Romans · chapter 6 · verse 21
Romans 6:21 in Hindi
सो जिन बातों से अब तुम लज्जित होते हो, उन से उस समय तुम क्या फल पाते थे?
So jin baatom se ab tum lajjit hote ho, un se us samay tum kyaa phal paate the?
Romans 6:21 in English
- King James Version (KJV)
- What fruit had ye then in those things whereof ye are now ashamed? for the end of those things [is] death.
- World English Bible (WEB)
- What fruit then did you have at that time in the things of which you are now ashamed? For the end of those things is death.
- American Standard Version (ASV)
- What fruit then had ye at that time in the things whereof ye are now ashamed? for the end of those things is death.
- Bible in Basic English (BBE)
- What fruit had you at that time in the things which are now a shame to you? for the end of such things is death.
- Darby Translation (DBY)
- What fruit therefore had ye then in the things of which ye are now ashamed? for the end of them [is] death.
- Webster's Bible (WBS)
- What fruit had ye then in those things of which ye are now ashamed? for the end of those things [is] death.
- Young's Literal Translation (YLT)
- what fruit, therefore, were ye having then, in the things of which ye are now ashamed? for the end of those [is] death.
Read in context
- 19मैं तुम्हारी शारीरिक दुर्बलता के कारण मनुष्यों की रीति पर कहता हूं, जैसे तुम ने अपने अंगो को कुकर्म के लिये अशुद्धता और कुकर्म के दास करके सौंपा था, वैसे ही अब अपने अंगों को पवित्राता के लिये धर्म के दास करके सौंप दो।
- 20जब तुम पाप के दास थे, तो धर्म की ओर से स्वतंत्रा थे।
- 21सो जिन बातों से अब तुम लज्जित होते हो, उन से उस समय तुम क्या फल पाते थे?
- 22क्योंकि उन का अन्त तो मृत्यु है परन्तु अब पाप से स्वतंत्रा होकर और परमेश्वर के दास बनकर तुम को फल मिला जिस से पवित्राता प्राप्त होती है, और उसका अन्त अनन्त जीवन है।
- 23क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का बरदान हमारे प्रभु यीशु मसीह में अनन्त जीवन है।।
Cross references
- Romans 1:32 रोमियों 1:32वे तो परमेश्वर की यह विधि जानते हैं, कि ऐसे ऐसे काम करनेवाले मुत्यु के दण्ड के योग्य हैं, तौभी न केवल आप ही ऐसे काम करते हैं, बरन करनेवालों से प्रसन्न भी होते हैं।।
- Romans 7:5 रोमियों 7:5क्योंकि जब हम शारीरिक थे, तो पापों की अभिलाषायें जो व्यवस्था के द्वारा थी, मृत्यु का फल उत्पन्न करने के लिये हमारे अंगों में काम करती थीं।
- Romans 6:23 रोमियों 6:23क्योंकि पाप की मजदूरी तो मृत्यु है, परन्तु परमेश्वर का बरदान हमारे प्रभु यीशु मसीह में अनन्त जीवन है।।
- Galatians 6:7–8 गलातियों 6:7–8धोखा न खाओ, परमेश्वर ठट्ठों में नहीं उड़ाया जाता, क्योंकि मनुष्य जो कुछ बोता है, वही काटेगा। क्योंकि जो अपने शरीर के लिये बोता है, वह शरीर के द्वारा विनाश की कटनी काटेगा; और जो आत्मा के लिये बोता है, वह आत्मा के द्वारा अनन्त जीवन की कटनी काटेगा।
- Proverbs 14:12 नीतिवचन 14:12ऐसा मार्ग है, जो मनुष्य को ठीक देख पड़ता है, परन्तु उसके अन्त में मृत्यु ही मिलती है।
- Jeremiah 8:12 यिर्मयाह 8:12कया वे घृणित काम करके लज्जित हुए? नहीं, वे कुछ भी लज्जित नहीं हुए, वे लज्जित होना जानते ही नहीं। इस कारण जब और लेग नीचे गिरें, तब वे भी गिरेंगे; जब उनके दण्ड का समय आएगा, तब वे भी ठोकर खाकर गिरेंगे, यहोवा का यही वचन है।
- Proverbs 16:25 नीतिवचन 16:25ऐसा भी मार्ग है, जो मनुष्य को सीधा देख पड़ता है, परन्तु उसके अन्त में मृत्यु ही मिलती है।
- 1 John 2:28 1 यूहन्ना 2:28निदान, हे बालको, उस में बने रहो; कि जब वह प्रगट हो, तो हमें हियाव हो, और हम उसके आने पर उसके साम्हने लज्जित न हों।
- Jeremiah 17:10 यिर्मयाह 17:10मैं यहोवा मन की खोजता और हृदय को जांचता हूँ ताकि प्रत्येक जन को उसकी चाल- चलन के अनुसार अर्थात् उसके कामों का फल दूं।
- Hebrews 6:8 इब्रानियों 6:8पर यदि वह झाड़ी और ऊंटकटारे उगाती है, तो निकम्मी और स्रापित होने पर है, और उसका अन्त जलाया जाना है।।
- Daniel 12:2 दानिय्येल 12:2और जो भूमि के नीचे सोए रहेंगे उन में से बहुत से लोग जाग उठेंगे, कितने तो सदा के जीवन के लिये, और कितने अपनी नामधराई और सदा तक अत्यन्त घिनौने ठहरने के लिये।
- Romans 8:13 रोमियों 8:13क्योंकि यदि तुम शरीर के अनुसार दिन काटोगे, तो मरोगे, यदि आत्मा से देह की क्रियाओं को मारोगे, तो जीवित रहोगे।
Original words (Greek)
- What · G5101τίς tís
- fruit · G2590καρπός karpós
- ye · G2192ἔχω échō
- then · G5119τότε tóte
- in · G1909ἐπί epí
- whereof · G3739ὅς hós
- are · G1870ἐπαισχύνομαι epaischýnomai
- now · G3568νῦν nŷn
- ashamed · G1870ἐπαισχύνομαι epaischýnomai
- for · G1063γάρ gár
- end · G5056τέλος télos
- things · G1565ἐκεῖνος ekeînos
- death · G2288θάνατος thánatos