Zephaniah the son of Maaseiah the priest, and to all the priests, saying,
- Webster's Bible (WBS)
- Thus speaketh the LORD of hosts, the God of Israel, saying, Because thou hast sent letters in thy name to all the people that [are] at Jerusalem, and to Zephaniah the son of Maaseiah the priest, and to all the priests, saying,
- Young's Literal Translation (YLT)
- Thus said Jehovah of Hosts, God of Israel, saying, Because that thou hast sent in thy name letters unto all the people who [are] in Jerusalem, and unto Zephaniah son of Maaseiah the priest, and unto all the priests, saying,
Read in context
- 23क्योंकि उन्हों ने इस्राएलियों में मूढ़ता के काम किए, अर्थात् अपने पड़ोसियों की स्त्रियों के साथ व्यभिचार किया, और बिना मेरी आज्ञा पाए मेरे नाम से झूठे वचन कहे। इसका जाननेवाला और गवाह मैं आप ही हूं, यहोवा की यही वाणी है।
- 24और नेहेलामी शमायाह से तू यह कह, कि, इस्राएल के परमेश्वर यहोवा ने यों कहा है,
- 25इसलिये कि तू ने यरूशलेम के सब रहनेवालों और सब याजकों को और यासेयाह के पुत्रा सपन्याह याजक को अपने ही नाम की इस आशय की पत्री भेजी,
- 26कि, यहावा ने यहोयादा याजक के स्थान पर तुझे याजक ठहरा दिया ताकि तू यहोवा के भवन में रखवाल होकर जितने वहां पागलपन करते और भविष्यद्वक्ता बन बैठे हैं उन्हें काठ में ठोंके और उनके गले में लोहे के पट्टे डाले।
- 27सो यिर्मयाह अनातोती जो तुम्हारा भविष्यद्वक्ता बन बैठा है, उसको तू ने क्यों नहीं घुड़का?
Cross references
- Jeremiah 37:3 यिर्मयाह 37:3सिदकिरयाह राजा ने शेलेम्याह के पुत्रा यहूकल ओर मासेयाह के पुत्रा समन्याह याजक को यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता के पास यह कहला भेजा, कि, हमारे निमित्त हमारे परमेश्वर यहोवा से प्रार्थना कर।
- Jeremiah 29:29 यिर्मयाह 29:29यह पत्री सपन्याह याजक ने यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता को पढ़ सुनाई।
- Jeremiah 52:24 यिर्मयाह 52:24और जल्लादों के प्रधान ने सरायाह महायाजक और उसके नीचे के सपन्याह याजक, और तीनों डेवढ़ीदारों को पकड़ लिया;
- 1 Kings 21:8–13 1 राजा 21:8–13तब उस ने अहाब के नाम से चिट्ठी लिखकर उसकी अंगूठी की छाप लगाकर, उन पुरनियों और रईसों के पास भेज दी जो उसी नगर में नाबोत के पड़ोस में रहते थे। उस चिट्ठी में उस ने यों लिखा, कि उपवास का प्रचार करो, और नाबोत को लोगों के साम्हने ऊंचे स्थान पर बैठाना। तब दो नीच जनों को उसके साम्हने बैठाना जो साक्षी देकर उस से कहें, तू ने परमेश्वर और राजा दोनों की निन्दा की। नब नुम लोग उसे बाहर ले जाकर उसको पत्थरवाह करना, कि वह मर जाए। ईज़ेबेल की चिट्ठी में की आज्ञा के अनुसार नगर में रहनेवाले पुरनियों और रईसों ने उपवास का प्रचार किया, और नाबोत को लोगों के साम्हने ऊंचे स्थान पर बैठाया। तब दो नीच जन आकर उसके सम्मुख बैठ गए; और उन नीच जनों ने लोगों लोगों के साम्हने नाबोत के विम्ठ्ठ यह साक्षी दी, कि नाबोत ने परमेश्वर और राजा दोनों की निन्दा की। इस पर उन्हों ने उसे नगर से बाहर ले जाकर उसको पत्थरवाह किया, और वह मर गया।
- Ezra 4:7–16 एज्रा 4:7–16फिर अर्तश्रत्रा के दिनों में बिशलाम, मिथदात और ताबेल ने और उसके सहचरियों ने फारस के राजा अर्तश्रत्रा को चिट्ठी लिखी, और चिट्ठी अरामी अश्ररों और अरामी भाषा में लिखी गई। अर्थात् रहूम राजमंत्री और शिलशै मंत्री ने यरूशलेम के विरूद्ध राजा अर्तश्रत्रा को इस आशय की चिट्ठी लिखी। उस समय रहूम राजमंत्री और शिमशै मंत्री और उनके और सहचरियों ने, अर्थात् दीनी, अपर्सतकी, तर्पली, अफ़ारसी, एरेकी, बाबेली, शूशनी, देहवी, एलामी, आदि जातियों ने जिन्हें महान और प्रधान ओस्नप्पर ने पार ले आकर शोमरोन नगर में और महानद के इस पार के शेष देश में बसाया था, एक चिट्ठी लिखी। जो चिट्ठी उन्हों ने अर्तश्रत्रा राजा को लिखी, उसकी यह नकल है--- तेरे दास जो महानद के पार के मनुष्य हैं, इत्यादि। राजा को यह विदित हो, कि जो यहूदी तेरे पास से चले आए, वे हमारे पास यरूशलेम को पहुंचे हैं। वे उस दंगैत और घिनौने नगर को बसा रहे हैं; वरन उसकी शहरपनाह को खड़ा कर चुके हैं और उसकी नेव को जोड़ चुके हैं। अब राजा को विदित हो कि यदि वह नगर बस गया और उसकी शहरपनाह बन चुकी, तब तो वे लोग कर, चुंगी और राहदारी फिर न देंगे, और अन्त में राजाओं की हानि होगी। हम लोग तो राजमन्दिर का नमक खाते हैं और उचित नहीं कि राजा का अनादर हमारे देखते हो, इस कारण हम यह चिट्ठी भेजकर राजा को चिता देते हैं। तेरे पुरखाओं के इतिहास की पुस्तक में खोज की जाए; तब इतिहास की पुस्तक में तू यह पाकर जान लेगा कि वह नगर बलवा करनेवाला और राजाओं और प्रान्तों की हानि करनेवाला है, और प्राचीन काल से उस में बलवा मचता आया है। और इसी कारण वह नगर नष्ट भी किया गया था। हम राजा को निश्चय करा देते हैं कि यदि वह नगर बसाया जाए और उसकी शहरपनाह बन चुके, तब इसके कारण महानद के इस पार तेरा कोई भाग न रह जाएगा।
- Nehemiah 6:19 नहेमायाह 6:19और वे मेरे सुनते उसके भले कामों की चर्चा किया करते, और मेरी बातें भी उसको सुनाया करते थे। और तोबियाह मुझे डराने के लिये चिटि्ठयां भेजा करता था।
- Nehemiah 6:5 नहेमायाह 6:5तब पांचवी बार सम्बल्लत ने अपने सेवक को खुली हुई चिट्ठी देकर मेरे पास भेजा,
- 2 Chronicles 32:17 2 इतिहास 32:17फिर उस ने ऐसा एक पत्रा भेजा, जिस में इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की निन्दा की ये बातें लिखी थीं, कि जैसे देश देश की जातियों के देवताओं ने अपनी अपनी प्रजा को मेरे हाथ से नहीं बचाया वैसे ही हिजकिरयाह का देवता भी अपनी प्रजा को मेरे हाथ से नहीं बचा सकेगा।
- 2 Kings 10:1–7 2 राजा 10:1–7अहाब के तो सत्तर बेटे, पोते, शोमरोन में रहते थे। सो येहू ने शोमरोन में उन पुरनियों के पास, और जो यिज्रैल के हाकिम थे, और जो अहाब के लड़के-बालों के पालने वाले थे, उनके पास पत्र लिख कर भेजे, कि तुम्हारे स्वामी के बेटे, पोते तो तुम्हारे पास रहते हैं, और तुम्हारे रथ, और घोड़े भी हैं, और तुम्हारे एक गढ़वाला नगर, और हथियार भी हैं; तो इस पत्र के हाथ लगते ही, अपने स्वामी के बेटों में से जो सब से अच्छा और योग्य हो, उसको छांट कर, उसके पिता की गद्दी पर बैठाओ, और अपने स्वामी के घराने के लिये लड़ो। परंतु वे निपट डर गए, और कहने लगे, उसके साम्हने दो राजा भी ठहर न सके, फिर हम कहां ठहर सकेंगे? तब जो राज घराने के काम पर था, और जो नगर के ऊपर था, उन्होंने और पुरनियों और लड़के-बालों के पालने वालों ने येहू के पास यों कहला भेजा, कि हम तेरे दास हैं, जो कुछ तू हम से कहे, उसे हम करेंगे; हम किसी को राजा न बनाएंगे, जो तुझे भाए वहीं कर। तब उसने दूसरा पत्र लिख कर उनके पास भेजा, कि यदि तुम मेरी ओर के हो और मेरी मानो, तो अपने स्वामी के बेटों-पोतों के सिर कटवाकर कल इसी समय तक मेरे पास यिज्रैल में हाजिर होना। राजपुत्र तो जो सत्तर मतुष्य थे, वे उस नगर के रईसों के पास पलते थे। यह पत्र उनके हाथ लगते ही, उन्होंने उन सत्तरों राजपुत्रों को पकड़ कर मार डाला, और उनके सिर टोकरियों में रख कर यिज्रैल को उसके पास भेज दिए।
- Jeremiah 21:1–2 यिर्मयाह 21:1–2यह वचन यहोवा की ओर से यिर्मयाह के पास उस समय पहुंचा जब सिदकिरयाह राजा ने उसके पास मल्किरयाह के पुत्रा पशहूर और मासेयाह याजक के पुत्रा सपन्याह के हाथ से यह कहला भेजा कि, हमारे लिये यहोवा से पूछ, क्योंकि बाबुल का राजा नबूकदनेस्सर हमारे विरूद्ध युठ्ठ कर रहा है; कदाचित यहोवा हम से अपने सब आश्चर्यकम के अनुसार ऐसा व्यवहार करे कि वह हमारे पास से उठ जाए।
- 2 Kings 19:9 2 राजा 19:9और जब उस ने कूश के राजा तिर्हाका के विष्य यह सुना, कि वह मुझ से लड़ने को निकला है, तब उस ने हिजकिरयाह के पास दूतों को यह कह कर भेजा,
- 2 Kings 25:18–21 2 राजा 25:18–21और जल्लादों के प्रधान ने सरायाह महायाजक और उसके नीचे के याजक सपन्याह और तीनों द्वारपालों को पकड़ लिया। और नगर में से उस ने एक हाकिम को पकड़ा जो योद्वाओं के ऊपर था, और जो पुरूष राजा के सम्मुख रहा करते थे, उन में से पांच जन जो नगर में मिले, और सेनापति का मुन्शी जो लोगों को सेना में भरती किया करता था; और लोगों में से साठ पुरूष जो नगर में मिले। इनको जल्लादों का प्रधान नबूजरदान पकड़कर रिबला के राजा के पास ले गया। तब बाबेल के राजा ने उन्हें हमात देश के रिबला में ऐसा मारा कि वे मर गए। यों यहूदी बन्धुआ बनके अपने देश से तिकाल दिए गए।
Original words (Hebrew)
- speaketh · H559אָמַר ʼâmar
- hosts · H6635צָבָא tsâbâʼ
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- saying · H559אָמַר ʼâmar
- sent · H7971שָׁלַח shâlach
- letters · H5612סֵפֶר çêpher
- name · H8034שֵׁם shêm
- people · H5971עַם ʻam
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- Zephaniah · H6846צְפַנְיָה Tsᵉphanyâh
- son · H1121בֵּן bên
- Maaseiah · H4641מַעֲשֵׂיָה Maʻăsêyâh
- priest · H3548כֹּהֵן kôhên
- priests · H3548כֹּהֵן kôhên
- saying · H559אָמַר ʼâmar