Ephesians · chapter 2 · verse 3
Ephesians 2:3 in Hindi
इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे।
In mem ham bhee sab ke sab pahile apane shareer kee laalasaaom mem din bitaate the, aur shareer, aur man kee manasaaem pooree karate the, aur aur logom ke samaan svabhaav hee se krodh kee santaan the.
Ephesians 2:3 in English
- King James Version (KJV)
- Among whom also we all had our conversation in times past in the lusts of our flesh, fulfilling the desires of the flesh and of the mind; and were by nature the children of wrath, even as others.
- World English Bible (WEB)
- We also all once lived among them in the lusts of our flesh, doing the desires of the flesh and of the mind, and were by nature children of wrath, even as the rest.
- American Standard Version (ASV)
- among whom we also all once lived in the lusts of our flesh, doing the desires of the flesh and of the mind, and were by nature children of wrath, even as the rest:—
- Bible in Basic English (BBE)
- Among whom we all at one time were living in the pleasures of our flesh, giving way to the desires of the flesh and of the mind, and the punishment of God was waiting for us even as for the rest.
- Darby Translation (DBY)
- among whom we also all once had our conversation in the lusts of our flesh, doing what the flesh and the thoughts willed to do, and were children, by nature, of wrath, even as the rest:
- Webster's Bible (WBS)
- Among whom also we all had our manner of life in times past in the lusts of our flesh, fulfilling the desires of the flesh and of the mind; and were by nature the children of wrath, even as others.
- Young's Literal Translation (YLT)
- among whom also we all did walk once in the desires of our flesh, doing the wishes of the flesh and of the thoughts, and were by nature children of wrath — as also the others,
Read in context
- 1और उस ने तुम्हें भी जिलाया, जो अपने अपराधों और पापों के कारण मरे हुए थे।
- 2जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात् उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न माननेवालों में कारर्य करता है।
- 3इन में हम भी सब के सब पहिले अपने शरीर की लालसाओं में दिन बिताते थे, और शरीर, और मन की मनसाएं पूरी करते थे, और और लोगों के समान स्वभाव ही से क्रोध की सन्तान थे।
- 4परन्तु परमेश्वर ने जो दया का धनी है; अपने उस बड़े प्रेम के कारण, जिस से उस ने हम से प्रेम किया।
- 5जब हम अपराधों के कारण मरे हुए थे, तो हमें मसीह के साथ जिलाया; (अनुग्रह ही से तुम्हारा उद्धार हुआ है।)
Cross references
- Titus 3:3 तीतुस 3:3क्योंकि हम भी पहिले, निर्बुद्धि, और आज्ञा न माननेवाले, और भ्रम में पड़े हुए, और रंग रंग के अभिलाषाओं और सुखविलास के दासत्व में थे, और बैरभाव, और डाह करने में जीवन निर्वाह करते थे, और घृणित थे, और एक दूसरे से बैर रखते थे।
- Galatians 5:16–24 गलातियों 5:16–24पर मैं कहता हूं, आत्मा के अनुसार चलो, तो तुम शरीर की लालसा किसी रीति से पूरी न करोगे। क्योंकि शरीर आत्मा के विरोध में लालसा करती है, और ये एक दूसरे के विरोधी हैं; इसलिये कि जो तुम करना चाहते हो वह न करने पाओ। और यदि तुम आत्मा के चलाए चलते हो तो व्यवस्था के आधीन न रहे। शरीर के काम तो प्रगट हैं, अर्थात् व्यभिचार, गन्दे काम, लुचपन। मूत्ति पूजा, टोना, बैर, झगड़ा, ईर्ष्या, क्रोध, विरोध, फूट, विधर्म। डाह, मलवालापन, लीलाक्रीड़ा, और इन के ऐसे और और काम हैं, इन के विषय में मैं तुम को पहिले से कह देता हूं जैसा पहिले कह भी चुका हूं, कि ऐसे ऐसे काम करनेवाले परमेश्वर के राज्य के वारिस न होंगे। पर आत्मा का फल प्रेम, आनन्द, मेल, धीरज, और कृपा, भालाई, विश्वास, नम्रता, और संयम हैं; ऐसे ऐसे कामों के विरोध में कोई व्यवस्था नहीं। और जो मसीह यीशु के हैं, उन्हों ने शरीर को उस की लालसाओं और अभिलाषों समेत क्रूस पर चढ़ा दिया है।।
- Ephesians 4:22 इफिसियों 4:22कि तुम अगले चालचलन के पुराने मनुष्यत्व को जो भरमानेवाली अभिलाषाओं के अनुसार भ्रष्ट होता जाता है, उतार डालो।
- 1 Peter 1:14 1 पतरस 1:14और आज्ञाकारी बालकों की नाईं अपनी अज्ञानता के समय की पुरानी अभिलाषाओं के सदृश न बनो।
- Romans 13:14 रोमियों 13:14बरन प्रभु यीशु मसीह को पहिन लो, और शरीर के अभिलाषों को पूरा करने का उपाय न करो।।
- Romans 6:12 रोमियों 6:12इसलिये पाप तुम्हारे मरनहार शरीर में राज्य न करे, कि तुम उस की लालसाओं के अधीन रहो।
- Psalm 51:5 भजन संहिता 51:5देख, मैं अधर्म के साथ उत्पन्न हुआ, और पाप के साथ अपनी माता के गर्भ में पड़ा।।
- 1 Corinthians 6:9–11 1 कुरिन्थियों 6:9–11क्या तुम नहीं जानते, कि अन्यायी लोग परमेश्वर के राज्य के वारिस न होंगे? धोखा न खाओ, न वेश्यागामी, न मूत्तिपूजक, न परस्त्रीगामी, न लुच्चे, न पुरूषगामी। न चोर, न लोभी, न पियक्कड़, न गाली देनेवाले, न अन्धेर करनेवाले परमेश्वर के राज्य के वारिस होंगे। और तुम में से कितने ऐसे ही थे, परन्तु तुम प्रभु यीशु मसीह के नाम से और हमारे परमेश्वर के आत्मा से धोए गए, और पवित्रा हुए और धर्मी ठहरे।।
- 1 John 2:16 1 यूहन्ना 2:16क्योंकि जो कुछ संसार में है, अर्थात् शरीर की अभिलाषा, और आंखों की अभिलाषा और जीविका का घमण्ड, वह पिता की ओर से नहीं, परन्तु संसार ही की ओर से है।
- Romans 8:7–8 रोमियों 8:7–8क्योंकि शरीर पर मन लगाना तो परमेश्वर से बैर रखना है, क्योंकि न तो परमेश्वर की व्यवस्था के अधीन है, और न हो सकता है। और जो शारीरिक दशा में है, वे परमेश्वर को प्रसन्न नहीं कर सकते।
- Ephesians 4:17–19 इफिसियों 4:17–19इसलिये मैं यह कहता हूं, और प्रभु में जताए देता हूं कि जैसे अन्यजातीय लोग अपने मन की अनर्थ की रीति पर चलते हैं, तुम अब से फिर ऐसे न चलो। क्योंकि उनकी बुद्धि अन्धेरी हो गई है और उस अज्ञानता के कारण जो उन में है और उनके मन की कठोरता के कारण वे परमेश्वर के जीवन से अलग किए हुए हैं। और वे सुन्न होकर, लुचपन में लग गए हैं, कि सब प्रकार के गन्दे काम लालसा से किया करें।
- Ephesians 2:2 इफिसियों 2:2जिन में तुम पहिले इस संसार की रीति पर, और आकाश के अधिकार के हाकिम अर्थात् उस आत्मा के अनुसार चलते थे, जो अब भी आज्ञा न माननेवालों में कारर्य करता है।
Original words (Greek)
- Among · G1722ἐν en
- whom · G3739ὅς hós
- also · G2532καί kaí
- we · G2249ἡμεῖς hēmeîs
- all · G3956πᾶς pâs
- conversation · G390ἀναστρέφω anastréphō
- past · G4218ποτέ poté
- in · G1722ἐν en
- lusts · G1939ἐπιθυμία epithymía
- our · G2257ἡμῶν hēmōn
- flesh · G4561σάρξ sárx
- fulfilling · G4160ποιέω poiéō
- desires · G2307θέλημα thélēma
- flesh · G4561σάρξ sárx
- and · G2532καί kaí
- mind · G1271διάνοια diánoia
- and · G2532καί kaí
- were · G1510εἰμί eimí
- nature · G5449φύσις phýsis
- children · G5043τέκνον téknon
- wrath · G3709ὀργή orgḗ
- even · G2532καί kaí
- as · G5613ὡς hōs
- others · G3062λοιποί loipoí