Jeremiah · chapter 31 · verse 19
Jeremiah 31:19 in Hindi
भटक जाने के बाद मैं पछताया: और सिखाए जाने के बाद मैं ने छाती पीटी: पुराने पापों को स्मरण कर मैं लज्जित हुआ और मेरा मुंह काला हो गया।
Bhatak jaane ke baad maim pachhataayaa: aur sikhaae jaane ke baad maim ne chhaatee peetee: puraane paapom ko smaran kar maim lajjit huaa aur meraa munh kaalaa ho gayaa.
Jeremiah 31:19 in English
- King James Version (KJV)
- Surely after that I was turned, I repented; and after that I was instructed, I smote upon [my] thigh: I was ashamed, yea, even confounded, because I did bear the reproach of my youth.
- World English Bible (WEB)
- Surely after that I was turned. I repented. After that I was instructed. I struck my thigh. I was ashamed, yes, even confounded, because I bore the reproach of my youth.’
- American Standard Version (ASV)
- Surely after that I was turned, I repented; and after that I was instructed, I smote upon my thigh: I was ashamed, yea, even confounded, because I did bear the reproach of my youth.
- Bible in Basic English (BBE)
- Truly, after I had been turned, I had regret for my ways; and after I had got knowledge, I made signs of sorrow: I was put to shame, truly, I was covered with shame, because I had to undergo the shame of my early years.
- Darby Translation (DBY)
- Surely after that I was turned, I repented; and after I knew myself, I smote upon [my] thigh. I was ashamed, yea, even confounded, for I bear the reproach of my youth.
- Webster's Bible (WBS)
- Surely after I was turned, I repented; and after I was instructed, I smote upon [my] thigh: I was ashamed, and even confounded, because I bore the reproach of my youth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For after my turning back I repented, And after my being instructed I struck on the thigh, I have been ashamed, I have also blushed, For I have borne the reproach of my youth.
Read in context
- 17अन्त में तेरी आशा पूरी होगी, यहोवा की यह वाणी है, तेरे वंश के लोग अपने देश में लौट आएंगे।
- 18निश्चय मैं ने एप्रैम को ये बातें कह कर विलाप करते सुना है कि तू ने मेरी ताड़ना की, और मेरी ताड़ना ऐसे बछड़े की सी हुई जो निकाला न गया हो; परन्तु अब तू मुझे फेर, तब मैं फिरूंगा, क्योंकि तू मेरा परमेश्वर है।
- 19भटक जाने के बाद मैं पछताया: और सिखाए जाने के बाद मैं ने छाती पीटी: पुराने पापों को स्मरण कर मैं लज्जित हुआ और मेरा मुंह काला हो गया।
- 20क्या एप्रैम मेरा प्रिय पुत्र नहीं है? क्या वह मेरा दुलारा लड़का नहीं है? जब जब मैं उसके विरुद्ध बातें करता हूं, तब तब मुझे उसका स्मरण हो आता है। इसलिये मेरा मन उसके कारण भर आता है; और मैं निश्चय उस पर दया करूंगा, यहोवा की यही वाणी है।
- 21हे इस्राएली कुमारी, जिस राजमार्ग से तू गई थी, उसी में खम्भे और झण्डे खड़े कर; और अपने इन नगरों में लौट आने पर मन लगा।
Cross references
- Ezekiel 36:31 यहेजकेल 36:31तब तुम अपने बुरे चालचलन और अपने कामों को जो अच्छे नहीं थे, स्मरण करके अपने अधर्म और घिनौने कामों के कारण अपने आप से घृणा करोगे।
- Jeremiah 3:25 यिर्मयाह 3:25हम लज्जित होकर लेट जाएं, और हमारा संकोच हमारी ओढ़नी बन जाए; क्योंकि हमारे पुरखा और हम भी युवा अवस्था से लेकर आज के दिन तक अपने परमेश्वर यहोवा के विरूद्ध पाप करते आए हैं; और हम ने अपने परमेश्वर यहोवा की बातों को नहीं माना है।
- Ezekiel 21:12 यहेजकेल 21:12हे मनुष्य के सन्तान चिल्ला, और हाय, हाय, कर! क्योंकि वह मेरी प्रजा पर चला चाहती है, वह इस्राएल के सारे प्रधानों पर चला चाहती है; मेरी प्रजा के संग वे भी तलवार के वश में आ गए। इस कारण तू अपनी छाती पीट।
- Luke 18:13 लूका 18:13परन्तु चुंगी लेनेवाले ने दूर खड़े होकर, स्वर्ग की ओर आंख उठाना भी न चाहा, बरन अपनी छाती पीट- पीटकर कहा; हे परमेश्वर मुझ पापी पर दया कर।
- Deuteronomy 30:2 व्यवस्थाविवरण 30:2और अपनी सन्तान सहित अपने सारे मन और सारे प्राण से अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फिरकर उसके पास लौट आए, और इन सब आज्ञाओं के अनुसार जो मैं आज तुझे सुनाता हूं उसकी बातें माने;
- Zechariah 12:10 जकर्याह 12:10और मैं दाऊद के घराने और यरूशलेम के निवासियों पर अपना अनुग्रह करनेवाली और प्रार्थना सिखानेवाली आत्मा उण्डेलूंगा, तब वे मुझे ताकेंगे अर्थात् जिसे उन्हों ने बेधा है, और उसके लिये ऐसे रोएंगे जैसे एकलौते पुत्रा के लिये रोते- पीटते हैं, और ऐसा भारी शोक करेंगे, जैसा पहिलौठे के लिये करते हैं।
- Ephesians 2:3–5 इफिसियों 2:3–5इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे। परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है; अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उस ने हम से प्रेम किया। जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है।)
- Leviticus 26:41–42 लैव्यव्यवस्था 26:41–42इसी कारण वह हमारे विरूद्ध होकर हमें शत्रुओं के देश में ले आया है। यदि उस समय उनका खतनारहित हृदय दब जाएगा और वे उस समय अपने अधर्म के दण्ड को अंगीकार करेगें; तब जो वाचा मैं ने याकूब के संग बान्धी थी उसको मैं स्मरण करूंगा, और जो वाचा मैं ने इसहाक से और जो वाचा मैं ने इब्राहीम से बान्धी थी उनको भी स्मरण करूंगा, और इस देश को भी मैं स्मरण करूंगा।
- Psalm 25:7 भजन संहिता 25:7हे यहोवा अपनी भलाई के कारण मेरी जवानी के पापों और मेरे अपराधों को स्मरण न कर; अपनी करूणा ही के अनुसार तू मुझे स्मरण कर।।
- Ezra 9:6 एज्रा 9:6हे मेरे परमेश्वर! मुझे तेरी ओर अपना मुंह उठाते लाज आती है, और हे मेरे परमेश्वर! मेरा मुंह काला है; क्योंकि हम लोगों के अधर्म के काम हमारे सिर पर बढ़ गए हैं, और हमारा दोष बढते आकाश तक पहुंचा है
- 2 Corinthians 7:10–11 2 कुरिन्थियों 7:10–11क्योंकि परमेश्वर- भक्ति का शोक ऐसा पश्चाताप उत्पन्न करता है जिस का परिणाम उद्धार है और फिर उस से पछताना नहीं पड़ता: परन्तु संसारी शोक मृत्यु उत्पन्न करता है। सो देखो, इसी बात से कि तुम्हेें परमेश्वर- भक्ति का शोक हुआ तुम में कितनी उत्तेजना और प्रत्यत्तर और रिस, और भय, और लालसा, और धुन और पलआ लेने का विचार उत्पन्न हुआ? तुम ने सब प्रकार से यह सिद्ध कर दिखाया, कि तुम इस बात में निर्दोष हो।
- Romans 6:21 रोमियों 6:21सो जिन बातों से अब तुम लज्जित होते हो, उन से उस समय तुम क्या फल पाते थे?
Original words (Hebrew)
- after · H310אַחַר ʼachar
- turned · H7725שׁוּב shûwb
- repented · H5162נָחַם nâcham
- after · H310אַחַר ʼachar
- instructed · H3045יָדַע yâdaʻ
- smote · H5606סָפַק çâphaq
- thigh · H3409יָרֵךְ yârêk
- ashamed · H954בּוּשׁ bûwsh
- confounded · H3637כָּלַם kâlam
- bear · H5375נָשָׂא nâsâʼ
- reproach · H2781חֶרְפָּה cherpâh
- youth · H5271נָעוּר nâʻûwr