Jeremiah · chapter 3 · verse 13
Jeremiah 3:13 in Hindi
केवल अपना यह अधर्म मान ले कि तू अपने परमेश्वर यहोवा से फिर गई और सब हरे पेड़ों के तले इधर उधर दूसरों के पास गई, और मेरी बातों को नहीं माना, यहोवा की यह वाणी है।
Keval apanaa yah adharm maan le ki too apane parameshvar yahovaa se phir gaee aur sab hare pedom ke tale idhar udhar doosarom ke paas gaee, aur meree baatom ko naheem maanaa, yahovaa kee yah vaanee hai.
Jeremiah 3:13 in English
- King James Version (KJV)
- Only acknowledge thine iniquity, that thou hast transgressed against the LORD thy God, and hast scattered thy ways to the strangers under every green tree, and ye have not obeyed my voice, saith the LORD.
- World English Bible (WEB)
- Only acknowledge your iniquity, that you have transgressed against the LORD your God, and have scattered your ways to the strangers under every green tree, and you have not obeyed my voice,’” says the LORD.
- American Standard Version (ASV)
- Only acknowledge thine iniquity, that thou hast transgressed against Jehovah thy God, and hast scattered thy ways to the strangers under every green tree, and ye have not obeyed my voice, saith Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- Only be conscious of your sin, the evil you have done against the Lord your God; you have gone with strange men under every branching tree, giving no attention to my voice, says the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- Only acknowledge thine iniquity, that thou hast transgressed against Jehovah thy God, and hast turned thy ways hither and thither to the strangers under every green tree; and ye have not hearkened to my voice, saith Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- Only acknowledge thy iniquity, that thou hast transgressed against the LORD thy God, and hast scattered thy ways to the strangers under every green tree, and ye have not obeyed my voice, saith the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Only, know thine iniquity, For against Jehovah thy God thou hast transgressed, And thou dost scatter thy ways to strangers, Under every green tree, And to My voice thou hast not hearkened, An affirmation of Jehovah.
Read in context
- 11और यहोवा ने मुझ से कहा, भटकनेवाली इस्राएल, विश्वासघातिन यहूदा से कम दोषी निकली है।
- 12तू जाकर उत्तर दिशा में ये बातें प्रचार कर, यहोवा की यह वाणी है, हे भटकनेवाली इस्राएल लौट आ, मैं तुझ पर क्रोध की दृष्टि न करूंगा; क्योंकि यहोवा की यह वाणी है, मैं करूणामय हूँ; मैं सर्वदा क्रोध न रखे रहूंगा।
- 13केवल अपना यह अधर्म मान ले कि तू अपने परमेश्वर यहोवा से फिर गई और सब हरे पेड़ों के तले इधर उधर दूसरों के पास गई, और मेरी बातों को नहीं माना, यहोवा की यह वाणी है।
- 14हे भटकनेवाले लड़को लौट आओ, क्योंकि मैं तुम्हरा स्वामी हूँ; यहोवा की यह वाणी है। तुम्हारे प्रत्येक नगर पीछे एक, और प्रत्येक कुल पीछे दो को लेकर मैं सिरयोन में पहुंचा दूंगा।
- 15और मैं तुम्हें अपने मन के अनुकूल चरवाहे दूंगा, जो ज्ञान और बुध्दि से तुम्हें चराएंगे।
Cross references
- Deuteronomy 12:2 व्यवस्थाविवरण 12:2जिन जातियों के तुम अधिकारी होगे उनके लोग ऊंचे ऊंचे पहाड़ों वा टीलों पर, वा किसी भांति के हरे वृक्ष के तले, जितने स्थानों में अपने देवताओं की उपासना करते हैं, उन सभों को तुम पूरी रीति से नष्ट कर डालना;
- Jeremiah 2:25 यिर्मयाह 2:25अपने पांव नंगे और गला सुखाए न रह। परन्तु तू ने कहा, नहीं, ऐसा नहीं हो सकता, क्योंकि मेरा प्रेम दूसरों से लग गया है और मैं उनके पीछे चलती रहूंगी।
- Jeremiah 3:25 यिर्मयाह 3:25हम लज्जित होकर लेट जाएं, और हमारा संकोच हमारी ओढ़नी बन जाए; क्योंकि हमारे पुरखा और हम भी युवा अवस्था से लेकर आज के दिन तक अपने परमेश्वर यहोवा के विरूद्ध पाप करते आए हैं; और हम ने अपने परमेश्वर यहोवा की बातों को नहीं माना है।
- Jeremiah 3:6 यिर्मयाह 3:6फिर योशिरयाह राजा के दिनों में यहोवा ने मुझ से यह भी कहा, क्या तू ने देखा कि भटकनेवाली इस्राएल ने क्या किया है? उस ने सब ऊंचे पहाड़ों पर और सब हरे पेड़ों के तले जा जाकर व्यभिचार किया है।
- Deuteronomy 30:1–3 व्यवस्थाविवरण 30:1–3फिर जब आशीष और शाप की ये सब बातें जो मैं ने तुझ को कह सुनाई हैं तुझ पर घटें, और तू उन सब जातियों के मध्य में रहकर, जहां तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ को बरबस पहुंचाएगा, इन बातों को स्मरण करे, और अपनी सन्तान सहित अपने सारे मन और सारे प्राण से अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फिरकर उसके पास लौट आए, और इन सब आज्ञाओं के अनुसार जो मैं आज तुझे सुनाता हूं उसकी बातें माने; तब तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ को बन्धुआई से लौटा ले आएगा, और तुझ पर दया करके उन सब देशों के लोगों में से जिनके मध्य में वह तुझ को तित्तर बित्तर कर देगा फिर इकट्ठा करेगा।
- Luke 15:18–21 लूका 15:18–21मैं अब उठकर अपने पिता के पास जाऊंगा और उस से कहूंगा कि पिता जी मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है। अब इस योग्य नहीं रहा कि तेरा पुत्र कहलाऊं, मुझे अपने एक मजदूर की नाईं रख ले। तब वह उठकर, अपने पिता के पास चला: वह अभी दूर ही था, कि उसके पिता ने उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा। पुत्र ने उस से कहा; पिता जी, मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है; और अब इस योग्य नहीं रहा, कि तेरा पुत्र कहलाऊं।
- Jeremiah 3:2 यिर्मयाह 3:2मुण्डे टीलों की ओर आंखें उठाकर देख! ऐसा कौन सा स्थान है जहां तू ने कुकर्म न किया हो? माग में तू ऐसी बैठी जैसे एक अरबी जंगल में। तू ने देश को अपने व्यभिचार से अशुठ्ठ कर दिया है।
- Jeremiah 14:20 यिर्मयाह 14:20हे यहोवा, हम अपनी दुष्टता और अपने पुरख़ाओं के अधर्म को भी मान लेते हैं, क्योंकि हम ने तेरे विरूद्ध पाप किया है।
- Jeremiah 2:20 यिर्मयाह 2:20क्योंकि बहुत समय पहिले मैं ने तेरा जूआ तोड़ डाला और तेरे बन्धन खोल दिए; परन्तु तू ने कहा, मैं सेवा न करूंगी। और सब ऊंचे-ऊंचे टीलों पर और सब हरे पेड़ों के नीचे तू व्यभिचारिण का सा काम करती रही।
- 1 John 1:8–10 1 यूहन्ना 1:8–10यदि हम कहें, कि हम में कुछ भी पाप नहीं, तो अपने आप को धोखा देते हैं: और हम में सत्य नहीं। यदि हम अपने पापों को मान लें, तो वह हमारे पापों को क्षमा करने, और हमें सब अधर्म से शुद्ध करने में विश्वासयोग्य और धर्मी है। यदि कहें कि हम ने पाप नहीं किया, तो उसे झूठा ठहराते हैं, और उसका वचन हम में नहीं है।।
- Ezekiel 16:15 यहेजकेल 16:15परन्तु तू अपनी सुन्दरता पर भरोसा करके अपनी नामवरी के कारण व्यभिचार करने लगी, और सब यात्रियों के संग बहुत कुकर्म किया, और जो कोई तुझे चाहता था तू उसी से मिलती थी।
- Job 33:27–28 अय्यूब 33:27–28वह मनुष्यों के साम्हने गाने ओर कहने लगता है, कि मैं ने पाप किया, और सच्चाई को उलट पुलट कर दिया, परन्तु उसका बदला मुझे दिया नहीं गया। उस ने मेरे प्राण क़ब्र में पड़ने से बचाया है, मेरा जीवन उजियाले को देखेगा।
Original words (Hebrew)
- acknowledge · H3045יָדַע yâdaʻ
- iniquity · H5771עָוֺן ʻâvôn
- transgressed · H6586פָּשַׁע pâshaʻ
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- scattered · H6340פָּזַר pâzar
- ways · H1870דֶּרֶךְ derek
- strangers · H2114זוּר zûwr
- green · H7488רַעֲנָן raʻănân
- tree · H6086עֵץ ʻêts
- obeyed · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- voice · H6963קוֹל qôwl
- saith · H5002נְאֻם nᵉʼum